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जीतन राम मांझी ने चला बड़ा दांव, हर जिले में आयोजित करेंगे 'गरीब चौपाल'

बिहार में केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी सामाजिक न्याय की नई पहल शुरू करने जा रहे हैं। वह प्रदेश के सभी जिलों में 'गरीब चौपाल' लगाएंगे।

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संजय सिंह, पटना। केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी की पार्टी हिंदुस्तानी अवाम मोर्चा (हम) ने बिहार की राजनीति में जमीनी हस्तक्षेप को और मजबूत करने का ऐलान किया है। पार्टी अब राज्य के हर जिले में ‘गरीब चौपाल’ आयोजित करेगी, जहां सीधे तौर पर दलितों, गरीबों और वंचित तबकों की समस्याएं सुनी जाएंगी और उनके समाधान की दिशा में पहल की जाएगी। इस अभियान को महज एक राजनीतिक कार्यक्रम नहीं, बल्कि सामाजिक न्याय की नई पहल के रूप में पेश किया जा रहा है।

जमीन स्तर पर चलाया जाएगा अभियान

रविवार को पटना के श्रीकृष्ण मेमोरियल हॉल में आयोजित भव्य आंबेडकर जयंती समारोह में हम के राष्ट्रीय अध्यक्ष संतोष कुमार सुमन ने इस अभियान की घोषणा करते हुए कहा कि वे स्वयं राज्य के प्रत्येक जिले का दौरा करेंगे। उन्होंने स्पष्ट शब्दों में कहा कि यह केवल घोषणा नहीं है, बल्कि जमीनी स्तर पर चलाया जाने वाला अभियान है, जिसका उद्देश्य अंतिम पायदान पर खड़े व्यक्ति तक न्याय और समाधान पहुंचाना है।

चौपाल बनेगा संवाद का जरिया 

सुमन ने कहा कि चौपाल के माध्यम से पार्टी सीधे लोगों से संवाद स्थापित करेगी, उनकी समस्याओं को समझेगी और प्रशासनिक स्तर पर उनके निराकरण के लिए ठोस कदम उठाएगी। समारोह का उद्घाटन करते हुए पार्टी के संस्थापक जीतन राम मांझी ने शिक्षा और राजनीतिक भागीदारी को विकास की कुंजी बताया। उन्होंने कहा कि जब तक समाज के हर वर्ग को समान और गुणवत्तापूर्ण शिक्षा नहीं मिलेगी, तब तक सामाजिक न्याय अधूरा रहेगा। मांझी ने जोर देकर कहा कि शिक्षा ही वह ताकत है, जो समाज के सबसे कमजोर वर्ग को भी सशक्त बना सकती है और उसे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक करती है।

 

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छुआछूत विकास में सबसे बड़ी बाधा

उन्होंने समाज के भीतर व्याप्त ऊंच-नीच और छुआछूत जैसी कुरीतियों को विकास में सबसे बड़ी बाधा बताया। मांझी ने दलित और वंचित समाज से अपील की कि वे इन सामाजिक बुराइयों को समाप्त कर एकजुटता का परिचय दें। उन्होंने भीमराव अंबेडकर के विचारों का हवाला देते हुए कहा कि “शूद्र वह है, जो शिक्षा से वंचित है,” और इसीलिए शिक्षा को हर घर तक पहुंचाना समय की सबसे बड़ी जरूरत है।

 

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कार्यक्रम के अंत में पार्टी के सभी नेताओं और कार्यकर्ताओं ने बाबा साहब के आदर्शों पर चलने और समाज के अंतिम व्यक्ति के उत्थान के लिए काम करने की शपथ ली। इस अवसर पर पार्टी के राष्ट्रीय प्रधान महासचिव राजेश पांडेय और राष्ट्रीय मुख्य प्रवक्ता श्यामसुंदर शरण ने कार्यक्रम का संचालन किया। राजनीतिक विश्लेषकों के मुताबिक, हम पार्टी का यह कदम आगामी समय में बिहार की राजनीति में नई हलचल पैदा कर सकता है। ‘गरीब चौपाल’ के जरिए पार्टी न सिर्फ अपने जनाधार को मजबूत करने की कोशिश करेगी, बल्कि जमीनी मुद्दों को सीधे उठाकर खुद को वंचित वर्गों की सशक्त आवाज के रूप में स्थापित करने की रणनीति पर भी काम कर रही है।

 

 


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