logo

मूड

ट्रेंडिंग:

पत्नी का किसी और से चल रहा था अफेयर, दुखी पति ने झील में कूदकर दे दी जान

हैदराबाद में पत्नी के अफेयर और धोखे से तंग आकर एक पति ने अपनी जान दे दी। अब पुलिस ने इस मामले में पत्नी और उसके प्रेमी को गिरफ्तार करके जेल भेज दिया है।

AI Generated Image

प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

शेयर करें

google_follow_us

तेलंगाना की राजधानी हैदराबाद के बाचुपल्ली में रहने वाले 36 साल के एस सीताराम रेड्डी ने अपनी पत्नी और उसके प्रेमी के बर्ताव से तंग आकर 8 फरवरी 2026 को हुसैन सागर झील में कूदकर अपनी जान दे दी। इस मामले में बाचुपल्ली पुलिस ने कार्रवाई करते हुए 21 अप्रैल को मृतक की 30 साल की पत्नी और उसके 35 साल के प्रेमी एम रमना रेड्डी को पति को खुदकुशी के लिए उकसाने के आरोप में गिरफ्तार कर लिया है।

 

सीताराम के पिता वेंकटेश्वर रेड्डी ने पुलिस में शिकायत दर्ज कराई थी कि उनके बेटे ने यह कदम अपनी पत्नी और उसके प्रेमी के कारण उठाया है। पकड़े गए आरोपियों में मृतक की पत्नी और शमशाबाद में रेस्टोरेंट चलाने वाला एम रमना रेड्डी शामिल है। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया है।

 

यह भी पढ़ें: बिहार में जमीन की रजिस्ट्री होगी आसान, डिजिटल किए जाएंगे पुराने दस्तावेज

प्राइवेट वीडियो का विवाद

सीताराम को अपनी पत्नी और रमना रेड्डी के अफेयर के बारे में पता चल गया था। 19 सितंबर 2025 को प्रेमी रमना रेड्डी ने महिला के कुछ प्राइवेट वीडियो इंस्टाग्राम पर डाल दिए थे। इस घटना के बाद सीताराम और उनकी पत्नी ने शमशाबाद पुलिस स्टेशन में शिकायत की थी, जिसके बाद रमना रेड्डी की गिरफ्तारी भी हुई थी। इसके बाद पत्नी कुछ समय मायके में रही और नवंबर 2025 में वापस सीताराम के पास रहने आ गई थी।

फिर से लापता हुई पत्नी

24 जनवरी 2026 को जब सीताराम घर पर नहीं थे, तब उनकी पत्नी बिना बताए फिर से कहीं चली गई। उसी दिन सीताराम ने बाचुपल्ली थाने में पत्नी की मिंसीग की रिपोर्ट लिखवाई थी। पत्नी के बार-बार के इस व्यवहार और मानसिक परेशानी के वजह से 8 फरवरी को सीताराम ने सुसाइड कर लिया। उन्होंने मरने से पहले व्हाट्सएप स्टेटस पर इसका मैसेज दिया था और 9 फरवरी को झील से उनका शव मिला।

 

यह भी पढ़ें: यूनिवर्सिटी में 33 करोड़ की किताब खरीद का घोटाला? खरीद डाली पिता कि लिखी किताबें

गिरफ्तार हुए आरोपी 

शुरुआत में लेक पुलिस ने बीएनएस की धारा 108 के तहत केस दर्ज किया था, जिसे बाद में बाचुपल्ली पुलिस को सौंप दिया गया। बाचुपल्ली इंस्पेक्टर सी सतीश कुमार ने बताया कि पूरी जांच और सबूतों को इक्ट्ठा करने के बाद 21 अप्रैल को दोनों को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने इस पूरे मामले की हर छोटी-बड़ी जानकारी की रिकॉर्ड में शामिल कर लिया है ताकि आरोपियों को सजा मिल सके।

 

Related Topic:#State News

और पढ़ें