उत्तर प्रदेश के नोएडा में यमुना एक्सप्रेसवे पर एसी बस में आग लग गई थी। इस घटना को लेकर सोशल मीडिया पर कुछ भ्रामक और फेक जानकारी शेयर की गई। एक्स प्लेटफॉर्म पर यह दावा करने वाली महिला के खिलाफ पुलिस स्टेशन में मुकदमा दर्ज किया गया। भ्रामक बातें फैलाने वाली महिला ने दावा किया कि इस घटना में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) के कार्यकर्ता शामिल थे। पुलिस के अनुसार, एक पोस्ट में आरोपी महिला ने दावा किया था कि बस में 30 लोगों ने जान गंवाई थी। इसके अलावा महिला ने दावा किया कि बस में सिर्फ मुस्लिम और ईसाई धर्म के लोग बैठे थे, जिनकी मौत हो गई। इसे लेकर महिला ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ के कार्यकर्ताओं को जिम्मेदार ठहराया। साइबर क्राइम पुलिस इस मामले की जांच कर रही है।
नोएडा के यमुना एक्सप्रेसवे पर 23 सितंबर को एक बस में आग लग गई थी। बस के अंदर फंसे 9 लोगों की जलने की वजह से जान चली गई। इसी घटना को लेकर सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर कई भ्रामक बातें लोगों ने पोस्ट की थीं। यमुना एक्सप्रेसवे पर एक डबल डेकर बस में आग लग गई थी, जिसमें 9 लोगों की जलने या दम घुटने की वजह से मौत हो गई थी। पुलिस ने शुक्रवार को जानकारी दी कि फेक जानकारी फैलाने वाली महिला के खिलाफ मुकदमा दर्ज किया गया है।
यह भी पढ़ें: 'अय्याशी करता था, पैसे नहीं देता था', विनीत मिनोचा के बेटे ने बताई हत्या की वजह
सोशल मीडिया पर फैलाई फेक जानकारी
इस मामले को लेकर पुलिस उपायुक्त शैव्या गोयल ने बताया कि साइबर क्राइम थाने में उपनिरीक्षक सुमित कुमार ने शिकायत दर्ज कराई है, जिसमें उन्होंने बताया कि इस मामले को लेकर एक्स हैंडल के जरिए फेक जानकारी फैलाई गई। सुमित कुमार के मुताबिक, ‘एक्स’ पर रूमा खातून नामक महिला ने घटना को कथित रूप से बढ़ा-चढ़ाकर बताया था। पुलिस के अनुसार, पोस्ट में दावा किया गया कि यमुना एक्सप्रेसवे पर बीजेपी और संघ के लोगों ने बस में आग लगाई है। साथ ही दावा किया गया कि इस घटना में कम से कम 30 यात्रियों की मौत हुई।
इसके अलावा रूमा खातून ने दावा किया कि सभी मृतक मुस्लिम और ईसाई यात्री थे। इसके बाद रूमा ने पोस्ट के जरिए प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
को लेकर कथित तौर पर असोभनीय भाषा का इस्तेमाल किया। इसके साथ ही सुमित कुमार ने बताया कि इस तरह की भ्रामक और भड़काऊ भाषा से समाज में आक्रोश पैदा हो सकता है। साथ ही भ्रामक जानकारी की वजह से लोगों का भरोसा प्रशासन से उठ सकता है। इसलिए महिला के खिलाफ जांच की जा रही है।
यह भी पढ़ें: तमिलनाडु के हॉस्टलों में मिलेगा बीफ? छात्रों की मांग पर मचा बवाल
9 लोगों ने गंवाई जान
नोएडा में जब बस में आग लगी थी, तब उस बस में कुल 35 यात्री बैठे हुए थे। इनमें से 20 लोगों को रेस्क्यू किया गया था, जबकि 9 लोगों की आग में जलने से मौत हो गई। मृतकों में 8 पुरुष थे, जबकि 1 महिला थी। यह बस दिल्ली के कश्मीरी गेट से रात 9:30 बजे महोबा के लिए निकली थी। लगभग रात 11:30 बजे बस में आग लग गई।