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UP की बसों में आजीवन मुफ्त यात्रा कर सकेंगी 60 साल से ज्यादा उम्र की महिलाएं

यूपी कैबिनेट की बैठक में मंगलवार को मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ से 60 या उससे अधिक उम्र की महिलाओं को मुफ्त बस यात्रा की सुविधा देने का एलान किया गया है।

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योगी आदित्यनाथ, Photo Credit: Social Media

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मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में मंगलवार को हुई उत्तर प्रदेश कैबिनेट की बैठक में 24 अहम प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। बैठक में वरिष्ठ महिलाओं को बड़ी राहत देते हुए 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाओं के लिए उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की बसों में आजीवन निशुल्क यात्रा की सुविधा देने का फैसला किया गया। इसके अलावा बुंदेलखंड को एक्सप्रेसवे नेटवर्क से जोड़ने के लिए 7,968.30 करोड़ रुपये की लागत से 106.30 किलोमीटर लंबे झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के निर्माण को भी मंजूरी दी गई।

 

कैबिनेट ने लोकमाता अहिल्याबाई मातृशक्ति योजना को मंजूरी दी है। इसके तहत प्रदेश की 60 वर्ष या उससे अधिक उम्र की महिलाएं उत्तर प्रदेश राज्य सड़क परिवहन निगम की सभी बसों में आजीवन बिना किराया यात्रा कर सकेंगी। योजना का लाभ लेने के लिए महिलाओं को अपनी उम्र और पहचान प्रमाणित करने के लिए आधार कार्ड या मतदाता पहचान पत्र दिखाना होगा। सरकार का अनुमान है कि इससे प्रदेश की एक करोड़ से अधिक महिलाओं को लाभ मिल सकता है। सरकार का कहना है कि योजना से बुजुर्ग महिलाओं को प्रदेश में आवागमन के लिए आर्थिक राहत मिलेगी और वे अपने जरूरी काम, रिश्तेदारों से मिलने तथा धार्मिक और सामाजिक यात्राओं के लिए आसानी से यात्रा कर सकेंगी।

7,968 करोड़ से बनेगा झांसी लिंक एक्सप्रेसवे

कैबिनेट ने उत्तर प्रदेश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क को और मजबूत करने के लिए झांसी लिंक एक्सप्रेसवे परियोजना को भी मंजूरी दी है। इस परियोजना पर अनुमानित 7,968.30 करोड़ रुपये खर्च होंगे और पूरी लागत राज्य सरकार वहन करेगी। 106.30 किलोमीटर लंबा यह ग्रीनफील्ड एक्सप्रेसवे बुंदेलखंड एक्सप्रेसवे के चैनेज 170+300 पर जालौन जिले के फूलपुरा गांव के पास से शुरू होकर उत्तर-दक्षिण कॉरिडोर के रूप में राष्ट्रीय राजमार्ग-44 पर अंबाबाई, झांसी तक जाएगा।

 

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झांसी लिंक एक्सप्रेसवे को शुरुआत में प्रवेश नियंत्रित छह लेन एक्सप्रेसवे के रूप में विकसित किया जाएगा। भविष्य में इसे आठ लेन तक विस्तारित करने की व्यवस्था रखी जाएगी। परियोजना की डिजाइन गति 120 किलोमीटर प्रति घंटा तय की गई है। यह एक्सप्रेसवे जालौन जिले के उरई क्षेत्र के साथ झांसी की गरौठा, टहरौली, मोठ और झांसी प्रथम तहसीलों से होकर गुजरेगा। इसके निर्माण के लिए 110 मीटर चौड़ा राइट ऑफ वे अधिग्रहित किया जाएगापरियोजना के वित्तीय मूल्यांकन के बाद इसे सार्वजनिक-निजी भागीदारी के बजाय ईपीसी यानी इंजीनियरिंग, प्रोक्योरमेंट एंड कंस्ट्रक्शन पद्धति से विकसित करने का फैसला किया गया है। निर्माण कार्य दो पैकेज में कराया जाएगा।

बुंदेलखंड के उद्योग और रक्षा क्षेत्र को मिलेगा फायदा

झांसी लिंक एक्सप्रेसवे बनने से गरौठा के पास विकसित हो रहे डिफेंस इंडस्ट्रियल कॉरिडोर नोड और बुंदेलखंड औद्योगिक विकास प्राधिकरण क्षेत्र को देश के एक्सप्रेसवे नेटवर्क से सीधी हाई-स्पीड कनेक्टिविटी मिलेगी।इससे क्षेत्र में औद्योगिक गतिविधियों, माल परिवहन और निवेश को बढ़ावा मिलने की उम्मीद है। बुंदेलखंड के पिछड़े माने जाने वाले इलाकों को बेहतर सड़क संपर्क मिलने से रोजगार और आर्थिक गतिविधियों को भी गति मिल सकती है। नए एक्सप्रेसवे का लाभ सिर्फ औद्योगिक क्षेत्र तक सीमित नहीं रहेगा। झांसी किला, ओरछा का श्रीरामराजा मंदिर, दतिया पीतांबरा पीठ और सोनागिर जैन तीर्थ जैसे प्रमुख धार्मिक और ऐतिहासिक स्थलों तक पहुंच भी आसान और सुरक्षित होने की उम्मीद है।

 

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24 प्रस्तावों पर कैबिनेट की मुहर

मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ की अध्यक्षता में हुई बैठक में कुल 24 प्रस्तावों को मंजूरी दी गई। इनमें वरिष्ठ महिलाओं के लिए मुफ्त बस यात्रा और झांसी लिंक एक्सप्रेसवे जैसी योजनाएं प्रमुख हैं। सरकार की ओर से अन्य स्वीकृत प्रस्तावों का विस्तृत ब्योरा भी जारी किया गया है। कैबिनेट के फैसलों से एक तरफ जहां बुजुर्ग महिलाओं को सीधे राहत देने की कोशिश की गई है, वहीं झांसी लिंक एक्सप्रेसवे के जरिए बुंदेलखंड के औद्योगिक, धार्मिक और परिवहन नेटवर्क को मजबूत करने पर जोर दिया गया है।


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