वैश्विक ईंधन संकट के बीच उत्तर प्रदेश सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। श्रम विभाग की बैठक में सप्ताह में दो दिन वर्क फ्रॉम होम का निर्णय लिया गया है। औद्योगिक इकाइयों के अलावा प्रदेश के बड़े संस्थानों में यह व्यवस्था लागू होगी। दफ्तरों को अलग-अलग शिफ्ट में खोला जाएगा।
एनडीटीवी की रिपोर्ट के मुताबिक रविवार को श्रम विभाग ने बैठक की। इसमें दो दिन घर से काम करने का निर्णय लिया गया। कुछ दिन पहले ही प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने लोगों से ईंधन बचाने और घर से काम करने की अपील की थी। इसी संबंध में यूपी सरकार ने यह बड़ा फैसला लिया है।
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बैठक में सार्वजनिक परिवहन को अधिक से अधिक इस्तेमाल करने और दफ्तरों को अलग-अलग शिफ्ट में खोलने पर विशेष बल दिया गया है। बता दें कि 13 मई को सीएम योगी आदित्यनाथ ने एक अहम बैठक की थी। इसमें 50 से अधिक कर्मचारी वाली कंपनियों में दो दिन घर से काम करने को कहा गया था।
दिल्ली में भी वर्क फ्रॉम होम
यूपी से पहले दिल्ली सरकार ने भी प्राइवेट कंपनियों को हफ्ते में दो दिन का वर्क फ्रॉम होम अपनाने की सलाह दी है। उनसे अलग-अलग शिफ्ट में दफ्तर खोलने और सार्वजनिक परिवहन को बढ़ावा देने का आग्रह किया। इसके अलावा दिल्ली में सरकारी कर्मचारियों के लिए वर्क फ्रॉम होम और सार्वजनिक परिवहन का इस्तेमाल करना अनिवार्य है।
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ईरान युद्ध ने बढ़ाई चुनौती
बता दें कि ईरान युद्ध की वजह से स्ट्रेट ऑफ होर्मुज बंद है। यहां से वैश्विक ईंधन का करीब 20 फीसद हिस्सा गुजरता है। मगर युद्ध होने के बाद से इसमें व्यवधान पैदा हुआ है। दुनियाभर के देश तेल और गैस संकट से जूझ रहे हैं। कुछ देशों ने अपने यहां राशनिंग प्रणाली लागू कर दी है। वहीं भारत सरकार ने अभी तक लोगों से ईंधन बचाने और सार्वजनिक परिवहन के इस्तेमाल की अपील की है।