बिहार के फेमस यूट्यूबर मनी मेराज उर्फ रामदी मेराज आलम को इलाहाबाद हाई कोर्ट से जमानत मिल गई है। लाइव लॉ की रिपोर्ट के मुताबिक पीड़िता खुद ही हाई कोर्ट के समक्ष पेश हुई। उन्होंने हाथ से लिखा बयान जमा करवाया, जिसमें आपसी समझौते की बात लिखी थी। इसके बाद जस्टिस गौतम चौधरी की पीठ ने मनी मेराज को जमानत पर रिहा करने का आदेश दिया। पिछले साल मनी मेराज पर एक युवती ने दुष्कर्म, मारपीट और जबरन गर्भपात का आरोप लगाया था।
पीड़िता ने अपने बयान में अदालत को बताया कि आरोपी ने उससे चुपके से शादी की थी। मगर सार्वजनिक तौर पर इसे मानने से इनकार कर दिया। अब उसने विशेष विवाह अधिनियम के तहत एक से दो हफ्ते में शादी करने पर सहमति जताई है।
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मेराज के वकील ने भी अदालत को बताया कि उनका मुवक्किल जमानत पर छूटने के दो हफ्ते के भीतर शादी करने पर राजी है। परिवार ने भी सहमति जताई है। इस आधार पर वकील ने जमानत की अपील की। पीड़िता के वकील ने भी यूट्यूबर की जमानत का विरोध नहीं किया। मगर सरकारी वकील ने तर्क दिया कि अपराध कॉग्निजेबल और गंभीर है। इस कारण उसे जमानत पर रिहा नहीं किया जाना चाहिए।
तमाम दलीलों को सुनने के बाद हाई कोर्ट ने मनी मेराज को व्यक्तिगत मुचलका और दो जमानतदारों के पेश करने के बाद जमानत पर रिहा करने का निर्देश दिया। हालांकि पीड़िता को यह छूट भी दी कि अगर आरोपी दो हफ्ते में शादी नहीं करता है तो वह जमानत रद्द करने की अर्जी दाखिल कर सकती है।
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यूट्यूबर मनी मेराज से जुड़ा यह मामला पिछले साल का है। युवती ने अपने बयान में कहा था कि काम के सिलसिले में दोनों के बीच दोस्ती हुई। आरोपी ने उसके साथ दुष्कर्म किया। कोर्ट मैरिज करने का वादा किया और गर्भपात भी कराया। पिछले साल अक्टूबर महीने में पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर लिया था।