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UP में शिक्षामित्रों का बढ़ेगा मानदेय, टीचर्स का होगा कैशलेस इलाज, योगी का एलान

विधानसभा चुनाव के पहले उत्तर प्रदेश में योगी आदित्यनाथ ने टीचर्स और शिक्षामित्रों के लिए बड़ा एलान किया है। मानदेय बढ़ने के साथ-साथ अब कैशलेस इलाज की भी सुविधा मिलेगी।

Yogi Adityanath

योगी आदित्यनाथ । Photo Credit: PTI

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उत्तर प्रदेश में अगले साल विधानसभा चुनाव होने वाले हैं, उसके पहले मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने शिक्षकों और शिक्षामित्रों के लिए महत्वपूर्ण घोषणाएं की हैं। यह फैसला विधानसभा में बजट सत्र के दौरान किया गया गया, जो दिखाता है कि सरकार चुनाव को लेकर सजग हो गई है।

 

पहली घोषणा मुख्यमंत्री ने शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि किए जाने की की है। मुख्यमंत्री ने स्पष्ट किया कि 1 अप्रैल 2026 से प्रदेश के करीब डेढ़ लाख शिक्षामित्रों को प्रतिमाह 18,000 रुपये का मानदेय मिलेगा। वर्तमान में उन्हें 10,000 रुपये मानदेय मिल रहे हैं, यानी इसमें 8,000 रुपये की सीधी बढ़ोतरी की जा रही है, जो लगभग 80% का इजाफा है। यह कदम इन संविदा कर्मचारियों के लिए आर्थिक राहत लेकर आएगा, जो बेसिक शिक्षा विभाग में लंबे समय से बच्चों को पढ़ाने का काम कर रहे हैं।

 

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इंस्ट्रक्टर्स का भी बढ़ा मानदेय

इसी तरह, अनुदेशकों (इंस्ट्रक्टर्स) का मानदेय भी बढ़ाकर 17,000 रुपये प्रति माह कर दिया गया है। पहले यह राशि काफी कम थी। मुख्यमंत्री ने याद दिलाया कि पिछली सरकारों में इनकी स्थिति बहुत कमजोर थी, जहां उन्हें महज कुछ हजार रुपये ही मिलते थे, लेकिन वर्तमान सरकार ने पहले इनके मानदेय को 10,000 रुपये तक बढ़ाया और अब फिर उनके मानदेय को बढ़ाया है।

टीचर्स का कैशलेस इलाज

इसके अलावा टीचर्स के लिए भी प्रावधान किए गए हैं। सीएम ने टीचर्स  के लिए 5 लाख रुपये तक कैशलेस इलाज की सुविधा उपलब्ध कराई जाएगी, जो उनके स्वास्थ्य सुरक्षा को मजबूत बनाएगी। सीएम कंपोजिट स्कूल योजना के तहत 2,382 करोड़ रुपये के बजट का प्रावधान किया गया है, जिससे स्कूलों का बुनियादी ढांचा और बेहतर होगा। माध्यमिक शिक्षा के इंफ्रास्ट्रक्चर विकास में सरकार 75 प्रतिशत खर्च वहन कर रही है।

लड़कियों के लिए प्रावधान

लड़कियों की शिक्षा और स्वास्थ्य को बढ़ावा देने के लिए सैनिटरी नैपकिन वितरण हेतु 300 करोड़ रुपये की व्यवस्था की गई है, जो स्कूलों में लड़कियों की उपस्थिति बढ़ाने में मददगार साबित होगी। हायर एजुकेशन में विश्वविद्यालयों को रिसर्च के लिए अलग से फंड दिए जाने का प्रावधान भी किया गया है।


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मुख्यमंत्री ने बताया कि पहले प्रदेश की छह कमिश्नरियों में कोई विश्वविद्यालय नहीं था, लेकिन अब इन सभी में विश्वविद्यालय स्थापित कर दिए गए हैं। इससे उच्च शिक्षा की पहुंच ग्रामीण और पिछड़े इलाकों तक बढ़ी है। साथ ही, पेशेंट फाइलिंग (मरीजों की संख्या?) बढ़कर 5,677 हो गई है, जो स्वास्थ्य सेवाओं में सुधार को दर्शाता है।

 

योगी आदित्यनाथ ने जोर देकर कहा कि सरकार शिक्षा और स्वास्थ्य जैसे प्रमुख क्षेत्रों में लगातार काम कर रही है और भविष्य में भी यही प्रतिबद्धता बनी रहेगी।


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