भारत के कुछ राज्यों में बाहर से आने वाले लोगों को प्रवेश करने से पहले एक खास अनुमति लेनी पड़ती है। इस अनुमति को इनर लाइन परमिट (ILP) कहा जाता है। यह परमिट सरकार की ओर से जारी किया जाता है और इसके बिना कुछ क्षेत्रों में प्रवेश की अनुमति नहीं होती।
ILP का मुख्य उद्देश्य इन राज्यों की स्थानीय संस्कृति, परंपराओं और लोगों के हितों की रक्षा करना है। इसके साथ ही इन संवेदनशील क्षेत्रों में बाहर से आने वाले लोगों की आवाजाही पर नजर रखने में भी मदद मिलती है।
किन राज्यों में लागू है ILP?
भारत में इनर लाइन परमिट की व्यवस्था वर्तमान में 4 राज्यों में लागू है अरुणाचल प्रदेश, नागालैंड, मिजोरम और मणिपुर। इन राज्यों में बाहर से आने वाले भारतीय नागरिकों को कुछ क्षेत्रों में प्रवेश के लिए ILP लेना जरूरी होता है। ILP की जरूरत और इसके नियम हर राज्य में अलग-अलग हो सकते हैं। परमिट आमतौर पर तय अवधि के लिए जारी किया जाता है और इसके तहत व्यक्ति को निर्धारित क्षेत्र में ही रहने या यात्रा करने की अनुमति होती है।
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ILP क्यों जरूरी है?
इनर लाइन परमिट का मुख्य उद्देश्य स्थानीय लोगों की संस्कृति, परंपराओं और पहचान की रक्षा करना है। इसके जरिए बाहरी राज्यों से आने वाले लोगों की आवाजाही को नियंत्रित किया जाता है, ताकि स्थानीय समुदायों के हित सुरक्षित रहें। इसके अलावा ILP व्यवस्था संवेदनशील और सीमावर्ती क्षेत्रों में सुरक्षा और प्रशासनिक निगरानी बनाए रखने में भी मदद करती है। इससे सरकार को यह पता रखने में आसानी होती है कि कौन व्यक्ति किस उद्देश्य से संबंधित क्षेत्र में प्रवेश कर रहा है।
ILP कैसे मिलता है?
इनर लाइन परमिट लेने के लिए संबंधित राज्य के आधिकारिक ILP पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन किया जा सकता है। कुछ राज्यों में निर्धारित सरकारी कार्यालय से भी परमिट लेने की सुविधा होती है। आवेदन के दौरान आमतौर पर पहचान पत्र, फोटो, यात्रा की तारीख और यात्रा का उद्देश्य जैसी जानकारी देनी पड़ सकती है। आवेदन और दस्तावेजों की जांच के बाद संबंधित विभाग ILP जारी करता है। परमिट की अवधि और नियम राज्य के अनुसार अलग-अलग हो सकते हैं। इसलिए यात्रा से पहले संबंधित राज्य की आधिकारिक वेबसाइट पर मौजूदा नियमों की जांच करना जरूरी है।
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कैसे बनवाएं इनर लाइन परमिट?
अगर आप अरुणाचल प्रदेश, मिजोरम और नागालैंड घूमने की योजना बना रहे हैं तो भारतीय नागरिकों को इन राज्यों में प्रवेश के लिए ILP की जरूरत पड़ सकती है। अरुणाचल प्रदेश के लिए Tourist eILP ऑनलाइन बनवाया जा सकता है। आधिकारिक पोर्टल पर आवेदन करके पहचान पत्र और फोटो जैसी जानकारी अपलोड करनी होती है। Tourist eILP अधिकतम 14 दिनों के लिए जारी किया जाता है। फिलहाल 3 दिन तक की अवधि के लिए फीस ₹300 और 3 से 14 दिन तक के लिए ₹500 है।
मिजोरम जाने के लिए Temporary ILP लिया जा सकता है। इसके लिए पहचान पत्र और फोटो जैसे दस्तावेजों की जरूरत होती है। सरकारी जानकारी के अनुसार Temporary ILP 15 दिनों के लिए जारी किया जाता है और इसे एक बार आगे बढ़ाया जा सकता है। नागालैंड का ILP भी ऑनलाइन आवेदन करके बनवाया जा सकता है। सरकारी पोर्टल पर आवेदन करने के बाद दस्तावेजों की जांच होती है और स्वीकृति मिलने पर फीस जमा करके ILP कार्ड डाउनलोड किया जा सकता है। Tourist ILP के लिए ऑनलाइन आवेदन उपलब्ध है।