भारतीय रेलवे के टिकट को कैंसल करने पर रिफंड संबंधी नियमों में सरकार ने बदलाव किया है। रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने मंगलवार को एक प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान पांच महत्वपूर्ण बदलावों की घोषणा की, जिनमें सबसे प्रमुख बदलाव 'टिकट रिफंड पॉलिसी' को लेकर है। नए नियमों के लागू होने के बाद अब यात्रियों को कन्फर्म टिकट कैंसल कराते समय घड़ी की सुइयों पर पैनी नजर रखनी होगी क्योंकि आखिरी वक्त में टिकट रद्द कराना आपकी जेब पर भारी पड़ सकता है।
रेल मंत्री के अनुसार, अब यदि कोई यात्री ट्रेन निकलने के समय से 8 घंटे से कम समय पहले अपनी कन्फर्म टिकट कैंसिल करता है तो उसे 'जीरो रिफंड' मिलेगा। रेलवे का तर्क है कि इस सख्त कदम से ऐन वक्त पर टिकट रद्द करने की प्रवृत्ति में कमी आएगी और वेटिंग लिस्ट वाले जरूरतमंद यात्रियों को सीट मिलने की संभावना बढ़ जाएगी। यह नियम उन लोगों के लिए बड़ा झटका है जो अंतिम समय तक अपनी यात्रा की योजना बदलते रहते हैं।
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कब कटेगा कितना पैसा?
रेलवे ने टिकट कैंसिलेशन के लिए नई कटौती दरें तय की हैं।
- 72 घंटे से पहले कैंसिल करने पर सिर्फ फिक्स्ड चार्ज कटेगा और बाकी पैसा वापस मिलेगा।
- 72 से 24 घंटे के बीच कैंसिल करने पर 25% किराया कटेगा।
- 24 से 8 घंटे के बीच कैंसिल करने पर 50% किराया काटा जाएगा।
- 8 घंटे से कम समय या ट्रेन छूटने के बाद कोई रिफंड नहीं मिलेगा।
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यात्रियों को नई सुविधाएं भी
सिर्फ सख्ती ही नहीं रेलवे ने यात्रियों को कुछ राहत भी दी है। यात्री अब अपनी ट्रैवल क्लास अपग्रेड कर सकते हैं और ट्रेन छूटने से 30 मिनट पहले तक अपना बोर्डिंग स्टेशन बदल सकते हैं। पहले यह सुविधा सिर्फ रिजर्वेशन चार्ट बनने से पहले तक ही थी। इसके अलावा रेलवे माल ढुलाई को बेहतर बनाने के लिए नए सिंगल-डेक और डबल-डेक वैगन शुरू करने की तैयारी में है, जिससे नमक और ऑटोमोबाइल जैसे सामान की ढुलाई आसान होगी।
रेलवे का कहना है कि ये सभी बदलाव यात्रियों को बेहतर अनुभव देने, पारदर्शिता बढ़ाने और सिस्टम को ज्यादा प्रभावी बनाने के उद्देश्य से किए जा रहे हैं। आने वाले समय में इन नियमों का सीधा असर यात्रियों की यात्रा योजना पर देखने को मिलेगा।