649 रुपये में बिना एड्रेस प्रूफ पाएं छोटू गैस सिलेंडर, जानें कैसे और कहां मिलेगा
अब बिना एड्रेस प्रूफ के सिर्फ 649 रुपये में पाएं 5 किलो वाला छोटू गैस सिलेंडर। सरकार ने बुकिंग के नियमों और कीमतों में बड़े बदलाव कर दिए हैं।

प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Freepik
दुनियाभर में गैस और तेल को लेकर चल रही दिक्कतों के बीच सरकार ने 5 किलो वाले 'छोटू' गैस सिलेंडर के लिए बहुत ही राहत भरी खबर दी है। यह जानकारी उन लोगों के लिए सबसे ज्यादा काम की है जो नौकरी या पढ़ाई के लिए अपना घर छोड़कर दूसरे शहरों में रहते हैं। अक्सर जब कोई नए शहर जाता है तो उसे गैस सिलेंडर लेने में सबसे बड़ी दिक्कत एड्रेस प्रूफ को लेकर आती है।
रेंट एग्रीमेंट या बिजली बिल जैसे कागज न होने की वजह से कई लोग मजबूरी में गलत तरीके से या ब्लैक में महंगे दामों पर सिलेंडर खरीदते हैं, जो खतरनाक भी हो सकता है। इसी परेशानी को दूर करने के लिए सरकार ने नियम अब इतने आसान कर दिए हैं कि आपको किसी भी पते के सबूत की जरूरत नहीं होगी। अब आप बिना किसी झंझट के सिर्फ अपनी आईडी दिखाकर सीधे दुकान या एजेंसी से सिलेंडर ले सकते हैं।
सरकार चाहती है कि गैस की कालाबाजारी रुके और हर किसी को सही कीमत पर आसानी से गैस मिल सके। साथ ही, अब पूरी व्यवस्था पर कड़ी नजर रखी जा रही है ताकि कोई आपसे ज्यादा पैसे न वसूल सके और आपको सुरक्षित तरीके से गैस मिल पाए।
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गैस सिलेंडर की कीमत
रिफिलिंग का खर्च: अगर आपके पास सिलेंडर पहले से है और आप सिर्फ गैस भरवाना चाहते हैं तो इसका मौजूदा रेट करीब 649 रुपये है। यह उन लोगों के लिए सबसे सस्ता पड़ता है जो महीने भर का खाना कम खर्चे में बनाना चाहते हैं।
बिल्कुल नया कनेक्शन: अगर आप पहली बार गैस लेने जा रहे हैं तो आपको एक बार में 1450 रुपये से लेकर 1700 रुपये तक खर्च करने पड़ सकते हैं। इस थोड़े ज्यादा लगने वाले खर्च में आपकी जरूरत की हर चीज शामिल होती है।
इस खर्चे में आपको क्या-क्या मिलता है?
1.खाली सिलेंडर के पैसे: यह पैसा सिलेंडर की सुरक्षा के लिए जमा किया जाता है। इसकी सबसे अच्छी बात यह है कि अगर आप कभी भविष्य में सिलेंडर वापस करना चाहें, तो कंपनी यह पैसा आपको वापस कर देती है।
2.पहली बार की गैस की कीमत: जब आप नया सिलेंडर लेते हैं, तो वह खाली नहीं होता, उसमें 5 किलो गैस भरकर दी जाती है। उस गैस का दाम भी इसी कुल खर्चे में जुड़ा होता है।
3.रेगुलेटर और मजबूत गैस पाइप: खाना बनाते समय आपकी सुरक्षा सबसे जरूरी है, इसलिए कंपनी आपको एक अच्छी क्वालिटी का रेगुलेटर और चूल्हे से जोड़ने वाला पाइप भी देती है। इसका पैसा भी उसी 1700 रुपये तक के बजट में शामिल है।
4.पासबुक: नया कनेक्शन लेने पर आपकी एक पासबुक बनाई जाती है जिसे अक्सर 'ब्लू बुक' कहते हैं। इसमें आपकी हर खरीदारी का रिकॉर्ड रहता है। इसे बनाने की छोटी सी फीस भी इसी में जुड़ी होती है।
कीमतों में थोड़ा-बहुत बदलाव क्यों होता है?
आपको बता दें कि अलग-अलग कंपनियां जैसे इंडेन (Indane), एचपी (HP) या भारत गैस (Bharat Gas) के दामों में 10 से 20 रुपये का अंतर हो सकता है। इसके अलावा, आप किस शहर या राज्य में रह रहे हैं, वहां के टैक्स के हिसाब से भी कीमत थोड़ी कम या ज्यादा हो सकती है। इसलिए एजेंसी पर जाने से पहले एक बार उस दिन का नया रेट जरूर पूछ लें।
दोबारा गैस भरवाने के लिए नए नियम
शहरों के लिए: शहर में रहने वाले लोग एक बार सिलेंडर भरवाने के बाद दूसरी बार कम से कम 9 दिन के बाद ही गैस ले पाएंगे।
गांवों के लिए: ग्रामीण इलाकों में रहने वालों के लिए यह समय 16 दिन का रखा गया है। यानी एक बार सिलेंडर भरने के बाद आपको दूसरा सिलेंडर 16 दिन बाद ही मिलेगा।
बिना एड्रेस प्रूफ के मिलेगा गैस
सिर्फ आधार कार्ड: इसे खरीदने के लिए आपको सिर्फ अपना आधार कार्ड दिखाना होगा।
एड्रेस प्रूफ की जरूरत नहीं: आप जहां रह रहे हैं, वहां का बिजली बिल या रेंट एग्रीमेंट देने की कोई जरूरत नहीं है। आप भारत के किसी भी हिस्से के रहने वाले हों, अपनी आईडी दिखाकर इसे ले सकते हैं।
कहां से और कैसे मिलेगा यह सिलेंडर?
बिना बुकिंग के पाएं: इसे 'फ्री ट्रेड एलपीजी' कहा जाता है, जिसका मतलब है कि आपको इसके लिए पहले से कोई बुकिंग नहीं करनी होगी और न ही हफ्तों तक इंतजार करना होगा।
यहां से खरीदें: आप अपने घर के पास वाली किसी भी गैस एजेंसी या सरकार की पहचान वाले पेट्रोल पंप पर जाकर इसे सीधे हाथों-हाथ खरीद सकते हैं।
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एक्स्ट्रा पैसों पर रोक
सरकार ने अब नियमों को बहुत सख्त कर दिया है। अब कोई भी गैस एजेंसी या दुकानदार आपसे जल्दी सिलेंडर देने के बदले एक्स्ट्रा पैसे नहीं मांग सकता। हर एजेंसी को अपने यहां बोर्ड पर यह लिखना होगा कि उनके पास कितना स्टॉक बचा है और कितने लोग वेटिंग में हैं। इसके साथ ही, एजेंसियों को हर बिक्री की जानकारी तुरंत कंपनी को ऑनलाइन भेजनी होगी ताकि कोई भी हेराफेरी न कर सके।
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