आजकल ऑनलाइन शॉपिंग लोगों की रोजमर्रा की जिंदगी का हिस्सा बन गई है। कपड़े, मोबाइल, ग्रॉसरी से लेकर घर की दूसरी जरूरत का सामान भी लोग घर बैठे आसानी से ऑर्डर कर लेते हैं। इससे समय और मेहनत दोनों की बचत होती है लेकिन इसके साथ ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड के मामले भी लगातार बढ़ रहे हैं। कई बार लोगों को ऑर्डर किया गया सामान नहीं मिलता, नकली प्रोडक्ट भेज दिया जाता है या पैसे कटने के बाद ऑर्डर ही कैंसिल हो जाता है।
अगर आपके साथ भी ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान धोखाधड़ी हुई है तो घबराने की जरूरत नहीं है। सही समय पर सही जगह शिकायत करने से आपकी समस्या का समाधान हो सकता है। इस रिपोर्ट में हम आपको बताएंगे कि ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड होने पर सबसे पहले क्या करना चाहिए, शिकायत कहां दर्ज करनी है और किन स्टेप्स को फॉलो करके कार्रवाई की जा सकती है।
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सबसे पहले क्या करें?
अगर आपके साथ ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड हुआ है तो सबसे पहले सभी सबूत संभालकर रखें। जैसे—
- ऑर्डर की रसीद
- पेमेंट का स्क्रीनशॉट
- ट्रांजैक्शन आईडी
- वेबसाइट या ऐप का नाम
- ईमेल, मैसेज और चैट का रिकॉर्ड
ऑनलाइन शॉपिंग फ्रॉड की शिकायत कैसे करें?
अगर ऑनलाइन शॉपिंग के दौरान आपके साथ धोखाधड़ी हो गई है तो बिना देर किए शिकायत दर्ज करें। कई मामलों में जल्दी शिकायत करने से पैसे वापस मिलने की संभावना बढ़ जाती है। आइए जानते हैं कि शिकायत करने का पूरा तरीका क्या है।
1. सबसे पहले कंपनी के कस्टमर केयर में शिकायत करें
अगर आपने Amazon, Flipkart, Myntra, Meesho या किसी अन्य ऑनलाइन शॉपिंग प्लेटफॉर्म से सामान खरीदा है तो सबसे पहले उसी कंपनी के कस्टमर केयर से संपर्क करें। ऐप या वेबसाइट में दिए गए Help, Support या Customer Care सेक्शन में जाकर शिकायत दर्ज करें। शिकायत करते समय ऑर्डर नंबर, ट्रांजैक्शन आईडी, पेमेंट का स्क्रीनशॉट और अपनी समस्या की पूरी जानकारी दें। कई बार कंपनी जांच के बाद रिफंड, रिप्लेसमेंट या ऑर्डर दोबारा भेजने की सुविधा दे देती है।
2. नेशनल कंज्यूमर हेल्पलाइन (NCH) में शिकायत दर्ज करें
अगर कंपनी आपकी शिकायत का समाधान नहीं करती या तय समय में जवाब नहीं देती तो आप National Consumer Helpline (NCH) में शिकायत कर सकते हैं। इसके लिए NCH की आधिकारिक वेबसाइट या मोबाइल ऐप का इस्तेमाल किया जा सकता है। चाहें तो 1915 हेल्पलाइन नंबर पर कॉल करके भी शिकायत दर्ज करा सकते हैं। शिकायत करते समय ऑर्डर की रसीद, पेमेंट का सबूत और कंपनी से हुई बातचीत का रिकॉर्ड अपने पास रखें। इससे आपकी शिकायत की जांच करना आसान हो जाता है।
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3. साइबर फ्रॉड होने पर तुरंत 1930 हेल्पलाइन पर कॉल करें
अगर किसी फर्जी वेबसाइट, नकली ऑनलाइन स्टोर या लिंक के जरिए आपके बैंक खाते, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या UPI से पैसे कट गए हैं तो एक मिनट भी देरी न करें। तुरंत 1930 साइबर हेल्पलाइन पर कॉल करें और पूरी जानकारी दें। जितनी जल्दी शिकायत दर्ज होगी, उतनी जल्दी संबंधित बैंक और एजेंसियां ट्रांजैक्शन को ट्रैक करने की कोशिश कर सकती हैं। कई मामलों में समय पर शिकायत करने से पैसे रिकवर होने की संभावना बढ़ जाती है।
4. नेशनल साइबर क्राइम पोर्टल पर ऑनलाइन शिकायत करें
आप National Cyber Crime Reporting Portal पर भी घर बैठे शिकायत दर्ज कर सकते हैं। वेबसाइट खोलने के बाद Report Cyber Crime विकल्प चुनें और अपना मोबाइल नंबर दर्ज करके OTP के जरिए लॉग इन करें। इसके बाद अपनी शिकायत से जुड़ी पूरी जानकारी भरें, जैसे वेबसाइट का नाम, ट्रांजैक्शन आईडी, बैंक या UPI की जानकारी, घटना की तारीख और समय। साथ ही पेमेंट का स्क्रीनशॉट, ऑर्डर डिटेल और अन्य जरूरी दस्तावेज भी अपलोड करें। शिकायत जमा होने के बाद आपको एक Acknowledgement Number मिलेगा, जिसकी मदद से आप शिकायत का स्टेटस बाद में चेक कर सकते हैं।
5. बैंक या पेमेंट ऐप को तुरंत जानकारी दें
अगर आपने UPI, डेबिट कार्ड, क्रेडिट कार्ड या नेट बैंकिंग के जरिए भुगतान किया है तो तुरंत अपने बैंक या संबंधित पेमेंट ऐप के कस्टमर केयर से संपर्क करें। उन्हें ट्रांजैक्शन की पूरी जानकारी दें और जरूरत पड़ने पर कार्ड या UPI को कुछ समय के लिए ब्लॉक कराने की भी मांग करें। कई मामलों में बैंक चार्जबैक या अन्य प्रक्रिया के जरिए मदद कर सकता है।
6. जरूरत पड़ने पर पुलिस में FIR दर्ज कराएं
अगर ठगी की रकम ज्यादा है या मामला गंभीर है तो अपने नजदीकी पुलिस स्टेशन या साइबर पुलिस स्टेशन में FIR दर्ज कराएं। शिकायत के साथ ऑर्डर की रसीद, ट्रांजैक्शन आईडी, स्क्रीनशॉट, चैट, ईमेल और अन्य सभी सबूत जरूर जमा करें। इससे जांच एजेंसियों को कार्रवाई करने में आसानी होती है।