अगर आपको किसी सरकारी विभाग से किसी भी चीज की जानकारी चाहिए या किसी योजना, खर्च या फाइल की स्थिति जाननी है तो इसके लिए आरटीआई यानी सूचना का अधिकार आपके काम आ सकता है। आरटीआई के जरिए कोई भी भारतीय नागरिक सरकार से तय नियमों के तहत जानकारी मांग सकता है। सूचना के अधिकार के तहत हर विभाग और अधिकारी जनता को जानकारी देने के लिए बाध्य है और जानकारी न देने की स्थिति में उस पर जुर्माना भी लगाया जा सकता है।
बहुत से लोगों को लगता है कि आरटीआई लगाना मुश्किल होता है लेकिन ऐसा नहीं है। इसे ऑनलाइन और ऑफलाइन दोनों तरीके से फाइल किया जा सकता है। आइए आज इस रिपोर्ट की मदद से आरटीआई फाइल करने का पूरा तरीका जान लेते हैं।
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RTI क्या है?
RTI का पूरा नाम Right to Information (सूचना का अधिकार) है। यह कानून साल 2005 में लागू हुआ था। इसके तहत कोई भी भारतीय नागरिक किसी भी सरकारी विभाग से सवाल पूछ सकता है और जानकारी प्राप्त कर सकता है। इसकी मदद से सरकार और लोगों के बीच पारदर्शिता बनी रहती है।
कौन फाइल कर सकता है RTI?
आरटीआई को फाइल कोई भी भारतीय नागरिक कर सकता है। इसके लिए किसी वकील या एजेंट की जरूरत नहीं होती है। अच्छी बात यह है कि आरटीआई डालने के लिए आयु की कोई शर्त नहीं हैं। इसका मतलब यह है कि 18 साल से कम उम्र वाला व्यक्ति भी आरटीआई डाल सकता है। अगर कोई भारतीय नागरिक विदेश का रहने वाला है (NRI) तो वह भी आरटीआई डालने के युग्य है।
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RTI के जरिए कौन-सी जानकारी मांग सकते हैं?
आरटीआई के माध्यम से आप कई तरह की सरकारी जानकारी मांग सकते हैं, जैसे-
- किसी सरकारी योजना की जानकारी।
- फाइल की मौजूदा स्थिति।
- सरकारी आदेश या नोटिस।
- खर्च का ब्योरा।
- दस्तावेजों का कॉपी।
- भर्ती या चयन प्रक्रिया से जुड़ी जानकारी।
- सरकारी रिकॉर्ड से जुड़ी जानकारी।
हालांकि राष्ट्रीय सुरक्षा, कुछ गोपनीय दस्तावेज और किसी व्यक्ति की निजी जानकारी जैसी कुछ सूचनाएं RTI के तहत नहीं दी जाती हैं।
ऑनलाइन RTI कैसे फाइल करें?
- सबसे पहले केंद्र सरकार या राज्य सरकार के ऑनलाइन RTI पोर्टल पर जाएं।
- Submit Request पर क्लिक करें।
- दिए गए दिशा-निर्देश पढ़कर आगे बढ़ें।
- जिस मंत्रालय या विभाग से जानकारी चाहिए, उसे चुनें।
- अपना नाम, पता और जरूरी जानकारी भरें।
- अब जिस जानकारी की जरूरत है, उसे साफ और सरल भाषा में लिखें।
- 10 रुपये की फीस ऑनलाइन जमा करें।
- आवेदन सबमिट करने के बाद आपको एक रजिस्ट्रेशन नंबर मिलेगा जिससे आवेदन का स्टेटस चेक किया जा सकता है।
ऑफलाइन RTI कैसे लगाएं?
अगर आप ऑनलाइन आवेदन नहीं करना चाहते हैं तो नॉर्मल कागज पर आवेदन लिखकर संबंधित विभाग के Public Information Officer (PIO) के नाम भेज सकते हैं। आवेदन के साथ निर्धारित शुल्क जमा करना होता है। इसे डाक या खुद जाकर भी जमा किया जा सकता है।
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RTI फाइल करने में कितनी फीस लगती है?
केंद्र सरकार के विभागों में आरटीआई आवेदन की फीस 10 रुपये है। अगर आवेदक BPL (गरीबी रेखा से नीचे) श्रेणी का है तो उसे आवेदन शुल्क नहीं देना पड़ता। अगर दस्तावेजों की कॉपी मांगी जाती है तो उसके लिए अलग शुल्क लिया जा सकता है। अलग-अलग राज्यों में कुछ नियम अलग हो सकते हैं।
कितने दिनों में मिलता है जवाब?
आमतौर पर आरटीआई का जवाब 30 दिनों के भीतर दिया जाता है। वहीं अगर मामला किसी व्यक्ति के जीवन या सुरक्षा से जुड़ा हो तो 48 घंटे के भीतर भी जानकारी दी जा सकती है। अगर तय समय में जवाब नहीं मिलता है तो आवेदक दोबारा अपील कर सकता है।
RTI लिखते समय इन बातों का रखें ध्यान
- सवाल साफ और सीधे लिखें।
- एक आवेदन में एक ही विषय से जुडे़ सवाल रखें।
- केवल रिकॉर्ड में मौजूद जानकारी मांगे।
- राय, स्पष्टीकरण या व्यक्तिगत टिप्पणी न मांगे।
- आवेदन की कॉपी और रजिस्ट्रेशन नंबर सुरक्षित रखें।