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राहत भी, आफत भी... क्या-क्या लेकर आया है 2026? सब समझ लीजिए

नए साल 2026 आ गया है। यह साल, बदलाव का साल है। संसद से सड़क तक कई बदलाव नजर आने वाले हैं। क्या बदलने वाला है, आइए समझते हैं।

Happy New Year

हैप्पी न्यू ईयर। Photo Credit: Sora

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नया साल 2026 आ गया है। बदलाव संसार का नियम है। साल 2025 में ऐसे बहुत से काम थे, जो बाकी रह गए थे, 2026 उनके पूरा होने का साल है। 2026 चुनाव से लेकर चुनौती तक के नजरिए से बेहद खास है। पैन-आधार कार्ड को लेकर कुछ कड़े फैसले लागू होने वाले हैं, ससंद में कुछ अहम बदलाव होने वाले हैं, राज्यसभा से लेकर राज्यों की विधानसभाओं तक में चुनाव होने वाले हैं। आपकी रोजमर्रा की जरूरतों से लेकर, आपकी सैलरी तक में बहुत कुछ बदलने वाला है। इनमें कुछ बदलाव नए साल से शुरू हो रहे हैं, कुछ बदलाव सालभर होते रहेंगे।

एक तरफ 8वें वेतन आयोग को लेकर कर्मचारी वर्ग उत्सहित है, दूसरी तरफ पैन-आधार लिंक, एलपीजी गैस की कीमतें, राशन कार्ड और क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में बड़े बदलाव होने के आसार हैं। सरकार ने पैन कार्ड को आधार से लिंक करने की समय सीमा को लेकर कुछ निर्देश दिए हैं। एलपीजी गैस के सिलेंडरों के दाम में बदलाव हो सकता है, क्रेडिट कार्ड से जुड़े नियमों में भी बदलाव होने वाला है। 

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2026 में क्या-क्या होगा, आइए समझते हैं-

महंगी होंगी कारें 

नए साल 2026 में अगर आप कार खरीदने की योजना बना रहे हैं तो जल्दी करें। कई कंपनियां जनवरी से कीमतें बढ़ा रही हैं। मर्सिडीज-बेंज, बीएमडब्ल्यू, रेनो, एमजी और अन्य ब्रांड्स 2-3 फीसदी तक दाम बढ़ा सकते हैं। लग्जरी कारें और सस्ती कारें, दोनों की कीमतें बढ़ सकती हैं। टाटा मोटर्स भी क्वार्टर में बढ़ोतरी की योजना बना रही है, जबकि महिंद्रा और मारुती अभी कोई ऐलान नहीं किया है। कुछ रिपोर्ट्स में दावा किया गया है कि कारों का दाम बढ़ाया जा सकता है। 

पैन-अधार लिंक की डेडलाइन खत्म 

नए साल 2026 से अगर आपने पैन को आधार से लिंक नहीं किया तो आपका पैन इनऑपरेटिव हो जाएगा। इससे बैंकिंग ट्रांजेक्शन, ITR फाइलिंग, रिफंड और महंगे लेन-देन में दिक्कत आएगी। कुछ मामलों में 1000 रुपये पेनाल्टी भी लग सकती है। जल्दी लिंक कर लें। अगर आधार-पैन लिंक नहीं हुआ तो सरकारी सेवाएं और फाइनेंशियल काम रुक सकते हैं।

हेल्थ-मेडिकल इंश्योरेंस महंगा हो सकता है 

देश में मेडिकल इन्फ्लेशन की दर 12 से 14 फीसदी के आसपास है। इंश्योरेंस क्लेम रेशियो बढ़ने की वजह से फाइनेंशियल एक्सपर्ट कह रहे हैं कि 2026 में प्रीमियम 8-12 फीसदी तक बढ़ सकता है। एम्प्लॉयी मेडिकल प्लान्स में 11.5% बढ़ोतरी का अनुमान है। 2025 में इंडिविजुअल हेल्थ और लाइफ इंश्योरेंस पर GST हटा दिया गया है, इसलिए इसका लाभ जारी रहेगा। मोटर इंश्योरेंस थर्ट पार्टी का प्रीमियम भी महंगा हो सकता है। EV इंश्योरेंस में आपको राहत मिल सकती है।  

 

PF फंड निकालना आसान होगा

नए साल 2026 में EPFO नियम बदल रहे हैं। मार्च तक PF बैलेंस का 75 फीसदी ATM या UPI से इंस्टेंट निकाल सकेंगे। KYC कंप्लीट होने पर कार्ड जारी होगा, जिससे इमरजेंसी की स्थिति में आसानी होगी। कर्मचारियों के लिए बड़ी राहत है। PEFO के 7 करोड़ से ज़्यादा लोगों के लिए यह राहत की खबर है। नए नियमों में एक न्यूनतम राशि खाते में सुरक्षित रखनी होगी।

 

क्रेडिट कार्ड के नियम बदलेंगे

रिजर्व बैंक ऑफ इंडिया ने क्रेडिट कार्ड के नियमों के बदलाव किया है। अब क्रेडिट कार्ड पर मिल रहे फायदे कम हो जाएंगे। क्रेडिट कार्ड की लिमिट तय की जाएगी, जरा सी लापरवाही आपका क्रेडिट स्कोर बिगाड़ देगी। क्रेडिट कार्ड ब्यूरो पहले 15 दिन में स्कोर अपडेट कराते थे, अब इसकी अवधि घटाई गई है, 7 दिनों में ही इसे अपडेट किया जाएगा। क्रेडिट कार्ड और क्रेडिट हिस्ट्री से जुड़े नियमों में बदलाव हो सकता है। 

नया ITR फॉर्म आएगा

2026 से इनकम टैक्स रिटर्न का नया फॉर्म आएगा। यह बैंकिंग और स्पेंडिंग डिटेल्स से प्री-फिल्ड होगा। फाइलिंग आसान होगी, लेकिन अप्रैल से नया इनकम टैक्स एक्ट लागू होने पर नियम और सरल हो सकता है। टैक्सपेयर्स को कम झंझट और ज्यादा ट्रांसपेरेंसी मिलेगी। नया इनकम टैक्स एक्ट 2025, 1 अप्रैल 2026 से लागू होगा। CBDT ने कहा है कि नए इनकम टैक्स रिटर्न फॉर्म वित्त वर्ष 2027-28 से पहले जारी कर दिए जाएंगे।

राशन कार्ड की e-KYC जरूरी

नए साल 2026 से राशन कार्ड की e-KYC नहीं कराई तो सब्सिडाइज्ड राशन मिलना बंद हो सकता है। कई राज्यों में आधार लिंकिंग अनिवार्य है, नहीं तो जनवरी से लाभ रुक जाएगा। जो लोग आधार पैन लिंक नहीं कर पाए हैं, उनके लिए नए साल में परेशानियां बढ़ सकती हैं। 

केंद्रीय कर्मचारियों की सैलरी बढ़ेगी

नए साल 2026 से 8वें वित्त आयोग के लागू होने की उम्मीद है, जिससे केंद्रीय कर्मचारियों और पेंशनर्स की सैलरी-पेंशन में अच्छी बढ़ोतरी हो सकती है। 7वीं पे कमीशन 31 दिसंबर को खत्म हो रही है, इसलिए जनवरी से नई स्ट्रक्चर के साथ DA हाइक और फिटमेंट फैक्टर से फायदा मिलेगा। फिटमैंट फैक्टर की वजह से मौजूदा बेसिक सैलरी को गुणा करके नई बेसिक सैलरी तय की जा सकती है। 

साइबर फ्रॉड से बचाव के नए नियम

नए साल 2026 में SIM बाइंडिंग और CNAP सर्विस लागू हो रही है। अब कॉल पर असली नाम दिखेगा, फ्रॉड कॉल्स पर आपको अलर्ट किया जा सकता है। WhatsApp जैसे ऐप्स पर भारतीय नंबर तभी चलेगा जब SIM डिवाइस में रहे। डिजिटल पेमेंट्स और बैंकिंग ज्यादा सुरक्षित किया जाएगा। 

PM-किसान के लिए नया फार्मर ID

नए साल 2026 से PM-किसान स्कीम के नए अप्लिकेंट्स को डिजिटल फार्मर ID रजिस्टर करना जरूरी होगा। आधार, लैंड रिकॉर्ड और बैंक डिटेल्स लिंक होंगे, जिससे 6000 रुपये सालाना की आर्थिक मदद किसानों तक पहुंच सकेगी। पुराने लाभार्थी सुरक्षित रहेंगे लेकिन नए किसानों को जल्दी रजिस्टर करने की जरूरत है। 

बिजली महंगी हो सकती है

2026 में भारतीय बिजली क्षेत्र में बड़े बदलाव आने वाले हैं। सुप्रीम कोर्ट के निर्देश से लंबित रेगुलेटरी एसेट्स को क्लियर करने के लिए कई राज्यों में टैरिफ बढ़ सकता है, जबकि गुजरात और आंध्र प्रदेश ने FY 2026 के लिए पुरानी दरें बरकरार रखी हैं। जनवरी 2026 से नई मार्केट कपलिंग शुरू होगी, जिससे सभी पावर एक्सचेंजेस पर एक समान स्पॉट प्राइस मिलेगा और कुशलता बढ़ेगी। जुलाई 2026 से इंडिया एनर्जी स्टैक (IES) लाइव होगा, जो बिजली क्षेत्र का डिजिटल बैकबोन बनेगा और दिल्ली, गुजरात, आंध्र प्रदेश, उत्तर प्रदेश व मुंबई में पायलट शुरू होगा, जिससे बिलिंग, मीटरिंग और डिस्ट्रीब्यूशन पारदर्शी व कुशल बनेगा।

सौर ऊर्जा का विस्तार होगा

पीएम सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत 2026-27 तक 1 करोड़ घरों में रूफटॉप सोलर पैनल लगाने का लक्ष्य है, जिससे हर महीने 300 यूनिट तक मुफ्त बिजली मिलेगी और अतिरिक्त बिजली बेचकर कमाई होगी। दिसंबर 2025 तक लगभग 24 लाख घरों में इंस्टॉलेशन हो चुका है, और 2026 में यह तेजी से बढ़ेगा। रिन्यूएबल एनर्जी क्षमता में इजाफा हो रहा है।  

5 राज्यों में चुनाव होंगे

2026 में असम, पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल और पुडुचेरी में विधानसभा चुनाव होने वाले हैं। मार्च से मई के बीच इन चुनावों को आयोजित कराया जाएगा। महाराष्ट्र में नगर निगम चुनाव भी हो रहे हैं। 2022 से ही लटका बीएमसी का चुनाव भी इसी साल हो रहा है। कुछ राज्यों में राज्यसभा की सीटें भी खत्म हो रहीं हैं। सियासी तौर पर भी यह साल बेहद खास होने वाला है। 

 

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देशभर में होगी जनगणना

देश में आखिरी बार साल 2011 में जनगणना शुरू हुई थी। 2021 में जनगणना होने वाली थी लेकिन नहीं हो पाई। अब जनगणना के पहले चरण की शुरुआत अप्रैल से सितंबर के बीच में होगा। 2011 में जब आखिरी बार जनगणना हुई थी, तब दो चरणों में इसे किया गया था। 2027 की जनगणना भी दो चरणों में होगी। इस बार जनगणना डिजिटल तरीके से की जाएगी। मोबाइल ऐप के जरिए फॉर्म भरवाए जाएंगे और डिजिटल डेटा इकट्ठा किया जाएगा। जनगणना का पहला चरण अप्रैल से सितंबर 2026 तक चलेगा, जिसमें घरों की गिनती की जाएगी। वहीं, दूसरे चरण में लोगों की गिनती होगी, जिसका काम फरवरी 2027 से शुरू होगा। ठंडे और पहाड़ी इलाकों में लोगों की गिनती का काम सितंबर 2026 में ही शुरू हो जाएगा। जम्मू-कश्मीर, लद्दाख, हिमाचल प्रदेश और उत्तराखंड में सितंबर 2026 से लोगों की गिनती शुरू हो जाएगी। यह प्रक्रिया सालभर चलेगी।

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स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन होगा

चुनाव आयोग ने हाल ही में 12 राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों में अपने इलेक्टोरल रोल के गहन पुनरीक्षण यानी स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन की इजाजत दी थी। अब 2026 और 2027 में होने वाले चुनावों के मद्देनजर स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन होगा। जगह बदल चुके लोगों के नाम, मृतक और पलायन करने वाले लोगों के नाम हटाए जाएंगे। मतदाता लिस्ट अपडेट की जाएगी। 

इंफ्रास्ट्राक्टर डेवलेपमेंट में क्या-क्या नया होगा?

केंद्र और कई राज्य सरकारों ने विकास परियोजनाओं को दिशा देने की योजना तैयार की है। सरकारों का जोर बढ़ती चुनौतियों के मद्देनजर इंफ्रास्ट्रक्चर डेवलपमेंट पर है। केंद्र सरकार नेशनल इंफ्रास्ट्रक्चर पाइपलाइन योजना (NIP)  2026-32 के लिए नई ₹150 लाख करोड़ की योजना लाने वाली है। यह लॉन्ग-टर्म इन्वेस्टमेंट और प्राइवेट सहभागिता पर चलेगा। सरकार भारतमाला परियोजना फेज 1 का काम शुरू कर रही है। हजारों किलोमीटर नए हाइवे बनाए जा रहे हैं। दिल्ली-मुंबई, गंगा एक्सप्रेसवे, दिल्ली-अमृतसर-कटरा, अहमदाबाद-धोलेरा और बेंगलुरु-चेन्नई जैसे कई सेक्शन 2026 में ऑपरेशनल होंगे। सरकार कनेक्टिविटी और लॉजिस्टिक्स सुधारने पर जोर देगी। PM गति शक्ति और अन्य रोड-रेल प्रोजेक्ट सालभर चलते रहेंगे।


AI और टेक्नोलॉजी में क्या नया होगा?

अर्टिफीशियल इंटेलिजेंस (AI) और टेक्नोलॉजी पर सरकार जोर दे रही है। इंडिया AI इम्पैक्ट समिट 2026 होगा, यह ग्लोबल साउथ का पहला बड़ा AI समिट होगा, जिसमें ह्यूमन कैपिटल, सेफ AI, इनक्लूजन जैसे थीम्स पर जोर दिया जाएगा। इंडिया AI मिशन के तहत 8 इंडिजिनस फाउंडेशनल AI मॉडल्स, हेल्थकेयर, एग्रीकल्चर, गवर्नेंस बड़ा विकास होने वाला है। AI डेटा लैब्स का एक्सपैंशन और फेलोशिप प्रोग्राम जैसी योजनाएं शुरू होने वाली हैं। 

इनोवेशन, स्किलिंग और मैन्युफैक्चरिंग में क्या नया होगा?

सरकार ने इस सेक्टर में भी बड़े बदलावों का एलान किया है। नेशनल मैन्युफैक्चरिंग मिशन और देश में टॉयज हब बनाने की योजना का एलान किया गया है। पीएम मोदी ने लाल किले से मेक इन इंडिया प्रोजेक्ट को बढ़ावा देने का जोर दिया है। सरकार स्किलिंग प्रोग्राम्स शुरू कर रही है। AI सेंटर ऑफ एक्सीलेंस और वोकेशनल ट्रेनिंग पर भी सरकार जोर दे रही है।

विकसित भारत 2047 के लिए क्या बदलने वाला है?

केंद्र सरकार ने आर्थिक विकास पर जोर दिया है। नए रोजगार की तलाश, स्थाई विकास और शहरीकरण पर सरकार जोर दे रही है। ग्रामीण स्तर पर किसानों को मजबूती देने के लिए कई परियोजनाओं पर जोर देने वाली है। सरकार कई योजनाओं को जारी रखेगी। PM किसान, आयुष्मान भारत, आवास योजना को भी दिशा देने पर सरकार जोर दे रही है। क्लीन एनर्जी और न्यूक्लियर मिशन की भी 2026 में शुरुआत होने वाली है। 

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