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ट्रेन में स्पीकर मोड पर करते हैं बात? जुर्माना भी लगेगा, जेल भी होगी

अगर आप ट्रेन में सफर करते हैं लेकिन आपकी बात स्पीकर पर फोन चलाने की है तो सावधान हो जाएं। आप तगड़े जुर्माने की चपेट में आ सकते हैं।

AI Image on Indian Train Man using loudspeaker ट्रेन

रेलवे में अब फोन पर स्पीकर में बात करने पर जुर्माना लग सकता है। AI इमेज। Photo Credit: ChatGPT

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ट्रेन में स्पीकर मोड पर अगर आप गाना सुनते हैं, वीडियो देखते हैं या बात करते हैं तो अब ऐसा करना आप बंद कर दीजिए। दक्षिण रेलवे, अब ऐसे यात्रियों पर तगड़ा जुर्माना लगाने जा रहा है जो बार-बार ट्रेन में ऐसा करते हैं, जिनकी वजह से सहयात्री परेशान होते हैं। दक्षिण रेलवे की नए नियमों के मुताबिक अगर ऐसा कोई यात्री बार-बार करता है तो उसे 6 महीने की जेल भी हो सकती है।

दक्षिण रेलवे ने विभागों को निर्देश दिया है कि वे यात्रियों को जागरूक करें, स्पीकर मोड पर गाना सुनने या वीडियो चलाने या तेज आवाज में बातचीत करने से रोकें। लोगों को क्षेत्रीय भाषाओ में इसे बताएं। टिकट चेकर और रेलवे अधिकारी नियमों के उल्लंघन पर 1 हजार रुपये का जुर्माना लगा सकते हैं।

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नियम तोड़ने पर क्या सजा मिलेगी?

यह फैसला उन लोगों के लिए बड़ी राहत है जो ट्रेन में नियमित यात्रा करते हैं लेकिन सहयात्रियों के वीडियो देखने, गाना सुनने या लाउडस्पीकर पर बात करने की वजह से परेशान रहते हैं। पहली बार ऐसा करते पकड़े जाने पर 1 हजार रुपये का जुर्माना लगाया जाता है। अगर ऐसा कोई शख्स बार-बार करता है तो उस पर 5 हजार रुपये का जुर्माना और 6 महीने की कैद भी सकती है। दक्षिण रेलवे ने यह भी तय किया है कि अगर किसी यात्री की ऐसी हरकतों की वजह से दूसरे लोग परेशान हो रहे हैं तो ऐसा करने वाले यात्री को ट्रेन से बाहर या कोच से बाहर किया जा सकता है। 

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किस कानून के तहत हो रहा है ऐसा?

रेलवे ने जन विश्वास अधिनियम के तहत संशोधित रेलवे एक्ट की धारा 142 तहत यह फैसला लिया है। अधिकारियों ने कहा है कि रेलवे के दूसरे जोन भी इन प्रावधानों को लागू कर सकते हैं। मेट्रो स्टेशनों और ट्रेनों में भी इसे लागू किया जा सकता है। मेट्रो में सहयात्रियों को परेशान करने पर दंडात्मक कार्रवाई की जा सकती है। भारतीय न्याय संहिता की धारा 270, सार्वजनिक स्थलों पर हंगामा करना अपराध है। अगर इससे लोग प्रभावित हो रहे हैं तो यह अपराध है, इसके लिए जेल हो सकती है। 

दक्षिण रेलवे ने क्या आदेश दिया है?

दक्षिण रेलवे के बोर्ड ने सर्कुलर जारी किया है और इसे गंभीर परेशानी बताई है। ट्रेनों में लोग तेज आवाज में म्युजिक सुनते है, वीडियो देखते हैं और मना करने पर नहीं मानते हैं। रेलवे ने इसे परेशानी करार दिया है। साल 2012 में भी रेलवे ने ऐसा ही एक आदेश मोबाइल फोन पर बात के लिए जारी किया था। रेलवे ने लोगों को सलाह दी थी कि फोन के रिंगटोन ऐसा न हो, जो आपत्तिजनक हों। लोग स्पीकर पर तेज आवाज में बात न करें। रेलवे दक्षिण जोन ने अपने आदेश में कहा है कि बढ़ते इंटरनेट की पहुंच की वजह से लोगों का ट्रेन में बात करना अब बेहद आम है। लोग स्पीकर ऑन करके फोन चलाते हैं, बात करते हैं, रील देखते हैं। इन्हें रोकना जरूरी है। विभाग को अब इसका चलन कम करने के लिए लोगों को जागरूक करना होगा।

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