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आपकी FD पर भी है खतरा, जान लीजिए गड़बड़ी करने वालों से बचने का तरीका

आरबीआई की ताजा रिपोर्ट में बैंकों में बढ़ते एफडी फ्रॉड और एचडीएफसी बैंक के हालिया घोटाले का खुलासा हुआ है। ऐसे घोटालों से बचने का तरीका जान लीजिए।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit: Social Media

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आजकल बैंक एफडी से जुड़े फ्रॉड इसलिए बढ़ रहे हैं क्योंकि ठग अब बहुत शातिर हो गए हैं और वे बैंक कर्मचारी बनकर लोगों को फोन करते हैं। ये लोग केवाईसी (KYC) अपडेट करने या एफडी पर ज्यादा ब्याज दिलाने का लालच देकर ग्राहकों से उनका ओटीपी (OTP) या नेट बैंकिंग का पासवर्ड पूछ लेते हैं। एक बार जानकारी मिलते ही वे ग्राहक की एफडी को ऑनलाइन तोड़ देते हैं और सारा पैसा दूसरे खातों में ट्रांसफर कर लेते हैं। कई मामलों में तो बैंक के अंदर काम करने वाले कुछ भ्रष्ट कर्मचारियों की मिलीभगत से भी ग्राहकों के बिना बताए उनकी एफडी पर लोन ले लिया जाता है।

 

हाल ही में एचडीएफसी बैंक में एक बड़ा मामला सामने आया है जिसमें बैंक के कुछ बड़े अधिकारियों पर गंभीर आरोप लगे हैं। इन अधिकारियों ने एनआरआई (NRI) ग्राहकों को भरोसे में लेकर उनकी एफडी के करोड़ों रुपये दुबई और बहरीन की शाखाओं में ट्रांसफर करवा दिए। ग्राहकों को लगा कि उनका पैसा सुरक्षित एफडी में जमा हो रहा है लेकिन असल में उस पैसे को बहुत जोखिम वाले बॉन्ड्स (AT1 Bonds) में लगा दिया गया। जब इस बात का खुलासा हुआ और जांच शुरू हुई, तो बैंक ने अपने तीन सीनियर अधिकारियों को नौकरी से निकाल दिया और इस मामले में अब दुबई की अथॉरिटी भी जांच कर रही है।

 

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धोखाधड़ी से ग्राहक परेशान 

इस धोखाधड़ी का सबसे बड़ा कारण यह है कि लोग अनजाने में अपनी निजी बैंकिंग जानकारी फोन या मैसेज पर दूसरों को बता देते हैं। जालसाज अक्सर फिशिंग का सहारा लेते हैं, जिसमें वे बैंक जैसी दिखने वाली फर्जी वेबसाइट या लिंक भेजते हैं। इसके अलावा, कई बार ठग ग्राहक के नाम पर फर्जी सिम कार्ड निकलवा लेते हैं जिससे बैंक के सारे मैसेज और ओटीपी सीधे उनके पास पहुंचने लगते हैं। कुछ मामलों में तो फर्जी कागजात बनाकर और ग्राहक के नकली साइन करके भी एफडी से पैसा निकाल लिया जाता है।

 

भारतीय रिजर्व बैंक की 'एनुअल रिपोर्ट 2024-25'और 'ट्रेंड एंड प्रोग्रेस ऑफ बैंकिंग इन इंडिया' की ताजा रिपोर्ट के मुताबिक बैंकिंग धोखाधड़ी के मामलों में भारी उछाल आया है। इस रिपोर्ट में बताया गया है कि साल 2024-25 के दौरान बैंकों में करीब 36,000 से ज्यादा फ्रॉड के केस दर्ज किए गए हैं। इन धोखाधड़ी के मामलों में शामिल कुल रकम लगभग 13,930 करोड़ रुपये से भी ज्यादा पाई गई है। रिपोर्ट साफ तौर पर बताती है कि अब जालसाज सीधे बैंक के सिस्टम को हैक करने के बजाय ग्राहकों को झांसा देकर उनकी एफडी तुड़वाने या उस पर अवैध तरीके से लोन लेने का तरीका सबसे ज्यादा अपना रहे हैं।

 

बैंक के कर्मचारी ही कर रहे खेल

 

देश के बड़े सरकारी और प्राइवेट बैंकों में एफडी के पैसे के साथ खिलवाड़ करने के कई गंभीर मामले नाम के साथ सामने आए हैं। 'बैंक ऑफ बड़ौदा' (Bank of Baroda) के एक बड़े मामले में खुलासा हुआ था कि कुछ बैंक कर्मचारियों ने मिलकर ग्राहकों के मोबाइल नंबर बदल दिए और उनकी एफडी पर फर्जी तरीके से करोड़ों रुपये का लोन उठा लिया।

 

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इसी तरह 'पंजाब नेशनल बैंक' (PNB) में भी कुछ समय पहले एक मामला सामने आया था जहां जाली दस्तावेजों के आधार पर एफडी के पैसे को दूसरे खातों में ट्रांसफर कर दिया गया। दिल्ली के 'एक्सिस बैंक' (Axis Bank) की एक ब्रांच में भी एक बुजुर्ग ग्राहक की करीब 1.5 करोड़ रुपये की एफडी को बैंक के ही एक अधिकारी ने फर्जी साइन करके हड़पने की कोशिश की थी, जिसका खुलासा इंटरनल ऑडिट में हुआ।

अपने FD को कैसे सुरक्षित रखें?

बैंक एफडी के साथ होने वाली धोखाधड़ी से बचने का सबसे आसान तरीका यह है कि आप अपनी निजी जानकारी जैसे ओटीपी, पिन या पासवर्ड कभी भी किसी अनजान व्यक्ति को न बताएं। जालसाज अक्सर बैंक अधिकारी बनकर फोन करते हैं। यह याद रखें कि बैंक की ऑफिशियल ऐप चेक करते रहें या सीधे बैंक जाकर अपनी पासबुक अपडेट कराएं। अगर आपको कोई लालच भरा फोन आए या बिना आपके फोन का सिग्नल चला जाए, तो तुरंत सावधान हो जाएं और अपने बैंक को इसकी जानकारी दें ताकि आपको पैसा सुरक्षित रहे।

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