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FASTag में बैलेंस खत्म? 100 के बजाय 200 नहीं 125 में हो जाएगा काम, जानिए तरीका

FASTag ना होने पर अब तक दोगुना टैक्स जमा करने का नियम है लेकिन अगर आप UPI से पेमेंट करते हैं तो आपको सवा गुना टैक्स ही देना पड़ता है।

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सांकेतिक तस्वीर, Photo Credit: SORA

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जब कभी भी आप हाई-वे पर गाड़ी लेकर जाते हैं तो आपको टोल प्लाजा पर टोल टैक्स देना होता है। टोल टैक्स जमा करने में कई जगहों पर तो लंबी कतारें लग जाती हैं। सरकार टोल गेट पर लगने वाला समय लगातार कम करने की कोशिश कर रही है। नेशनल हाईवे अथॉरिटी ऑफ इंडिया (NHAI) ने कुछ साल पहले फास्टैग (FASTag) की सुविधा शुरू कर दी है। इस सुविधा के जरिए महज कुछ ही सेकेंड्स में ही टोल टैक्स कट जाता है। जिस किसी भी गाड़ी के पास FASTag नहीं है उससे डबल टोल टैक्स वसूला जाता है। 

 

NHAI ने FASTag को लेकर सख्त नियम बनाए हैं। अगर आपकी गाड़ी पर FASTag नहीं है तो नियमों के अनुसार, आपको डबल टैक्स का भुगतान करना होगा। हालांकि, अगर आपके पास FASTag नहीं है तो भी आप डबल टोल टैक्स का भुगतान करने से बच सकते हैं। अगर आप UPI से ऑलाइन पेमेंट करते हैं तो आपको सिर्फ 1.25 गुना टैक्स ही देना होगा। 

 

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टोल गेट पर नहीं लेते UPI पेमेंट

कई बार गाड़ी पर किसी कारण से FASTag नहीं लगा होता और कई बार FASTag का रिचार्ज खत्म हो जाता है तो लोगों को टोल टैक्स नियमों के अनुसार, डबल टैक्स भरना होता है। इस जुर्माने को कम करने का तरीका है कि आप यूपीआई से पेमेंट कर सकते हैं। क्योंकि सरकार ने यूपीआई से पेमेंट करने वालों को छूट दी है। अगर आप यूपीआई से पेमेंट करते हैं तो आपको 1.25 गुना टैक्स टी देना होगा। यानी आपका 0.75 प्रतिशत जु्र्माना कम हो जाता है। 

 

 

कई टोल गेट पर टोल कर्मचारी यूपीआई से पेमेंट लेने से मना कर देते हैं और लोगों से जुर्माने के रूप में डबल टोल टैक्स देने की मांग करते हैं। हालांकि, नियमों के अनुसार, अगर आप यूपीआई से पेमेंट करते हैं तो आपसे सिर्फ 1.25 गुना टैक्स ही लिया जाना चाहिए। अगर टोल कर्मचारी आपसे यूपीआई पेमेंट लेने से मना करते हैं तो आप उन्हें इस नियम के बारे में बता सकते हैं।

 

शुक्रवार 3 अक्टूबर 2025 को केंद्र सरकार ने राष्ट्रीय राजमार्ग अधिनियम 1956 (1956 का 48) की धारा 9 में दी गई शक्तियों का इस्तेमाल करके नए नियम जारी किए थे। इस नोटिस में बताया गया है कि राष्ट्रीय रकाजमार्ग फीस नियम, 2008 के नियम 6 के उप नियम 4 (2) के अनुसार, अगर कोई गाड़ी बिना फास्टैग के टोल प्लाजा में एंट्री लेता है तो उससे दो गुना फीस ली जाएगी। हालांकि, अगर वह व्यक्ति यूपीआई से पेमेंट करता है तो वह 1.25 गुना ही भुगतान करेगा। 

फ्री में भी कर सकते हैं टोल पार

नए नियम के अनुसार, अगर फास्टैग में बैलेंस नहीं है तो UPI से पेमेंट करने पर उसे सवा गुना टोल टैक्स देना होगा। वहीं, अगर टोल प्लाजा पार करते समय इलेक्ट्रॉनिक टोल सिस्टम में गड़बड़ी की वजह से पेमेंट नहीं होता है तो उस गाड़ी से कोई टोल टैक्स नहीं लिया जाएगा और उसे फ्री में टोल पार करने दिया जाएगा। ऐसी स्थिति में टोल कर्मचारी गाड़ी को टोल गेट पार करने के लिए जीरो टैक्स की रसीद जारी करेंगे। 

 

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अप्रैल से 'नो-कैश'

भारत सरकार लगातार ऑनलाइन पेमेंट को बढ़ावा दे रही है। टोल गेट पर भी लोगों ने यूपीआई पेमेंट को पसंद किया है और इससे कैश पेमेंट में लगने वाला समय भी बचता है। अब सरकार FASTag पेमेंट के अलावा आपको सिर्फ ऑनलाइन यूपीआई पेमेंट का ऑप्शन ही देगी।  अब, सरकार ने टोल प्लाजा पर कैश पेमेंट को पूरी तरह से बैन करने का फैसला किया है। 1 अप्रैल के बाद, टोल प्लाजा पर पेमेंट के लिए सिर्फ FASTag या UPI ही मान्य होंगे।

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