बिजली के बढ़ते खर्च के बीच केंद्र सरकार की PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना लोगों के लिए काफी उपयोगी साबित हो सकती है। इस योजना का उद्देश्य घरों की छत पर सोलर पैनल लगाकर परिवारों को अपनी बिजली खुद पैदा करने के लिए प्रोत्साहित करना है। इससे घरेलू बिजली बिल को कम करने में मदद मिल सकती है।
इस योजना के तहत पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने पर केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। सब्सिडी की राशि सोलर सिस्टम की क्षमता के आधार पर तय होती है और अधिकतम 78,000 रुपए तक हो सकती है। योजना का लाभ लेने के लिए पात्र उपभोक्ताओं को निर्धारित प्रक्रिया के तहत आवेदन करना होता है।
कौन-कौन ले सकता है लाभ?
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना का लाभ देश के घरेलू बिजली उपभोक्ता ले सकते हैं। इसके लिए आवेदक भारतीय नागरिक होना चाहिए और उसके पास वैध घरेलू बिजली कनेक्शन होना जरूरी है। साथ ही घर की छत ऐसी होनी चाहिए जहां रूफटॉप सोलर पैनल लगाए जा सकें। योजना का लाभ ग्रामीण और शहरी, दोनों क्षेत्रों के पात्र घरेलू उपभोक्ताओं को दिया जाता है।
इसके अलावा जिस घर के लिए सब्सिडी का आवेदन किया जा रहा है। वहां सोलर पैनल लगाने के लिए उपयुक्त जगह होना जरूरी है। सरकारी नियमों के अनुसार जिस घरेलू कनेक्शन पर पहले ही किसी अन्य सोलर सब्सिडी का लाभ लिया जा चुका है। उस पर PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना की सब्सिडी का लाभ नहीं लिया जा सकता।
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कैसे अप्लाई करें?
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के लिए ऑनलाइन आवेदन करना होता है। इसके लिए सबसे पहले 'PM Surya Ghar' आवेदन पोर्टल पर जाकर अपना राज्य और बिजली वितरण कंपनी (DISCOM) चुनकर बिजली कनेक्शन से जुड़ी जानकारी दर्ज करनी होती है। इसके बाद मोबाइल नंबर आदि के जरिए रजिस्ट्रेशन करके आवेदन प्रक्रिया पूरी की जाती है। आवेदन के बाद पोर्टल पर उपलब्ध रजिस्टर्ड वेंडर में से किसी एक को चुनकर घर पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाया जाता है। इंस्टॉलेशन और DISCOM की जांच/नेट मीटर से जुड़ी प्रक्रिया पूरी होने के बाद सब्सिडी के लिए दावा किया जाता है। पात्रता और सत्यापन पूरा होने पर सब्सिडी बैंक खाते में ट्रांसफर की जाती है।
कितनी सब्सिडी मिलती है?
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत पात्र घरेलू बिजली उपभोक्ताओं को रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाने पर केंद्र सरकार की ओर से सब्सिडी दी जाती है। 1 किलोवाट (kW) के सोलर सिस्टम पर 30,000 रुपए व 2 किलोवाट पर 60,000 रुपए और 3 किलोवाट या उससे अधिक क्षमता के सिस्टम पर अधिकतम 78,000 रुपए तक की केंद्रीय सब्सिडी मिल सकती है। हालांकि, अगर कोई उपभोक्ता 3 किलोवाट से ज्यादा क्षमता का सोलर सिस्टम लगवाता है तो भी केंद्र सरकार की ओर से मिलने वाली सब्सिडी अधिकतम 78,000 रुपए तक ही सीमित रहेगी।
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कैसे मिलेगी सब्सिडी?
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत सब्सिडी पाने के लिए सबसे पहले आवेदक को योजना के National Portal पर ऑनलाइन आवेदन करना होता है। आवेदन के बाद संबंधित बिजली वितरण कंपनी यानी DISCOM से मंजूरी मिलने पर पंजीकृत विक्रेता के माध्यम से घर की छत पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाना होता है। सोलर सिस्टम लगने के बाद नेट मीटर की प्रक्रिया और DISCOM का निरीक्षण पूरा किया जाता है। इसके बाद पोर्टल पर commissioning certificate जारी होता है। अंतिम चरण में आवेदक को अपने बैंक खाते की जानकारी और कैंसिल चेक जमा करना होता है। सभी जरूरी प्रक्रिया और वेरिफिकेशन पूरी होने के बाद सब्सिडी सीधे लाभार्थी के बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाती है।
अगर किसी घर की छत पर पहले से रूफटॉप सोलर सिस्टम लगा हुआ है तो उस पुराने सिस्टम पर PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना के तहत केंद्रीय सब्सिडी का लाभ सामान्यत नहीं मिलता। योजना के तहत सब्सिडी प्राप्त करने के लिए पात्र घरेलू उपभोक्ता को निर्धारित प्रक्रिया के अनुसार रूफटॉप सोलर सिस्टम लगवाना होता है। इसलिए पहले से लगे सोलर सिस्टम के लिए सब्सिडी का दावा करने से पहले संबंधित DISCOM और योजना के आधिकारिक नियमों की जांच करना जरूरी है।
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PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना कब तक चलेगी?
PM सूर्य घर मुफ्त बिजली योजना को केंद्र सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 तक लागू करने का लक्ष्य रखा है। यानी मौजूदा योजना अवधि 31 मार्च 2027 तक है। इस योजना का उद्देश्य देश में 1 करोड़ घरों पर रूफटॉप सोलर सिस्टम लगाने को बढ़ावा देना है। पात्र घरेलू बिजली उपभोक्ता योजना की निर्धारित अवधि और नियमों के तहत रूफटॉप सोलर लगवाकर केंद्रीय सब्सिडी का लाभ ले सकते हैं।