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15 अगस्त पर प्रधानमंत्री के भाषण की परंपरा कब शुरू हुई? जानें इसकी पूरी कहानी

15 अगस्त पर लाल किले से प्रधानमंत्री के भाषण की परंपरा 1948 से चली आ रही है। जानिए आजादी के बाद पहली बार नेहरू ने कब लाल किले से तिरंगा फहराया और इस परंपरा की शुरुआत कैसे हुई।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, Photo Credit- ChatGPT

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हर साल 15 अगस्त को स्वतंत्रता दिवस के मौके पर दिल्ली के लाल किले से प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं। प्रधानमंत्री यहां तिरंगा फहराते हैं और इसके बाद देश के लोगों के सामने सरकार के काम, देश की स्थिति और आने वाले समय की योजनाओं के बारे में बात करते हैं। आज लाल किले से प्रधानमंत्री का भाषण स्वतंत्रता दिवस के कार्यक्रम का एक अहम हिस्सा बन चुका है लेकिन इसकी शुरुआत कब हुई थी, यह बात शायद बहुत कम लोगों को पता होगी।

 

दरअसल लाल किले से प्रधानमंत्री के भाषण की कहानी देश की आजादी के समय से जुड़ी है। हालांकि एक बात यहां ध्यान देने वाली है कि 15 अगस्त 1947 को पहली बार लाल किले से तिरंगा नहीं फहराया गया था। आजादी के अगले दिन यानी 16 अगस्त 1947 को पंडित जवाहरलाल नेहरू ने पहली बार लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराया और देश को संबोधित किया था।

 

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15 अगस्त 1947 को क्या हुआ था?

15 अगस्त 1947 का दिन भारत के इतिहास में सबसे खास दिनों में से एक था। इसी दिन भारत को अंग्रेजों की हुकूमत से आजादी मिली थी। आजादी की घोषणा आधी रात के समय हुई थी। इसी दौरान देश के पहले प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने संविधान सभा में अपना मशहूर भाषण 'ट्रिस्ट विद डेस्टिनी' दिया था। 15 अगस्त को नेहरू ने रेडियो के जरिए भी देश के लोगों को संबोधित किया था। यानी आजादी के पहले दिन ही उन्होंने देशवासियों से अपनी बात कही थी लेकिन उस दिन लाल किले से प्रधानमंत्री का भाषण नहीं हुआ था।

16 अगस्त को पहली बार लाल किले से भाषण

आजादी के अगले दिन यानी 16 अगस्त 1947 को जवाहरलाल नेहरू लाल किले पहुंचे। उन्होंने लाल किले की प्राचीर से पहली बार तिरंगा फहराया और देश के लोगों को संबोधित किया। अपने भाषण में नेहरू ने आजादी की खुशी और देश के भविष्य की बात की। उन्होंने यह भी बताया कि लाल किले पर फहराया गया तिरंगा किसी एक व्यक्ति या पार्टी का नहीं बल्कि पूरे देश का है। इसी कार्यक्रम को लाल किले से प्रधानमंत्री के संबोधन की शुरुआत से जोड़ा जाता है।

 

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15 अगस्त की परंपरा कब शुरू हुई?

इसके बाद 1948 से 15 अगस्त के दिन लाल किले से प्रधानमंत्री के तिरंगा फहराने और देश को संबोधित करने की परंपरा शुरू हुई। इसके बाद आने वाले प्रधानमंत्रियों ने भी इस परंपरा को जारी रखा। आज 15 अगस्त को प्रधानमंत्री लाल किले की प्राचीर से तिरंगा फहराते हैं। इसके बाद राष्ट्रगान होता है और फिर प्रधानमंत्री देश को संबोधित करते हैं। कार्यक्रम में प्रधानमंत्री को गार्ड ऑफ ऑनर दिया जाता है और 21 तोपों की सलामी भी दी जाती है।

प्रधानमंत्री के भाषण में क्या होता है?

हर साल प्रधानमंत्री के भाषण में अलग-अलग मुद्दों पर बात होती है। इसमें सरकार के काम, देश की बड़ी समस्याओं और आगे की योजनाओं के बारे में बताया जाता है। युवाओं, किसानों, महिलाओं, शिक्षा, रोजगार और देश के विकास जैसे मुद्दे भी भाषण का हिस्सा बन सकते हैं।


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