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खुद टीम इंडिया के लिए नहीं खेल पाए लेकिन अब वर्ल्ड कप ले आए

तस्वीर: इंडियन एक्सप्रेस/योगेश पाटिल

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30 सेंचुरी और 11,001 और 67 रन का बड़ा स्कोर। जब उन्होंने ट में बफर्स्ट क्लास क्रिकेल्ला चलाया, तो कहा गया कि वे इंडिया के अगले सचिन तेंदुलकर हैं। लेकिन किस्मत ने उन्हें कभी इंडियन क्रिकेट टीम का हिस्सा बनने का मौका नहीं दिया। फिर भी, जैसा कि कहते हैं, किसी और का अधूरा सपना कोई और पूरा करता है। ऐसा ही इस खिलाड़ी के साथ हुआ। वे क्रिकेट कोच बन गए। नीदरलैंड्स, साउथ अफ्रीका, राजस्थान रॉयल्स जैसी टीमों को कोचिंग देने के बाद... उनका कनेक्शन इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम से बना। और फिर, वर्ल्ड कप जीतने का उनका जुनून विमेंस टीम को वर्ल्ड चैंपियन बनाकर पूरा हुआ। हम बात कर रहे हैं इंडियन विमेंस क्रिकेट टीम के कोच अमोल मजूमदार की। यह कहानी हमें शाहरुख खान की 2007 में आई फिल्म चक दे! इंडिया की याद दिलाती है। इसमें कबीर खान इंडियन विमेंस हॉकी टीम को उनके कोच के तौर पर मोटिवेट करते हैं। और फिर, वह टीम वर्ल्ड कप जीत जाती है। जो सपना कबीर खान खुद पूरा नहीं कर पाए... वह अपनी कोचिंग से अपनी टीम को पूरा करवा देते हैं। इस वीडियो में हम आपको अमोल मजूमदार की कहानी बताते हैं। अमोल कौन हैं? उनका क्रिकेट करियर कैसे शुरू हुआ? उन्होंने फर्स्ट-क्लास क्रिकेट में इतना बड़ा मुकाम कैसे हासिल किया कि उन्हें अगला सचिन तेंदुलकर कहा जाने लगा? लेकिन फिर ऐसा क्या हुआ कि इतने रन बनाने के बाद भी उन्हें इंडियन क्रिकेट टीम में एंट्री नहीं मिली? उन्होंने अपना क्रिकेट कोचिंग करियर कैसे शुरू किया? और अब, उन्होंने इंडियन महिला क्रिकेट टीम को इस लेवल तक कैसे पहुंचाया है? अधिक जानकारी के लिए यह वीडियो जरूर देखें।

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