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फेयरनेस इंजेक्शन पर बढ़ी नई सख्ती

तस्वीर: इंडियन एक्सप्रेस/योगेश पाटिल

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त्वचा को तुरंत गोरा, चमकदार या जवान दिखाने के दावों के बीच भारत में कॉस्मेटिक प्रक्रियाओं की सुरक्षा को लेकर बहस तेज हो गई है। भारत के केंद्रीय औषधि मानक नियंत्रण संगठन Central Drugs Standard Control Organisation ने स्पष्ट किया है कि किसी भी कॉस्मेटिक उत्पाद को इंजेक्शन के रूप में उपयोग की अनुमति नहीं है। इसी के साथ ग्लूटाथियोन ड्रिप, त्वचा निखारने वाले इंजेक्शन, एंटी-एजिंग उपचार और सोशल मीडिया आधारित ब्यूटी ट्रेंड्स को लेकर सतर्क रहने की सलाह दी जा रही है। विशेषज्ञों का कहना है कि किसी भी प्रक्रिया से पहले उसके वैज्ञानिक आधार, संभावित जोखिम, प्रशिक्षित चिकित्सक और नियामक स्थिति की जानकारी लेना बेहद जरूरी है।

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