उत्तर प्रदेश के आगरा नगर निगम में भारतीय जनता पार्टी (BJP) सत्ता पर काबिज है। बीजेपी नेता हेमलता दिवाकर आगरा की मेयर हैं। इसके बावजूद बीजेपी के ही पार्षद की बात नहीं सुनी जा रही है। इसी के विरोध में बीजेपी के एक पार्षद किशन नायक ने नाले में टेबल लगाकर अपना बर्थडे केक काटा और जन्मदिन मनाया। इस मौके पर उनके साथ स्थानीय लोग भी मौजूद थे और इन लोगों ने नारेबाजी भी की। किशन नायक का कहना है कि वह कई बार साफ-सफाई को लेकर शिकायत कर चुके हैं लेकिन नगर निगम के अधिकारी पार्षद की बात को ही नजरअंदाज कर दे रहे हैं।
सामने आए वीडियो में देखा जा सकता है कि नाले के बीच में एक टेबल पर केक रखा है और पार्षद को टोपी और पटका पहनाकर उनका सम्मान किया जा रहा है। स्थानीय लोग घुटने तक बह रहे नाले के बीच में खड़े हैं। लोगों ने पार्षद किशन नायक को माला पहनाई और उनके समर्थन में नारे भी लगाए। इसी वीडियो देखा जा सकता है कि वहां बड़ी संख्या में लोग भी जुटे हैं जो पार्षद के इस अनोखे विरोध प्रदर्शन का समर्थन कर रहे हैं और नारा लगा रहे हैं कि 'पार्षद जी संघर्ष करो, हम तुम्हारे साथ हैं।'
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पार्षद ने क्या-क्या बताया?
केक काटने और जन्मदिन मनाने के बाद मीडिया से बातचीत में पार्षद किशन नायक ने कहा, 'मैं वार्ड नंबर 12 नंगला हाउस का पार्षद हूं। प्रधानमंत्री
नरेंद्र मोदी
ने 2 अक्टूबर 2014 से स्वच्छ भारत मिशन की शुरुआत की थी। इसके तहत मलिन बस्तियों में साफ-सफाई होनी चाहिए लेकिन लगातार प्रयास के बावजूद तानाशाह अधिकारी किसी भी चीज पर ध्यान नहीं देते। दर्जनों लेटर तो मैंने दे दिए, दो बार सर्वेक्षण करवाया और अधिकारी आए और आश्वासन दे दिया कि नाले की सफाई करवाएंगे लेकिन हुई नहीं। फिर मैंने डॉ. संजीव वर्मा से कहा, वह भी आकर चले गए लेकिन उन्होंने कोई सफाई नहीं करवाई।'
उन्होंने आगे कहा, 'मैंने और भी कई अफसरों से कहा लेकिन सफाई नहीं हुई। अब वही वर्मा जी मेरा फोन नहीं उठाते। मैंने महापौर से कहा और उन्होंने तुरंत लेटर लिखकर कहा कि नाले की सफाई करवाई जाए। नगर आयुक्त ने भी आदेश किया कि नाले की सफाई हो लेकिन नहीं हुई। 1 मई से 31 मई तक नाले की सफाई होनी थी। दोबारा 15 जून तक का एस्टीमेट दिया लेकिन फिर भी नहीं हुई। 1 जून को इतनी बारिश हुई कि घरों में पानी घुस गया। अब बारिश का पानी लोगों के घरों में जाएगा। लोग परेशान हैं। लोग मोमबत्ती जलाकर बैठे रहते हैं कि उनके बच्चे पानी में न गिर जाएं। यह हालत है।'
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पार्षद किशन नायक का कहना है कि हम तो आवाज ही उठा सकते हैं लेकिन अधिकारी बीजेपी की छवि धूमिल करने में जुटी हुई है। उनका कहना है कि जब उनके क्षेत्र की जनता खुश नहीं है तो उन्हें जन्मदिन मनाने का हक नहीं है इसलिए ऐसा तरीका अपनाया।