logo

मूड

ट्रेंडिंग:

'कहां के हो? मशीन तो बांग्लादेश बता रही है...', वायरल हो गया UP पुलिस का वीडियो

सोशल मीडिया पर वायरल हुए एक वीडियो में कुछ पुलिसकर्मी मशीन लगाकर कुछ लोगों को बता रहे हैं कि मशीन उन्हें बांग्लादेश का बता रही है।

viral video grab

लोगों से पूछताछ करते लोग, Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement

उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद में हाल ही में झुग्गी-बस्तियों पर कुछ लोगों ने हमला कर दिया था। वह मामला आपसी विवाद का था। अब झुग्गियों के बीच लोगों की जांच करने का एक वीडियो सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो में पुलिस के अधिकारी लोगों से पूछ रहे हैं कि वे बांग्लादेशी तो नहीं हैं। इतना ही नहीं, पुलिस के लोगों के रैपिड ऐक्शन फोर्स (RAF) के जवान भी खड़े हैं और लोगों के आधार कार्ड चेक कर रहे हैं। इसी बीच एक अफसर कहता है कि इनकी पीठ पर मशीन लगाओ, मशीन तो बांग्लादेश बता रही है। अब यह वीडियो वायरल हो रहा है और लोग इसको लेकर सवाल उठा रहे हैं। फिलहाल पुलिस की ओर से इस पर कोई जवाब नहीं आया है।

 

सोशल मीडिया पर वायरल हुए वीडियो के बारे में दावा किया जा रहा है कि यह गाजियाबाद का है और पुलिसकर्मी भी इसी जिले से संबंधित हैं। वीडियो में देखा जा सकता है कि पुलिसकर्मी इन लोगों के वीडियो भी बना रहे हैं और उनसे कागज दिखाने को कह रहे हैं। इस पर लोगों ने बताया कि वे बांग्लादेश के नहीं अररिया के रहने वाले हैं। मीडिया रिपोर्ट के मुताबिक, व्यक्ति की पहचान पूछने वाले शख्स का नाम अजय शर्मा है और वह प्रभारी निरीक्षक हैं।

 

यह भी पढ़ें- वायरल हो गया ट्रैफिक सिग्नल पर पेशाब करने वाले का वीडियो, पकड़ ले गई पुलिस

 

वीडियो में क्या है?

 

वीडियो में देखा जा सकता है कि एक पुलिसकर्मी पूछता है, 'बांग्लादेश के तो नहीं हो? मशीन लगाओ इनकी पीठ पर, बोलो कहां के हो? मशीन तो बांग्लादेश बता रही है।' इस पर एक बुजुर्ग बताते हैं कि उनका घर बिहार के अररिया में हैं। साथ में खड़ी एक लड़की बताती है कि यहां अररिया के लोग ही रहते हैं। इस पर कई लोगों ने उत्तर प्रदेश पुलिस को टैग करके पूछा भी है कि आखिर यह कैसा तरीका है जांच करने का?

 

 

यह भी पढ़ें- 'शब्द गलत निकल गए...', पत्रकार से बदसलूकी पर कैलाश विजयवर्गीय ने दी सफाई

 

इस मामले पर इंदिरापुरम के ACP ने सफाई देते हुए कहा है, 'यह कोई तकनीकी जांच नहीं थी। पुलिस ने लोगों की पहचान सत्यापित करने के लिए सर्च और चेंकिंग अभियान चलाया। इसी प्रक्रिया में पुलिस अलग-अलग तरीकों से सवाल करती रही ताकि सही जानकारी सामने आ सके।'

Related Topic:#Viral News

और पढ़ें