पश्चिम बंगाल, तमिलनाडु, केरल, असम और पुडुचेरी में वोटों की गिनती जारी है। चुनाव आयोग ने सुबह 8 बजे से वोटों की गिनती शुरू कर दी है। लोगों के दिलों की धड़कनें बड़ी हुई हैं। इस बीच पूर्व चुनाव आयुक्त राजीव कुमार की एक वीडियो सोशल मीडिया पर जमकर वायरल हो रही है जिसमें वह रुझानों में गलत आंकड़े बताने वाले टीवी चैनलों को फटकार लगा रहे हैं।
वायरल वीडियो राजीव कुमार के चुनाव आयुक्त के पद पर रहते हुए की गई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस का है। इस वीडियो में राजीव कुमार चैनलों को फटकार लगाते हुए कह रहे हैं कि जब उनकी काउंटिंग ही 8 बजकर 30 मिनट पर शुरू होती है तो चैनल पहले से ही रुझान कैसे देने लग जाते हैं। इस दौरान उन्होंने चुनावी रुझानों को जारी करने का प्रोसेस भी बताया।
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एग्जिट पोल को लगाई फटकार
राजीव कुमार ने टीवी चैनलों और एग्जिट पोल करने वाली एजेंसी को फटकार लगाते हुए कहा था कि ये अतिउत्साहित होकर इस तरह का काम करते हैं। वह अपने एग्जिट पोल के हिसाब से रुझान बताने लगते हैं। राजीव कुमार ने कहा, 'जब काउंटिग का दिन होता है तो सुबर 8 बजकर 5 मिनट और 10 मिनट से रिजल्ट आने शुरू हो जाते हैं और यह पूरी तरह से बकवास है। ऐसा तो नहीं कि एग्जिट पोल को सही साबित करने के लिए यह हो रहा है।'
चुनाव आयोग अपनी वेबसाइट पर जारी करता है आंकड़े
चुनाव आयोग अपनी आधिकारिक वेबसाइट पर चुनाव के नतीजे जारी करता है। राजीव कुमार ने बताया था कि चुनाव आयोग सुबह 9 बजकर 30 मिनट पर अपनी वेबसाइट पर आंकड़े जारी करता है। उन्होंने बताया कि आंकड़े जारी करने का एक प्रोसेस होता है और उस प्रोसेस को पूरा करने में कम से कम आधे घंटे का समय लगता है। यानी जब एक राउंड की गिनती पूरी होती है तो उस गिनती के बाद इलेक्शन कमीशन की वेबसाइट पर रुझान सामने आने में आधे घंटे का समय लगता है।
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टीवी चैनल कैसे देते हैं आंकडे़?
टीवी चैनल अपने रिपोर्टर के जरिए रुझान बताते हैं। काउंटिंग सेंटर पर टीवी चैनल अपने रिपोर्टर को भेजता है और काउंटिंग के रुझान काउंटिंग सेंटर पर लगे बोर्ड पर सबसे पहले दिखाई देते हैं और उसी बोर्ड से रिपोर्टर चैनलों को डेटा भेजते हैं। राजीव कुमार ने अपनी प्रेस कॉन्फ्रेंस में राजीव कुमार ने इस बात का जिक्र किया था कि यह संभव है कि टीवी चैनल चुनाव आयोग से पहले आंकड़े जारी कर दें क्योंकि उन्हें चुनाव आयोग की तरह प्रोसेस का पालन नहीं करना पड़ता।