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'दाढ़ी वाला मर्डर करे, मूंछ वाला पकड़ा जाए', NEET विवाद बोले UP के मंत्री

धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर कॉकरोच जनता पार्टी के कार्यकर्ता, दिल्ली में विरोध प्रदर्शन कर रहे हैं। अब यूपी के शिक्षा मंत्री ने इस पर अपना पक्ष रखा है।

Yogendra Upadhyay and Dharmendra Pradhan

योगेंद्र उपाध्याय और धर्मेंद्र प्रधान। AI Edit। Photo Credit: ChatGPT

केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ NEET-UG पेपर लीक केस में जनता का आक्रोश बढ़ता जा रहा है। नेशनल टेस्टिंग एजेंसी (NTA) की कार्यप्रणाली पर सवाल उठ रहे हैं। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे की मांग को लेकर दिल्ली में कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) के समर्थक जंतर मंतर पर धरना देने की तैयारी में हैं। लोग धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहे हैं। यूपी सरकार के शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय ने धर्मेंद्र प्रधान के बचाव में कुछ ऐसा कहा है, जो वायरल हो रहा है। 

धर्मेंद्र प्रधान के बचाव पर भारतीय जनता पार्टी की सरकार बुरी तरह घिरी है। रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह तो यहां तक कह चुके हैं कि एनडीए सरकार में मंत्री इस्तीफा नहीं देते हैं। विपक्ष धर्मेंद्र प्रधान का इस्तीफा मांग रहा है। विपक्ष का कहना है कि अगर शिक्षा विभाग आपसे संभल नहीं रहा है तो आप अपने पद से इस्तीफा क्यों नहीं देते हैं। सोशल मीडिया पर भी लोगों का यही कहना है। 

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'दाढ़ी वाला मर्डर करे और मूंछ वाला पकड़ा जाए'

एक पत्रकार ने यूपी के शिक्षा मंत्री योगेंद्र उपाध्याय से सवाल किया कि पेपर लीक मामले में केंद्रीय शिक्षा मंत्री धमेंद्र प्रधान ने इस्तीफा क्यों नहीं दिया। इस पर योगेंद्र उपाध्याय ने जवाब दिया, 'मंत्री का इस्तीफा क्यों हो? पेपर लीक के लिए वह जिम्मेदार नहीं हैं।'

योगेंद्र उपाध्याय, शिक्षा मंत्री, यूपी:-
इससे पहले क्या किसी मंत्री ने कभी इस्तीफा दिया। मंत्री जिम्मेदार नहीं है। दाढ़ी वाला मर्डर करे, मूंछ वाला पकड़ा जाए। यह तो नहीं चलेगा। मंत्री जी इसमें शामिल नहीं थे, अगर शामिल होते तो जेल जाते। मंत्री जी ने देखकर उन्हें दंडित किया है।

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धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ इतना गुस्सा क्यों है?

NEET-UG 2026 परीक्षा 3 मई को आयोजित की गई थी। परीक्षा के बाद पेपर लीक के गंभीर आरोप लगे, जिसके चलते NTA ने परीक्षा रद्द कर दी। 23 लाख से ज्यााद छात्रों की मेहनत और तैयारी बेकार गई। छात्रों पर मानसिक तनाव बढ़ा और कुछ आत्महत्या के मामले भी सामने आए। 

विपक्षी नेताओं और छात्र संगठनों ने NTA और शिक्षा मंत्रालय की बार-बार की नाकामी, सुरक्षा चूक और 'एजुकेशन माफिया' को रोकने में असफलता का ठीकरा धर्मेंद्र प्रधान पर फोड़ा है। लोगों का कहना है कि धर्मेंद्र प्रधान की अगुवाई में यह मंत्रालय, दिन प्रतिदिन कमजोर हो रहा है।

विपक्षा का कहना है कि अब परीक्षा प्रणाली पर भरोसा नहीं है। CBSE तक शिक्षा मंत्रालय से संभल नहीं रही है। धर्मेंद्र प्रधान के खिलाफ जांच की मांग लोग कर रहे हैं। सरकार ने 21 जून को दोबारा परीक्षा कराने का एलान किया है।

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