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अस्पताल में BP नहीं नाप पाई नर्स, कलेक्टर ने लगाई फटकार, नोटिस जारी

टीकमगढ़ में कलेक्टर ने जब अचानक अस्पताल पहुंचकर खुद गर्भवती महिला का बीपी चेक करना सिखाया। इस घटना से वहां की सारी पोल खुल गई और बड़ी लापरवाही सामने आ गई।

AI Image of a Nurse in Hospital ChatGPT

अस्पताल में मरीज का ब्लड प्रेशर चेक करती नर्स। AI इमेज। Photo Credit: ChatGPT

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मध्य प्रदेश के टीकमगढ़ जिले के सापौन गांव के छोटे से अस्पताल में शनिवार को जिला कलेक्टर विवेक श्रोतिया अचानक पहुंच गए। वहां पर काम करने वाली एक महिला अधिकारी रितु अहिरवार एक गर्भवती महिला का बीपी ठीक से नहीं नाप पाई जिसके बाद कलेक्टर साहब ने खुद आगे बढ़कर सबको सही तरीका करके दिखाया।

 

यह बात तब शुरू हुई जब कलेक्टर साहब समरा गांव में एक सरकारी कैंप में गए थे। वहां पर गांव के लोगों ने उनसे शिकायत की कि सापौन वाला अस्पताल ज्यादातर समय बंद ही रहता है और समय पर नहीं खुलता है। गांव वालों ने बताया कि इसकी वजह से आसपास के लोगों को इलाज करवाने में बहुत परेशानी होती है। लोगों की ये सारी बातें सुनने के बाद कलेक्टर साहब ने उसी समय फैसला किया कि वह खुद जाकर उस अस्पताल को देखेंगे।

 

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जब अधिकारी BP चेक नहीं कर पाई

कलेक्टर साहब जब अस्पताल के अंदर गए तो उन्होंने वहां काम करने वाली रितु अहिरवार से कहा कि वह वहां इलाज करवाने आई एक गर्भवती महिला का बीपी चेक करके दिखाएं। वह अधिकारी बीपी सही तरीके से चेक नहीं कर पाई और उसमें उलझ गई। यह देखकर कलेक्टर साहब ने खुद अपने हाथों से सही तरीका करके सबको दिखाया। इसके बाद जब कलेक्टर साहब ने उनसे उनकी पढ़ाई के बारे में पूछा तो पता चला कि वे नर्सिंग की पढ़ाई पूरी कर चुकी हैं।

सिर्फ बीपी वाली बात ही नहीं जब कलेक्टर साहब ने अस्पताल के रजिस्टर और कागजों को देखा तो उसमें भी बहुत सारी कमियां मिलीं। जांच में पता चला कि मरीजों के नाम लिखने वाले रजिस्टर में मरीजों के नाम के आगे तारीख ही नहीं डाली गई थी। इसके अलावा अस्पताल के आने-जाने वाले हाजिरी रजिस्टर में भी बहुत सारी गलतियां देखने को मिलीं।

 

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प्रशासन की सख्त कार्रवाई

इस छोटे से अस्पताल में पूरे 3 लोग काम करते हैं जिसमें 1 स्वास्थ्य अधिकारी और 1 एक्जिलरी नर्स मिडवाइफ (ANM) शामिल हैं। यह छोटा सा अस्पताल लगभग 1,000 से 1,200 लोगों की आबादी को इलाज की सुविधा देता है। अस्पताल में इतनी सारी कमियां देखकर कलेक्टर विवेक श्रोतिया ने बड़े अधिकारी को इस पूरे मामले की अच्छे से जांच करने के लिए कहा है। साथ ही, उस स्वास्थ्य अधिकारी को कारण बताओ नोटिस भेजने का भी आदेश दिया है और यह पक्का करने को कहा है कि आगे से यह अस्पताल रोज समय पर खुले ताकि लोगों को परेशानी न हो।


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