logo

मूड

ट्रेंडिंग:

क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के मामा ने UPSC में गाड़े झंडे, आई 102वीं रैंक

क्रिकेटर वैभव सूर्यवंशी के मामा अभिषेक चौहान ने अपने पहले ही अटेम्प्ट में यूपीएससी में 102वीं रैंक हासिल की है।

Father Abhay Kumar, Abhishek Chauhan And Mother Anuradha, Photo Credit: Social Media

पिता डॉ.अभय कुमार, अभिषेक चौहान और मां अनुराधा, Photo Credit: Social Media

शेयर करें

google_follow_us

संबंधित खबरें

Advertisement
Group2

बिहार के समस्तीपुर जिले के मोहिउद्दीननगर प्रखंड के राजाजन गांव के रहने वाले अभिषेक चौहान ने यूपीएससी की परीक्षा 2025 में देश भर में 102वीं रैंक हासिल की है। सबसे कमाल की बात यह है कि अभिषेक ने अपने पहले ही अटेम्प्ट में यह बड़ी कामयाबी हासिल की है। अब वह सिविल सर्वेंट बनकर देश की सेवा करेंगे।

 

अभिषेक ने IIT धनबाद से जियोलॉजी में पढ़ाई की है। वह गोल्ड मेडलिस्ट रहे हैं। पढ़ाई पूरी करने के बाद उन्हें एक बड़ी कंपनी में लाखों रुपये के पैकेज वाली नौकरी भी मिल गई थी। लेकिन उन्होंने महज 6 महीने में ही वह नौकरी छोड़ दी और साल 2022 से पूरी तरह यूपीएससी की तैयारी में जुट गए। उन्होंने 'सेल्फ स्टडी'  के दम पर यह सफलता पाई है। उन्होंने घर पर रहकर ही घंटों मेहनत की और बिना किसी नामी कोचिंग के 102वीं  रैंक हासिल कर सबको हैरान कर दिया।

 

यह भी पढ़ें: अविमुक्तेश्वरानंद ने हमला कराया...., अब क्या आरोप लगा रहे आशुतोष ब्रह्मचारी?

परिवार का नाम किया रोशन

अभिषेक चौहान भारतीय क्रिकेट के उभरते सितारे वैभव सूर्यवंशी के सगे मामा हैं। 13 साल के वैभव जहां क्रिकेट के मैदान पर रिकॉर्ड बना रहे हैं, वहीं उनके मामा अब सिविल सर्वेंट बनेंगे। अभिषेक के पिता डॉ.अभय कुमार सिंह वर्तमान में नालंदा ओपन यूनिवर्सिटी के कुलसचिव हैं और मां अनुराधा राजपूत एक हाउसवाइफ हैं।

 

यह भी पढ़ें: अनुराग डोभाल के वायरल वीडियो पर भाई कलम इंक ने दिया जवाब?

कैसा रहा बचपन?

अभिषेक का जन्म 18 नवंबर 1999 को हुआ था। उनकी शुरुआती शिक्षा हाजीपुर के अक्षरा स्कूल से हुई। इसके बाद उनका चयन सैनिक स्कूल और आरके मिशन दोनों जगह हुआ था। लेकिन उन्होंने आरके मिशन पुरुलिया से मैट्रिक और गुरु वशिष्ठ स्कूल, हाजीपुर से इंटरमीडिएट की पढ़ाई पूरी की।

 

जैसे ही यूपीएससी का रिजल्ट आया, अभिषेक के पैतृक गांव राजाजन और उनके ननिहाल दलसिंहसराय में खुशी की लहर दौड़ गई। ग्रामीणों ने पटाखे फोड़कर और मिठाई बांटकर इस जीत का जश्न मनाया। अभिषेक की इस सफलता ने पूरे बिहार और समस्तीपुर जिले का मान बढ़ाया है।


और पढ़ें