गुयाना की संसद में हाल ही में एक दिलचस्प नजारा देखने को मिला जहां सांसद विकास रामकिशुन ने विपक्ष के एक नेता को बहस की चुनौती दी। दरअसल, विपक्ष के एक नेता ने विकास की हिंदी पर सवाल उठाते हुए दावा किया कि उन्हें यह भाषा समझ नहीं आती। इस पर पलटवार करते हुए विकास ने न केवल हिंदी में जवाब दिया बल्कि सदन में मौजूद सभी लोगों को अपनी भाषाई पकड़ से हैरान कर दिया। अब इस भाषण के बाद सोशल मीडिया पर इसकी चर्चा बहुत हो रही है।
विकाश रामकिसून ने स्पीकर से अनुमति लेकर सीधे विपक्षी सदस्य का नाम लिया और उन्हें एक खुली चुनौती दी। उन्होंने साफ लफ्जों में कहा कि वे किसी भी विषय पर, कहीं भी और किसी भी टीवी चैनल पर बहस करने के लिए तैयार हैं, बशर्ते यह पूरी चर्चा हिंदी में हो। उन्होंने आत्मविश्वास के साथ कहा, 'विषय वह तय करें, मैं बिना कागज देखे जवाब दूंगा।'
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विकास का हिंदी में डिबेट का चैलेंज
संसद में भाषण के दौरान उन्होंने विपक्ष के नेता विष्णु पांडे जी को चैलेंज किया। उन्होंने कहा, 'माननीय सदस्य विष्णु पांडे जी, मैं आपको चुनौती देता हूं कि किसी भी जगह पर जाकर विषय वह तय करेंगे और मैं बहस करने को तैयार हूं।। मैं उनसे बहस बिना किसी कागज को देखे करूंगा। जो भी सवाल पूछा जाएगा उसका जवाब दिया जाएगा। किसी भी रिपोर्ट पर बात करने को तैयार हूं।'
कौन हैं विकास रामकिशुन?
विकास रामकिशुन को 2025 में कृषि मंत्रालय में राज्य मंत्री नियुक्त किया गया। वे वित्त, कानून और सार्वजनिक सेवा के क्षेत्रों में अनुभवी हैं। वह गुयाना में हिंदी-भाषी हिंदू समुदाय से जुड़े हैं। उन्होंने दिल्ली विश्वविद्यालय से कॉमर्स में स्नातक और वित्त में मास्टर डिग्री प्राप्त की है। हिंदी में डिबेट की चुनौती देने के बाद वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हुआ जिसकी सराहना भारत के गुयाना उच्चायोग ने भी की।
सितंबर 2025 में पद संभालने के बाद से ही विकास भारत और गयाना के बीच सांस्कृतिक रिश्तों को मजबूत करने में जुटे हैं। गुयाना में भारतीय मूल के लोगों की बड़ी आबादी रहती है, जहां हिंदी केवल एक भाषा नहीं बल्कि उनकी पहचान का हिस्सा है।
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सोशल मीडिया पर तारीफ
विकाश रामकिसून का यह अंदाज सोशल मीडिया पर भी काफी वायरल हो रहा है। लोग उनकी तारीफ करते हुए कह रहे हैं कि उन्होंने बिना किसी नोट या कागज की मदद के जिस तरह हिंदी बोली, उसने विरोधियों की बोलती बंद कर दी है।