टेक सेक्टर (IT) में काम तेज करने के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) टूल्स का इस्तेमाल तेजी से बढ़ रहा है लेकिन बिना पूरी समझ के इन पर ज्यादा निर्भरता कभी-कभी भारी भी पड़ सकती है। ऐसा ही एक मामला सामने आया है। जहां AI से तैयार कोड में हुई गंभीर गलती के कारण एक इंजीनियर को नौकरी से हाथ धोना पड़ा। यह घटना सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म रेडिट (Reddit) पर वायरल हुई एक पोस्ट के बाद चर्चा में आई।
वायरल पोस्ट में एक यूजर ने बताया कि उनका साथ काम करने वाला कंपनी में नया था और उसे पहले कोई इंटर्नशिप का अनुभव नहीं था। शुरू में मैनेजर ने उसे काम करने के लिए काफी समय दिया और वह खुद कोड लिखकर सीख रहा था लेकिन समय के साथ प्रोजेक्ट की डेडलाइन और सख्त होती गईं। समय पर काम पूरा करने के दबाव में उसने AI टूल्स का इस्तेमाल करके कोड बनाना शुरू कर दिया।
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आपको बता दें कि जब डेवलपर्स खुद कोड लिखते हैं तो वे उसका स्ट्रक्चर और लॉजिक अच्छी तरह समझते हैं। जिससे छोटी गलतियों को पहचानना आसान हो जाता है। हालांकि, AI से बनाया गया कोड अक्सर लंबा और मुश्किल होता है। जिससे छिपी हुई गलतियों का पता लगाना मुश्किल हो जाता है। पोस्ट के मुताबिक, AI कोड की हजारों लाइनें बना सकता है लेकिन उसके अंदर की गलतियां बाद में एक बड़ी समस्या बन सकती हैं। डेवलपर्स अक्सर इन्हीं गलतियों को ठीक करने के लिए AI का सहारा लेते हैं। जिससे रिस्क और बढ़ जाता है।
यह घटना कब हुई?
वायरल रेडिट पोस्ट के मुताबिक, मामला उस समय गंभीर हो गया जब एक रात करीब 11 बजे टीम को सूचना मिली कि प्रोडक्शन सिस्टम अचानक रुक गया है। इसके बाद पूरी टीम को अगले दिन तक समस्या ढूंढने और सिस्टम को फिर से चालू करने में लगना पड़ा। जांच के दौरान सामने आया कि समस्या उसी नए इंजीनियर के लिखे गए कोड में थी। जानकारी के अनुसार, उसने पहले AI टूल से कुछ बदलाव तैयार किए थे। जिन्हें बाद में समीक्षा के बाद सिस्टम में मर्ज भी कर दिया गया था।
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दूसरी गलती के बाद इंजीनियर को हटाया
यह प्रोडक्शन में उसकी दूसरी बड़ी गलती बताई गई। जिसके बाद कंपनी ने उसे तुरंत नौकरी से हटा दिया। हालांकि, इस फैसले पर सोशल मीडिया में बहस छिड़ गई। कई लोगों का कहना था कि जिम्मेदारी केवल जूनियर कर्मचारी की नहीं बल्कि मैनेजर और क्वालिटी टीम की भी होती है क्योंकि अंतिम कोड समीक्षा और टेस्टिंग सामूहिक प्रक्रिया होती है।
विशेषज्ञों का मानना है कि AI टूल्स काम को आसान जरूर बनाते हैं लेकिन डेवलपर्स के लिए कोड को समझना, टेस्टिंग करना और सही वेरिफिकेशन करना उतना ही जरूरी है। वरना छोटी चूक भी बड़े नुकसान का कारण बन सकती है।