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पेंगुइन की कहानी पर रो रहे लोग, कैसे और कहां रहते हैं ये पक्षी? सब जानिए

सोशल मीडिया पर इन दिनों निहिलिस्ट पेंगुइन का चंद सेकंड का वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। वीडियो देखने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पेंगुइन रहते कहां हैं।

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पेंगुइन की प्रतीकात्मक तस्वीर । Photo Credit- AI Generated

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सोशल मीडिया पर इन दिनों 'निहिलिस्ट पेंगुइन' का 30-40 सेकंड का एक वीडियो तेजी से वायरल हो रहा है। इस वीडियो को देखकर लोग खुद को उस पेंगुइन से जोड़कर देख रहे हैं। वीडियो देखने के बाद लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर पेंगुइन रहते कहां हैं। दरअसल, सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा यह वीडियो मशहूर फिल्मकार वर्नर हर्ज़ोग की साल 2007 में आई डॉक्यूमेंट्री ‘Encounters at the End of the World’ का एक दृश्य है।

 

इस सीन में पेंगुइनों का एक समूह समुद्र की ओर बढ़ रहा होता है, जहां उन्हें भोजन मिलना है। लेकिन उसी झुंड से एक पेंगुइन समुद्र की ओर जाने की बजाय बिल्कुल उलटी दिशा में, बर्फीली पहाड़ियों की ओर भागने लगता है। डॉक्यूमेंट्री में बताया गया है कि वह पेंगुइन न तो वापस लौटता है और न ही जीवित बच पाता है। अब इस वीडियो को देखकर लोग भावुक हो रहे हैं और खुद को इस पेंगुइन से जोड़कर देख रहे हैं।

 

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इस वीडियो के वायरल होने के बाद पेंगुइन को लेकर लोगों की रुचि तेजी से बढ़ी है। पेंगुइन एक प्रकार के पक्षी हैं जो उड़ नहीं सकते। ये आमतौर पर ठंडे और बर्फीले इलाकों में पाए जाते हैं। इनके काले-सफेद पंखों पर पीले रंग के चमकदार निशान होते हैं, जो इन्हें बेहद आकर्षक बनाते हैं। पेंगुइन अक्सर अकेले नहीं रहते बल्कि एक साथी के साथ जिंदगी बिताते हैं। कई जोड़े 10 से 13 साल तक साथ रहते हैं। माता-पिता बनने के बाद नर और मादा दोनों मिलकर अपने बच्चे की देखभाल करते हैं और भोजन की तलाश में शिकार पर जाते हैं।

कहां पाए जाते हैं पेंगुइन?

पेंगुइन कई महाद्वीपों में पाए जाते हैं। मुख्य रूप से ये अंटार्कटिक, दक्षिण अफ्रीका, दक्षिण जॉर्जिया द्वीप, गैलापागोस द्वीप, फ़ॉकलैंड द्वीप, न्यूजीलैंड और ऑस्ट्रेलिया में रहते हैं।

 

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अंटार्कटिक दुनिया का सबसे ठंडा और बर्फीला महाद्वीप है। यहां के उत्तरी छोर पर स्थित वेडेल सागर के आसपास हजारों पेंगुइन पाए जाते हैं। अंटार्कटिक में पेंगुइन की लगभग 7 प्रजातियां - एम्परर, एडेली, किंग, चिनस्ट्रैप, जेंटू, मैकरोनी और रॉकहॉपर- रहती हैं। इनमें एम्परर और एडेली पेंगुइन की सबसे बड़ी खासियत यह है कि ये केवल अंटार्कटिक में ही पाए जाते हैं।


इसके अलावा दक्षिण अफ्रीका के ठंडे समुद्री तटों पर भी पेंगुइन पाए जाते हैं। हालांकि ये बर्फीली पहाड़ियों में नहीं रहते। अफ्रीकी पेंगुइन के शरीर पर काले, सफेद और भूरे रंग के घने पंख होते हैं, जो उन्हें ठंडे पानी में गर्म और सूखा रखते हैं। इनकी चोंच नुकीली होती है और पैर काले रंग के होते हैं। अफ्रीकी पेंगुइन सबसे छोटी प्रजातियों में से एक हैं। नर आमतौर पर मादा से थोड़े बड़े होते हैं।

 

दक्षिण जॉर्जिया द्वीप पर भारी संख्या में पेंगुइन होने के कारण इस द्वीप को पेंगुइनों का स्वर्ग माना जाता है। यहां किंग पेंगुइन की दुनिया की सबसे बड़ी कॉलोनियां पाई जाती हैं, जैसे सेंट एंड्रयूज बे। दक्षिण जॉर्जिया में लगभग 4.5 लाख जोड़े किंग पेंगुइन रहते हैं, जो दुनिया की कुल किंग पेंगुइन आबादी का एक-तिहाई से आधा हिस्सा माने जाते हैं। यहां के किंग पेंगुइन अपने भूरे और सुनहरे रंग के कारण बेहद खूबसूरत माने जाते हैं।

 

न्यूजीलैंड में कई ऐसी जगहें हैं जहां पेंगुइन आसानी से देखे जा सकते हैं। यहां पाए जाने वाले छोटे नीले पेंगुइन दुनिया के सबसे छोटे पेंगुइन होते हैं। इनकी लंबाई लगभग 35 सेंटीमीटर और13 इंच  होती है। इन्हें फेयरी पेंगुइन या लिटिल पेंगुइन भी कहा जाता है। इन्हें देखने के लिए ओमारू स्थित ओमारू ब्लू पेंगुइन कॉलोनी सबसे प्रसिद्ध जगह है।


ऑस्ट्रेलिया के पेंगुइन छोटे और नीले रंग के होते है। पेंगुइन के छोटे और प्यारे आकार के वजह से इन्हें परी पेंगुइन भी कहा जाता है। विक्टोरिया के फिलिप द्वीप पर लकड़ी के रास्तों से चलते हुए इन पेंगुइनों को उनके बिलों में जाते देखा जा सकता है। इसके अलावा ये मेलबर्न के सेंट किल्डा पियर क्षेत्र में भी पाए जाते हैं। वहीं, फ़ॉकलैंड द्वीप में भी पेंगुइन की कई प्रजातियां रहती हैं।

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