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दिव्यांग कोटा वाले आरक्षण के लिए काट डाला अपना पैर, गर्लफ्रेंड ने खोल दी पोल

उत्तर प्रदेश के जौनपुर में एक युवक ने फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाने की कोशिश की लेकिन वह असफल रहा। इसके बाद युवक ने अपना ही पैर काट लिया ताकि उसे दिव्यांग कोटे का लाभ मिल सके।

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सूरज, Photo Credit: Social Media

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दिव्यांग लोगों को सरकार की ओर से कॉलेज एडमिशन से लेकर नौकरी तक में प्राथमिकता दी जाती है। दिव्यांग कोटे का कई लोग गलत इस्तेमाल भी करते हैं और फर्जी दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाकर नौकरी या एडमिशन लेने की कोशिश करते हैं लेकिन उत्तर प्रदेश के जौनपुर से एक हैरान कर देने वाला मामला सामने आया है। यहां एक युवक ने दिव्यांग कोटे का फायदा उठाने के लिए अपने पैर का पंजा ही काट लिया। यह मामला अब सुर्खियों में है क्योंकि युवक ने पुलिस को भी गुमराह किया। 

 

यह मामला यूपी के जौनपुर के लाइन बाजार थाना क्षेत्र का रहने वाला सूरज भास्कर मेडिकल कोर्स में एडमिशन लेने के लिए नीट की परीक्षा की तैयारी कर रहा था। उसका टारगेट था कि 2026 में उसे किसी भी तरह नीट का पेपर क्रैक करना है और MBBS कोर्स में एडमिशन लेना है। इसके लिए सूरज ने ऐसी कहानी रची जिसे सुनकर हर कोई हैरान रह गया। 

 

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पुलिस को किया गुमराह

सूरज ने पुलिस को बताया कि गुरुवार की रात कुछ लोगों ने उसके साथ मारपीट की और जब वह सो कर उठा तो उसके बाएं पैर का पंजा नहीं था। पुलिस ने सूरज की शिकायत पर अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया। 

 

पुलिस जब मामले की जांच में जुटी तो सूरज के भी बयान लिए गए। पुलिस पूछताछ में सूरज बार-बार अपने बयान बदल रहा था। जब सूरज अपने साथ हुई कथित घटना के बारे में सही से नहीं बता पाया और बार-बार अपने बयान बदल रहा था तो पुलिस को शक हो गया। 

प्रेमिका ने खोली पोल

पुलिस को जब शक हुआ तो पुलिस ने सूरज की कॉल डिटेल्स निकलवाई। पुलिस को पता चला कि सूरज की एक प्रेमिका है जिससे वह शादी करना चाहता है। पुलिस ने उसकी प्रेमिका को पूछताछ के लिए बुलाया। प्रेमिका ने पुलिस को बताया कि सूरज 2026 में MBBS में एडमिशन लेना चाहता था। प्रेमिका ने बताया कि सूरज दिव्यांग सर्टिफिकेट बनवाना चाहता था और उसके लिए वह कई बार कोशिश कर चुका था। अक्टूबर महीने में वह वाराणसी बनारस हिंदू यूनिवर्सिटी भी गया था लेकिन वहां दिव्यांगता ना होने ते ताकण सूरज का दिव्यांग सर्टिफिकेट नहीं बन पाया। सूरज को जब फर्जी तरीके से दिव्यांग सर्टिफिकेट बनाने में सफल नहीं रहा तो उसने खुद को दिव्यांग बनाने का फैसला कर लिया। 

पुलिस ने क्या बताया?

पुलिस ने बताया कि सूरज उसके साथ मारपीट की बात कर रहा था लेकिन उस समय टावर में कोई और मोबाइल फोन नहीं दिखा रहा था। कोई और डिजिटल सबूत भी पुलिस को नहीं मिला। पुलिस ने आसपास जांच की तो उसे एक खेत में कुछ इंजेक्शन मिले। पुलिस का दावा है कि यह इंजेक्शन एनेस्थीसिया के हैं। 

 

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खुद काटा पैर

जौनपुर सिटी सीओ गोल्डी गुप्ता के अनुसार, सूरज ने अपने पैर का पंजा खुद ही काटा था और दर्द से बचने के लिए उसने खुद ही इंजेक्शन लगया था। दर्ज का इंजेक्शन लगाने के बाद ग्राइंडर से खुद ही पंजा काट लिया और इसके हाद उसने कहानी बनाई की उसके साथ मारपीट की गई और जब वह सुबह उठा तो उसके बाएं पैरका पंजा नहीं था। 

 

सूरज को इलाज के लिए अस्पताल ले जाया गया और बाद में उसको ट्रामा सेंटर रेफर किया गया था। पुलिस का कहना है कि अस्पताल से छुट्टी मिलने के बाद सूरज का बयान दर्ज किया जाएगा और इसके बाद आगे कानूनी कार्रवाई की जाएगी।  

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