मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में स्थित एम्स अस्पताल, जिसे शहर का सबसे सुरक्षित और हाई-सिक्योरिटी वाला स्वास्थ्य संस्थान माना जाता है, वहां भी अब महिलाएं महफूज नहीं हैं। 25 जनवरी की शाम एम्स के भीतर एक ऐसी वारदात हुई जिसने अस्पताल के सुरक्षा घेरे पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यहां ब्लड बैंक के पीछे वाली लिफ्ट में स्त्री रोग विभाग की अटेंडर वर्षा सोनी के साथ चेन स्नेचिंग की गई, जिसका सीसीटीवी फुटेज सोमवार को सामने आने के बाद हड़कंप मच गया है।
हैरानी की बात यह है कि वारदात के समय लिफ्ट के पास एक भी सुरक्षाकर्मी तैनात नहीं था। पीड़िता ड्यूटी के दौरान लिफ्ट में अकेली थीं, तभी मास्क और टोपी पहने एक युवक अंदर घुसा। उसने अनजान बनकर महिला डॉक्टर से कुछ पूछा और जैसे ही लिफ्ट किसी फ्लोर पर रुकी, आरोपी ने बाहर निकलते ही अचानक पलटकर वर्षा के गले पर झपट्टा मार दिया।
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घटना के बाद अस्पताल प्रशासन
वारदात के बाद वर्षा सोनी करीब दस मिनट तक वहीं लिफ्ट के पास बैठकर रोती रहीं। काफी देर बाद जब एक गार्ड राउंड पर आया, तब जाकर अस्पताल के अधिकारियों को मामले की जानकारी मिली। हालांकि वर्षा ने बागसेवनिया थाने में अपनी लिखित शिकायत दे दी है लेकिन खबर लिखे जाने तक पुलिस ने एफआईआर दर्ज नहीं की थी।
गार्ड छुट्टी पर
अस्पताल प्रशासन और सिक्योरिटी एजेंसी की बड़ी लापरवाही यह सामने आई है कि रविवार की छुट्टी और 26 जनवरी का समय होने की वजह से कई वार्डों में सुरक्षाकर्मियों की संख्या कम कर दी गई थी। इसी का फायदा उठाकर बदमाश ने वारदात को अंजाम दिया। शुरुआती जांच में पता चला है कि आरोपी लूट के बाद अस्पताल के आईपीडी (IPD) गेट से बाहर निकला और रफूचक्कर हो गया।
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आपको यह बता दें कि एम्स कैंपस के अंदर छोटी-मोटी चोरियों की खबरें तो पहले आई हैं लेकिन किसी महिला को निशाना बनाकर लिफ्ट के अंदर लूटपाट करने का यह अपनी तरह का पहला मामला है। फिलहाल पुलिस सीसीटीवी कैमरों की फुटेज खंगाल रही है लेकिन आरोपी ने मास्क लगा रखा था, जिसकी वजह से उसकी पहचान करना पुलिस के लिए बड़ी चुनौती बना हुआ है।