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बच्ची को बेड में कैद किया, घर में छिपाया, पड़ोसियों ने कराया नाबालिग का रेस्क्यू

गुवाहाटी में एक 13 साल की मासूम बच्ची को घर के अंदर दीवान में छिपाकर रखा गया था, जिसे प्रशासन ने छापेमारी कर सुरक्षित छुड़ा लिया है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Sora

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असम के गुवाहाटी पंजाबारी इलाके से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। यहां के जुरीपार स्थित एक घर में 13 साल की एक नाबालिग बच्ची को बंधक बनाकर रखा गया था। यह घटना 1 फरवरी 2026 को सामने आई जब डिस्ट्रिक्ट लेबर टास्क फोर्स (DLTF), असम सेंटर फॉर रूरल डेवलपमेंट और पुलिस ने छापा मारा। टीम ने अमरीन अख्तर लस्कर नाम के व्यक्ति के घर पर छापेमारी की तो बच्ची को दीवान के अंदर पाया। यह खबर अब सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रही है। 

 

हैरानी की बात यह है कि जब अधिकारी घर पहुंचे तो घर के मालिकों ने बच्ची को छिपाने की कोशिश की। पकड़े जाने के डर से मासूम को लगभग 25 मिनट तक लकड़ी के दीवान (स्टोरेज बॉक्स) के अंदर बंद करके रखा गया था,  लेकिन प्रशासन की मुस्तैदी की वजह से बच्ची को सही सलामत बाहर निकाल लिया गया।

 

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6 साल से हो रहा था शारीरिक शोषण

जांच में यह बात सामने आई है कि यह बच्ची पिछले 6 सालों से इस घर में घरेलू कामगार के तौर पर रह रही थी। इतने लंबे समय तक उसे न सिर्फ कैद में रखा गया, बल्कि उसके साथ लगातार मारपीट और शारीरिक शोषण भी किया गया। स्थानीय लोगों को जब इस बात का शक हुआ और उन्होंने शिकायत की, तब जाकर इस मामले का खुलासा हो पाया।

 

ऐसा बताया जा रहा है कि लड़की सिलचर से थी और पिछले छह साल से अमरिन अख्तर लस्कर और बहारुल हक लस्कर के घर पर काम कर रही थी। वह खराब शारीरिक और मानसिक स्थिति में मिली। उसके शरीर पर कई चोट के निशान मिले। 

कानूनी कार्रवाई

पुलिस ने परिवार के खिलाफ केस दर्ज किया है। लड़की को सुरक्षित कस्टडी में लिया गया, जहां उसे मेडिकल जांच, काउंसलिंग और पुनर्वास सहायता दी जा रही है। भारत में 14 साल से कम उम्र के बच्चों को घरेलू काम पर रखना अवैध है।

 

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नोएडा का मामला

नोएडा में जनवरी 2026 में एक जवान और उसकी पत्नी द्वारा नाबालिग लड़की को घरेलू काम के लिए रखने और मारपीट का मामला सामने आया था। पुलिस ने दोनों को गिरफ्तार कर लिया है। CRPF की 235वीं बटालियन के कांस्टेबल तारिक अनवर और उनकी पत्नी रिम्पा खातून ने बिना विभागीय अनुमति के अपनी रिश्तेदार 10 वर्षीय नाबालिग लड़की को पश्चिम बंगाल से लाकर ग्रेटर नोएडा स्थित कैंप के सरकारी आवास पर रखा था। 


वे बच्ची से घरेलू काम और अपने बच्चों की देखभाल करवाते थे। 14-15 जनवरी 2026 की रात को गंभीर मारपीट हुई, जिसमें बच्ची को सिर, छाती और शरीर पर गंभीर चोटें आईं। 15 जनवरी को सर्वोदय अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां से मैक्स अस्पताल के वेंटिलेटर पर शिफ्ट किया गया। जवान को निलंबित कर दिया गया है और जांच जारी है।

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