अमेरिका के फ्लोरिडा से एक बेहद चौंकाने वाला मामला सामने आया है। जिसने मेडिकल जगत को शर्मसार कर दिया है। यहां एक सर्जन की घोर लापरवाही के कारण एक व्यक्ति की जान चली गई। 44 वर्षीय डॉ. थॉमस शाखनोव्स्की पर आरोप है कि सर्जरी के दौरान उन्होंने मरीज का लिवर निकाल दिया, जबकि उन्हें असल में मरीज की तिल्ली (spleen) निकालनी थी। इस भयानक मानवीय भूल के कारण मरीज बिल ब्रायन के शरीर से इतना ज्यादा खून बह गया कि उनकी मौत वहीं हो गई।
इस मामले में प्रशासन ने सख्त कार्रवाई करते हुए डॉ. थॉमस को गिरफ्तार कर लिया है और उन पर गैर-इरादतन हत्या का केस दर्ज किया गया है। रिपोर्ट्स के अनुसार डॉक्टर ने न केवल अंगों की पहचान में गलती की, बल्कि ऑपरेशन के बाद अपने सहकर्मियों को भी गुमराह करने की कोशिश की। इस घटना के बाद स्वास्थ्य विभाग ने डॉक्टर का मेडिकल लाइसेंस तुरंत सस्पेंड कर दिया है।
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सर्जरी से पहले मरीज ने जताई थी आपत्ति
जानकारी के अनुसार अगस्त 2024 में बिल ब्रायन अस्पताल में भर्ती हुए थे। जांच के बाद डॉक्टर ने उन्हें तिल्ली निकालने की सलाह दी थी। हालांकि मरीज इस सर्जरी के लिए तैयार नहीं था और अलाबामा जाकर इलाज कराना चाहता था। इसके बावजूद आरोप है कि डॉक्टर ने उन पर दबाव बनाया, जिसके बाद उन्होंने ऑपरेशन के लिए हामी भर दी। सर्जरी के दिन अस्पताल में स्टाफ की भी कमी बताई जा रही है।
गलती के बाद भी नहीं किया स्वीकार
रिपोर्ट्स के मुताबिक, ऑपरेशन के दौरान जब मरीज की हालत बिगड़ने लगी और खून बहने लगा तब भी डॉक्टर ने स्टाफ से तुरंत मदद नहीं मांगी। इतना ही नहीं, सर्जरी के बाद उन्होंने स्टाफ को यह समझाने की कोशिश की कि जो अंग निकाला गया है वह तिल्ली है। जबकि मौजूद मेडिकल स्टाफ ने साफ तौर पर पहचान लिया कि वह लिवर है। इस घटना से वहां मौजूद कर्मचारी भी हैरान रह गए।
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लाइसेंस सस्पेंड, 15 साल तक की सजा संभव
इस गंभीर लापरवाही के बाद फ्लोरिडा प्रशासन ने डॉक्टर का मेडिकल लाइसेंस सस्पेंड कर दिया है। वहीं, अलाबामा में भी उन्होंने अपना लाइसेंस सरेंडर कर दिया है। पुलिस ने उन्हें गिरफ्तार कर लिया था, हालांकि बाद में जमानत पर रिहा कर दिया गया। अगर कोर्ट में आरोप साबित होते हैं तो डॉक्टर को 15 साल तक की जेल हो सकती है।