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'कोई मोदी को याद दिलाओ, PM बन चुके हैं...', अनिरुद्धाचार्य ने ऐसा क्यों कहा?

अनिरुद्धाचार्य ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गोहत्या रोकने के पक्षधर थे लेकिन शायद अब वह भूल गए हैं कि उन्हें गोहत्या के खिलाफ काम करना था।

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कथावाचक अनिरुद्धाचार्य। Photo Credit: Aniruddhacharyajimaharaj/fb

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गौरी गोपाल आश्रम के प्रमुख और वृंदावन के कथावाचक अनिरुद्धाचार्य ने कहा है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी भूल गए हैं कि वह देश के प्रधानमंत्री हैं। उन्होंने दावा किया कि प्रधानमंत्री मोदी गोहत्या के खिलाफ कानून लाने की बात करते थे लेकिन अब वह बन गए हैं, फिर भी कानून नहीं ला रहे है।

अनिरुद्धाचार्य ने दावा किया कि सरकार गोहत्या का लाइसेंस जारी करती है, इस पर रोक लगानी चाहिए। उन्हें सरकार पर तंज कसा कि जो लोग गोहत्या रोकने की बात करते थे, उन्हीं के राज में गोमांस बिक रहा है लेकिन प्रतिबंध नहीं लगाया जा रहा है। 

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अनिरुद्धाचार्य, कथावाचक:-
हमारे देश के प्रधानमंत्री मोदी जी हैं। जब प्रधानमंत्री नहीं बने थे, तब उन्होंने एक इंटरव्यू में कहा था कि गाय को राष्ट्र माता बनाओ, मोदी खुद कह रहे थे, गोहत्या बंद करो, तब जब वह प्रधानमंत्री नहीं थे। मोदी जी प्रधानमंत्री बन गए हैं। मोदी जी को कोई याद दिलाओ कि मोदी जी प्रधानमंत्री आप बन चुके हैं। 

'आग गोहत्या के खिलाफ थे, फिर लाइसेंस क्यों'

अनिरुद्धाचार्य ने कहा, 'आप गोहत्या बंद कराओ क्योंकि आप ही कहते थे कि गोमांस बहुत सप्लाई हो रहा है। हमसे रुकेगा नहीं। हम तो सप्लाई बनाने का लाइसेंस हम तो बांटते नहीं हैं। लाइसेंस बांट ही सरकार रही है। मोदी जी प्रधानमंत्री बनने से पहले थे गोहत्या न हो, गोमांस पर प्रतिबंध हो, गाय को राष्ट्रमाता का दर्जा देना चाहिए।'

गोहत्या पर सरकार का रुख क्या है?

देश में गोहत्या को लेकर एक समान स्थिति नहीं है। कुछ जगहों पर पूर्ण प्रतिबंध है, कहीं आंशिक और कहीं गोहत्या पर बैन नहीं है।

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किन राज्यों में पूर्ण प्रतिबंध है?

महाराष्ट्र, उत्तर प्रदेश, गुजरात, हरियाणा, कर्नाटक, झारखंड, पंजाब, राजस्थान, उत्तराखंड, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, दिल्ली, दादरा-नगर हवेली-दमन-दीव, चंडीगढ़, जम्मू-कश्मीर, हिमाचल प्रदेश और लद्दाख में गाय, बछड़े और बैल पर पूर्ण या लगभग पूर्ण प्रतिबंध है। इन राज्यों में वध करने, बेचने या रखने पर भारी सजा और जुर्माना लगता है।

 

 

 

आंशिक प्रतिबंध वाले राज्य कौन से हैं?

तमिलनाडु, असम, ओडिशा, आंध्र प्रदेश, तेलंगाना, बिहार, पश्चिम बंगाल, गोवा, पुडुचेरी और अंडमान-निकोबार में कुछ हद तक प्रतिबंध है। इनमें आमतौर पर कम उम्र के गाय-बछड़ों का वध प्रतिबंधित है। पुराने और अस्वस्थ जानवरों को प्रमाण-पत्र लेकर वध की अनुमति मिल सकती है।

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किन राज्यों में कोई प्रतिबंध नहीं है?

केरल, अरुणाचल प्रदेश, मेघालय, मिजोरम, नागालैंड, त्रिपुरा, सिक्किम, लक्षद्वीप और मणिपुर में गोहत्या पर कोई कानूनी प्रतिबंध नहीं है। सुप्रीम कोर्ट की इस रोक के बाद अब तमिलनाडु में गाय वध पर हाईकोर्ट का आदेश फिलहाल लागू नहीं होगा। पूरा मामला अब सुप्रीम कोर्ट में आगे चलेगा।

 

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