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'दाढ़ी रखो, टोपी रखो, चरित्र तो पूर्वजों जैसा रखो...', क्या बोल गए रामदेव?

योग गुरु रामदेव ने कहा है कि हिंदू राष्ट्र से किसी को दिक्कत नहीं होगी, बस ईसाई और मुस्लिमों को अपने पूर्वजों के चरित्र को अपनाना होगा।

Yoga Guru Swami Ramdev

योग गुरु रामदेव। Photo Credit: Ramdev/FB

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योग गुरु रामदेव ने हिंदू राष्ट्र और इस्लाम पर कुछ ऐसा कहा है कि देश में 'हिंदू राष्ट्र' पर बहस छिड़ गई है। रामदेव ने कहा है कि हिंदू धर्म छोड़कर दूसरे धर्मों में जाने वाले लोगों के पूर्वज एक हैं। उन्हें अपने पूर्वजों की परंपरा का पालन करना चाहिए। उनका दावा है कि मुसलमानों हों या ईसाई, सबके पूर्वज हिंदू ही हैं, इसलिए लोगों को परंपराओं का सम्मान करना चाहिए। उनके बयान की कांग्रेस और समाजवादी पार्टी के नेताओं ने खंडन किया है और कहा है कि बीजेपी, संस्कृति थोप रही है। 

रामदेव पतंजलि योग पीठ के सहसंस्थापक हैं और संन्यासी है। उनके बयान पर अब हिंदू राष्ट्र को लेकर बहस छिड़ गई है। लोगों का कहना है कि अगर भारत पंथनिरपेक्ष राष्ट्र है तो किसी एक धर्म को थोपने की बात कही जा रही है। वारिस पठान और सलमान खुर्शीद जैसे नेताओं ने उनके बयान को एक सिरे से खारिज किया है और कहा है कि रामदेव का बयान गलत है। 

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'मजहब अलग है लेकिन परंपरा एक ही है'

रामदेव ने कहा, 'साल 2009 में मुझे देवबंद बुलाया गया था। हमारे मजहब अलग हो सकते हैं लेकिन पूर्वज एक हैं। हिंदू राष्ट्र के नाम पर किसी को डरने की जरूरत नहीं है, हम सभी के पूर्वज सनातनी हिंदू आर्य वैदिक हैं। डरते क्यों हो। हिंदू राष्ट्र बन जाएगा तो मुसलमानों कहां जाएंगे, कहां जाएंगे, अपने पूर्वजों की परंपराओं को अपनाओ।'

'जो अपने बाप का नहीं हुआ, वह किसी का नहीं होगा'

रामदेव ने कहा, 'अरे जो अपने बाप का नहीं हुआ, वह किसी का नहीं हो सकता। अपने जो पुर-पुरखे हैं, ऋषि मुनि हैं, उनकी बात को मानो। तुम दाढ़ी रखो, मूंछ कटाओ, कैसे भी टोपी पहने, पगड़ी पहनो, चरित्र अपने पूर्वजों जैसा ही रखो। कोई खतरा नहीं है मुसलमानों और इसाइयों को।'

'शंकराचार्य की बात मानें हिंदू', रामदेव की सलाह

रामदेव ने कहा, 'कैथोलिक हों, प्रोटेस्टेंट हों लेकिन वेटिकन सिटी से जो आवाज आती है, लोग कहते हैं कि ये तो हमें मानना है। जो मक्का मदीना और मदरसों से फतवा जारी होता है, उसे लोग मानते हैं। मुल्ला मुसलमान मौलवी जो आदेश जाराी होती है तो वह उसे मानते हैं। ऐसे ही संतों का आदेश मानना चाहिए।'

 

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सलमान खुर्शीद रामदेव के बयान पर भड़के 

पूर्व केंद्रीय मंत्री और कांग्रेस नेता सलमान खुर्शीद ने रामदेव के बयान पर कहा,'घबराने की तो जरूरत नहीं है, लेकिन पूछ तो उनसे लीजिए, जो हिंदू राष्ट्र की बात करते हैं। उनसे पूछ लेते, बाबा रामदेव से पूछ लेते। उन्होंने ये बात कही है न। मैं कैसे बताऊं इनके मन में क्या है, किस परिप्रेक्ष्य में वो इस बात को बोल रहे हैं?' 

सलमान खुर्शीद, नेता, कांग्रेस:-
सब सनातनी थे तो यहां पर इतनी दरारें क्यों डालने की कोशिश की जाती है? सबको सनातनी मान लो न, दरारें क्यों डालने की कोशिश की जाती है?

'मुसलमान किसी के बाप से नहीं डरता है'

ऑल इंडिया इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) प्रवक्ता वारिस पठान ने रामदेव के बयान पर नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने कहा, 'सुनो बोबा, मुसलमान किसी के बाप से नहीं डरता है। हम संविधान का सम्मान करते हैं। अपनी बात कायदे कानून के दायरे में रखकर करते हैं। हमारी खामोशी को डर की गिनती में मत लो। आप संविधान को मानते नहीं हैं। डरने-घबराने की क्या बात करना।'

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