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'सैलरी नौकरों की, एटीट्यूड CEO जैसा...', सोशल मीडिया पर छिड़ी बहस, आखिर क्यों?

इंटरव्यू में वर्क फ्रॉम होम मांगने पर एचआर ने महिला से 'CEO जैसी सोच' रखने की डिमांड कर दी। महिला के करारे जवाब और इस पूरी घटना का वीडियो अब सोशल मीडिया पर खूब वायरल हो रहा है।

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प्रतीकात्मक तस्वीर, AI Generated Image

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इंस्टाग्राम पर उदिता नाम की एक लड़की का वीडियो खूब वायरल हो रहा है। इस वीडियो में उदिता ने बताया कि एक जॉब इंटरव्यू के दौरान उनके साथ क्या हुआ। जब उदिता ने एचआर से पूछा कि क्या शनिवार को घर से काम करने की सुविधा मिलेगी, तो एचआर ने बहुत ही अजीब जवाब दिया। एचआर ने कहा कि कंपनी को ऐसे कर्मचारी चाहिए जिनकी सोच और काम करने का तरीका किसी 'CEO' जैसा बड़ा हो। उदिता के इस वीडियो ने इंटरनेट पर बहस छेड़ दी है कि क्या ऑफिस में कर्मचारियों से जरूरत से ज्यादा काम की उम्मीद करना सही है।

 

उदिता ने वीडियो में बताया कि जब उन्हें पता चला कि हफ्ते में 6 दिन काम करना है, तो उन्होंने बस शनिवार के लिए घर से काम करने की बात पूछी थी। एचआर की 'CEO लेवल एटीट्यूड' वाली बात सुनकर उदिता चुप नहीं रहीं। उन्होंने तुरंत पूछा, 'तो क्या आप मुझे सीईओ की नौकरी दे रहे हैं?' यह सुनकर एचआर ने कुछ भी नहीं कहा और फोन काट दिया। उदिता का कहना है कि अपनी शर्तों पर बात करना और काम के साथ अपनी निजी जिंदगी के लिए समय मांगना बिल्कुल गलत नहीं है।

 

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लोगों ने निकाली भड़ास

यह वीडियो वायरल होते ही हजारों लोगों ने इस पर अपनी राय दी है। लोग इस बात से नाराज हैं कि कंपनियां काम तो बहुत ज्यादा चाहती हैं लेकिन जब सुविधा देने की बात आती है तो पीछे हट जाती हैं। वीडियो पर कमेंट करते हुए एक यूजर ने लिखा कि कंपनियों को काम गुलामों वाला चाहिए और सैलरी बहुत कम। वहीं दूसरे लोगों का कहना है कि आज के दौर में मेहनत के नाम पर लोगों को बहुत ज्यादा थकाया जा रहा है।

 

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वर्क-लाइफ बैलेंस पर छिड़ी नई बहस

उदिता ने अपने वीडियो के जरिए यह मेसज देने की कोशिश की है कि ऑफिस में अपनी सीमाएं तय करना या सुख-सुविधाओं की मांग करना कोई गलत बात नहीं है। उन्होंने कैप्शन में लिखा कि असली लीडरशिप खुद को थकाने में नहीं, बल्कि अपनी कीमत पहचानने में है। यह घटना दर्शाती है कि कैसे आज भी कई ऑफिस में कर्मचारी के मानसिक स्वास्थ्य और उसकी जरूरतों के बजाय केवल काम को ही सबसे ऊपर रखा जाता है।


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