असम में जिस पिच पर भारतीय जनता पार्टी (BJP) कांग्रेस को घेर रही है, उसी पिच पर कांग्रेस भारतीय जनता पार्टी को घेर रही है। मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा, गौरव गोगोई पर भ्रष्टाचार के आरोप लगा रहे हैं, यही आरोप गौरव गोगोई हिमंत बिस्व सरमा पर लगा रहे हैं। असम में 9 अप्रैल को वोटिंग है, उससे पहले ही पूरा राज्य सियासी अखाड़े में तब्दील हो गया है। दोनों तरफ से जमकर एक-दूसरे को भ्रष्ट बताया जा रहा है।

हिमंत बिस्व सरमा पर आरोप लग रहे हैं कि उनका परिवार सैकड़ों एकड़ जमीनें हड़प गया है, राज्य की योजनाओं को पास होने के लिए घूस लिया जा रहा है, मुस्लिमों के खिलाफ कैंपेनिंग की जा रही है, हिमंत बिस्व सरमा भी ऐसे ही आरोप लगा रहे हैं। उनका कहना है कि जब लगातार 15 साल तक, कांग्रेस की सरकार थी, तब सरकारी नौकरियों के लिए लोगों को घूस देना पड़ता था।

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क्या है असम चुनाव में भ्रष्टाचार वाला एंगल?

असम के मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा ने शनिवार को कांग्रेस पर अपने शासनकाल में भर्ती प्रक्रिया में भ्रष्टाचार का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि कांग्रेस शासन में आंगनवाड़ी जैसी निचली स्तर की नौकरियों के लिए भी लगभग 2 लाख रुपये की रिश्वत देनी पड़ती थी। मुख्यमंत्री ने दावा किया कि पिछले पांच वर्षों में उनकी सरकार ने बिना किसी भ्रष्टाचार के 1.65 लाख सरकारी नौकरियां दी हैं।

हिमंत बिस्व सरमा:-
क्या कोई कांग्रेस का मुख्यमंत्री बता सकता है जिसने बिना पैसे लिए एक लाख नौकरियां भी दी हों? अगर बीजेपी दोबारा सत्ता में आई तो अगले कार्यकाल में दो लाख अतिरिक्त सरकारी नौकरियां दी जाएंगी। कांग्रेस शासन में भर्तियों में 5 लाख से 1 करोड़ रुपये तक की रिश्वत ली जाती थी।

कांग्रेस और गौरव गोगोई पर क्या-क्या आरोप लगा रहे हिमंत?

  • पाकिस्तान कनेक्शन: हिमंत बिस्व सरमा आरोप लगाते हैं कि गौरव गोगोई की पत्नी एलिजाबेथ कोलबर्न और पाकिस्तानी नागरिक अली तौकीर शेख के बीच गहरा रिश्ता है। उन्होंने आरोप लगाया कि गौरव गोगोई की पत्नी पाकिस्तान के लिए काम करती थीं, उन्होंने भारत की गोपनीय जानकारियां पाकिस्तान को दीं। गौरव गोगोई, पाकिस्तानी एजेंट हैं, एंटी इंडिया नेटवर्क का हिस्सा हैं। हिमंत का दावा है कि गौरव गोगोई साल 2013 में बिना वीजा के पाकिस्तान की अवैध यात्रा की थी। 
  • SIT रिपोर्ट: असम पुलिस की स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) की रिपोर्ट का जिक्र करते हुए हिमंत बिस्व सरमा ने कहा कि जांच में कुछ गंभीर बातें सामने आई हैं। कांग्रेस इन आरोपों को बेबुनियाद और बेतुका बताती है। 
  • भ्रष्टाचार के आरोप: मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरमा का दावा है कि कांग्रेस के राज में छोटी हो या बड़ी नौकरी, बिना घूस के किसी को भी सरकारी नौकरी नहीं दी जा रही थी। 
  • एंटी असम होने के आरोप: हिमंत बिस्व सरमा कांग्रेस को परिवार केंद्रित पार्टी बताते हैं। उनका कहना है कि कांग्रेस, असम के हितों के खिलाफ एजेंडा चला रहा है। वह पार्टी के खिलाफ काम करता है। उन्होंने गौरव गोगोई को एक असफल नेता करार दिया है, जो अपने विधायकों और पार्टी सदस्यों को एकजुट रखने में नाकाम रहे हैं। 
  • राष्ट्रीय सुरक्षा: हिमंत बिस्व सरमा ने आरोप लगाया है कि गौरव गोगोई के तार उन लोगों से जुड़े हैं, जो भारत की सुरक्षा के लिए खतरा हो सकते हैं।  

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कांग्रेस कैसे पलटवार कर रही है?

बीजेपी में जितने आक्रामक होकर हमले हिमंत बिस्व सरमा कर रहे हैं, दूसरे नेता नहीं कर पा रहे हैं। ज्यादातर नेता, उपेक्षा और अपमान का हवाला देकर, कांग्रेस से बीजेपी में शामिल हुए हैं। कांग्रेस लामबंद होकर, एक ही मुद्दे पर बीजेपी को घेर रही है। गौरव गोगोई, भूपेश बघेल और जितेंद्र सिंह जैसे नेता, हर मंच से दावा कर रहे हैं कि हिमंत बिस्व सरमा भ्रष्टचार में लिप्त हैं।

  • 12000 बीघा जमीन: हिमंत बिस्व सरमा पर गौरव गोगोई ने आरोप लगाया है कि उन्होंने 12,000 बीघा जमीन कब्जा लिया है। 4 फरवरी 2026 को प्रेस कॉन्फ्रेंस में गौरव गोगोई ने कहा, 'मुख्यमंत्री हिमंत बिस्व सरम और उनके परिवार ने पूरे राज्य में लगभग 12,000 बीघा जमीन हड़प ली है। करीब 3,960 एकड़ जमीनों पर उनके करीबियों का कब्जा है। यह जमीन कथित तौर पर गैरकानूनी तरीके से कब्जाई गई है।' इसके जवाब में सरमा ने 500 करोड़ रुपये का मानहानि का मुकदमा हिमंत बिस्व सरमा ने ठोक दिया है। 

  • भूमाफिया: जितेंद्र सिंह, भूपेश बघेल और देबब्रत सैकिया जैसे नेता, सार्वजनिक मंचों से बार-बार कह रहे हैं कि हिमंत बिस्व सरमा ने असम को 'फैमिली बिजनेस' बना दिया है। उनके परिवार की 17 कंपनियां हैं। सरकार ने अदाणी, अंबानी, पतंजलि जैसी कंपनियों को 40,000 बीघा से ज्यादा जमीन दी है। कांग्रेस का आरोप है कि हिमंत बिस्व सरमा को ठेकेदार टेंडर हासिल करने के लिए घूस देते हैं। उन पर 'हिमंत बिस्व सरमा टैक्स' लगाया जाता है।

  • सांप्रदायिक राजनीति: गौरव गोगोई ने हिमंत बिस्व सरमा पर मुस्लिमों के खिलाफ नफरत फैलाने, जमीन हड़पने, अतिक्रमण के नाम पर उत्पीड़न करने के आरोप लगा रहे है। जवाब में हिमंता का कहना है कि यह कांग्रेस के आरोप हैं। असम में हिमंत बिस्व सरमा का कहना है कि अगर सत्ता में आए तो अतिक्रमणकारियों के खिलाफ और अभियान तेज किए जाएंगे। 

हिमंत बिस्व सरमा:-
चुनाव के बाद जैसे ही फिर से बीजेपी की सरकार बनेगी, हम राज्यभर में अतिक्रमण हटाने पर काम करना शुरू करेंगे। हम 5 लाख बीघा अतिक्रमित जमीन खाली कराएंगे। असम में नदी के किनारे वाले इलाकों को मिलाकर कुल 50 लाख बिघा जमीन पर अतिक्रमण है। हम प्रभावशाली लोगों से भी जमीन वापस लेंगे। अतिक्रमण हटाने के बाद हम इस जमीन को गरीबों में बांट देंगे।

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कांग्रेस का करप्शन प्लान, जिसमें उलझे हैं हिमंत बिस्व सरमा 

गौरव गोगोई बार-बार कह रहे हैं कि कांग्रेस, ऐसे आरोपों को निराधार मानती है लेकिन क्या हिमंत बिस्व सरमा, अपनी पत्नी की कंपनियों का हिसाब-बही सबसे बता सकेंगे। उन्होंने असम सरकार पर डर और धमकी की राजनीति करने का आरोप लगाया है। कांग्रेस का कहना है कि जो लोग, असम सरकार की आलोचना करते हैं, उन्हें जेल भेजने की धमकी दी जाती है। सरकारी योजनाओं से वंचित किया जाता है। उन्होंने चुनाव आयोग और हिमंत बिस्व सरमा को फासीवादी तक करार दिया है। 

 

गौरव गोगोई का कहना है कि असम की जनता, नैतिक साहस को आधार बनाकर वोट करेगी। वह अपने पिता पूर्व  मुख्यमंत्री तरुण गोगोई के कार्यकाल की तारीफ  करते हैं, उनका कहना है कि असम की जनता, अब शांति, विकास और स्थिरता चाहती है।

 

सिर्फ कांग्रेस ही नहीं, रायजोर दल, असम जातीय परिषद का भी रुख, हिमंत सरमा को लेकर ऐसा ही है। कांग्रेस अपने कैंपेन में साफ-सुथरी राजनीति का वादा कर रही है। गौरव गोगोई को हिमंता, जैसे ही भ्रष्टाचार पर घेरते हैं, वे उन्हें ही जमीन के मुद्दे पर घेरने लगते है। कांग्रेस, उन्हें सांप्रदायिक ध्रुवीकरण का विलेन मानती है। आरोप-प्रत्यारोप, दोनों तरफ से लगाए जा रहे है।

 

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कब हैं असम में चुनाव?

असम में 9 अप्रैल को एक ही चरण में मतदान होगा, चुनाव के नतीजे 4 मई को आएंगे। उससे पहले राज्य का सियासी पारा गरम है, कांग्रेस और बीजेपी की जुबानी जंग बढ़ती जा रही है।