अमेरिका और इजरायल के संयुक्त हमले में ईरान तबाह हो गया है। ईरान के सुप्रीम लीडर आयतुल्ला खामेनेई मारे गए हैं। इस्लामिक रिवोल्यूशनरी गार्ड कॉर्प्स (IRGC) के शीर्ष अधिकारी मारे जा चुके हैं। इस हमले के बाद अमेरिका में कई शहरों में विरोध प्रदर्शन शुरू हो गए हैं। व्हाइट हाउस के बाहर सैकड़ों लोग जमा हुए हैं और ईरान पर हमले के खिलाफ नारेबाजी कर रहे हैं।
प्रदर्शनकारियों का कहना था कि अमेरिका को मिडिल ईस्ट में नई जंग नहीं चाहिए। डोनाल्ड ट्रंप ने हमला करके अमेरिका को आर्थिक क्षति पहुंचाई है। वह खुद शांति के लिए नोबल पुरस्कार मांग रहे हैं और ईरान को तबाह कर चुके हैं। न्यूयॉर्क, शिकागो और कई जगहों पर भीषण सैन्य हमले हुए हैं।
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क्या कह रहे हैं प्रदर्शनकारी?
व्हाइट हाउस के बाहर जमा प्रदर्शनकारियों के हाथों में 'नौ बम ऑन ईरान' और 'नो न्यू वार इन मिडिल ईस्ट' जैसे प्लेकार्ड लेकर प्रदर्शन कर रहे हैं। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि इस हमले में आम लोग मारे जा रहे हैं। हमले से ज्यादा नुकसान आम आदमी को हो रहा है।
डोनाल्ड ट्रंप ने हमले को सही ठहरा रहे हैं। उनका कहना है कि आयतुल्ला खामेनेई की मौत ईरान के लोगों के लिए आजादी का दिन है। डोनाल्ड ट्रंप के विरोधियों ने इसे गैरकानूनी बताया है। उनका कहना है कि राष्ट्रपति की ताकतों की समीक्षा होनी चाहिए।
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व्हाइट हाउस में ही घिरे ट्रंप
व्हाइट हाउस के पास सैकड़ों लोग जमा हुए हैं। इस प्रदर्शन में बच्चे भी शामिल हुए हैं। लोग ईरानी झंडे लहरा रहे हैं, लोगों का कहना है कि ईरानियों का स्वागत है। कुछ प्रदर्शनकारियों का कहना है कि ट्रंप राष्ट्रपति के तौर पर अपने ताकतों का दुरुपयोग कर रहे हैं।
ट्रंप के समर्थन में भी हो रही हैं रैलियां
ईरान में भी ईरानी सरकार के खिलाफ लोग प्रदर्शन कर रहे हैं। कई जगहों पर जश्न मनाया जा रहा है। डोनाल्ड ट्रंप बार-बार दोहरा रहे हैं कि यह हमला ईरान की आजादी के लिए है। उन्होंने कहा है कि जो सैन्य अधिकारी सरेंडर करें, उन्हें बख्श दिया जाएगा, जो नहीं करेगा, उन्हें मरना पड़ेगा। कुछ लोग ऐसे भी हैं जो 'थैंक्यू ट्रंप' चिल्लाने लगे। ज्यादातर प्रदर्शनकारी ट्रंप प्रशासन के खिलाफ हैं। उनका कहना है कि ट्रंप जब शांति की दलील देते हैं तो वह जंग की शुरुआत कर रहे होते हैं।
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न्यूयॉर्क में भी विरोध प्रदर्शन
न्यूयॉर्क के मिडटाउन में सैकड़ों लोग मार्च पर उतर आए। प्रदर्शनकारियों का कहना है कि यह लंबे आंदोलन की शुरुआत है। यूरोपीय सहयोगी देशों ने कहा कि वे इस हमले में शामिल नहीं हैं। ट्रंप की इस कार्रवाई की दुनियाभर में आलोचना हो रही है।
