मेक्सिको के सबसे बड़े ड्रग लॉर्ड नेमेसियो रुबेन ओसेगुएरा सर्वांटेस उर्फ 'एल मेंचो' की मौत एक सैन्य ऑपरेशन में हो गई। 59 साल की उम्र में यह कुख्यात ड्रग माफिया मारा गया है। वह जलिस्को न्यू जेनरेशन कार्टेल (CJNG) का मुखिया था, जिससे अमेरिका, कनाडा और मेक्सिको, तीनों देश परेशान थे।

 जलिस्को के तापलपा में सेना ने उसके खिलाफ छापेमारी की थी। इनपुट था कि वह, वहीं मौजूद है। सेना को देखकर, एल मेंचो की तरफ से गोलीबारी की गई, सेना की जवाबी कार्रवाई से उसे गोली लग गई और वह मौके पर ही मारा गया। यह ड्रग कार्टेल के खिलाफ अब तक की सबसे बड़ी कार्रवाई है।

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एल मेंचो की मौत पर सुलग उठा मेक्सिको

एल मेंचो की मौत की खबर फैलते ही उसके गुंडों ने बदले की कार्रवाई शुरू कर दी। कई राज्यों में गाड़ियां जलाई गईं, हाईवे ब्लॉक किए गए और सुरक्षा बलों से झड़पें हुईं। हिंसा जलिस्को, मिचोआकन, गुआनाजुआतो समेत कम से कम पांच राज्यों में फैल गई। आम नागरिक डरे हुए हैं। ड्रग डीलर का खौफ, पूरे मैक्सिको में था। 

कौन था एल मेंचो?

एल मेंचो, मेक्सिको के इतिहास का दूसरा सबसे बड़ा ड्रग माफिया था। वह आतंकी संगठन 'जलिस्को न्यू जनरेशन कार्टेल' (CJNG) का सरगना था। उसका पूरा नाम नेमिसियो ओसेगुएरा सर्वेंट्स था, लेकिन दुनिया उसे 'एल मेंचो' के नाम से जानती है। वह वैश्विक सुरक्षा एजेंसियों के लिए सबसे बड़ी चुनौती बना हुआ था। कभी खेतों में काम करने वाला और पुलिस की मामूली नौकरी करने वाला यह शख्स आज 'एल चापो' के बाद दुनिया का सबसे खूंखार ड्रग लॉर्ड माना जाता है।

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अपराध की दुनिया में कैसे आया?

एल मेंचो बेहद गरीब परिवार से था। उसकी मंशा, हमेशा आपराधिक थी। 1980 के दशक में वह अवैध रूप से अमेरिका में दाखिल हुआ। वहां जाते ही वह ड्रग तस्करी की दुनिया में शामिल हो गया। 19 साल की उम्र में वह चोरी के आरोप में पकड़ा गया, फिर तस्करी करने लगा। अमेरिकी प्रशासन को भनक लगी तो अधिकारियों ने उसे पकड़कर मेक्सिको डिपोर्ट कर दिया। 

मेक्सिको लौटने पर उसने अपना धंधा बदला। जब वह 30 साल का हुआ तो उसने जेलिस्को पुलिस की वर्दी पहनी। उसने कुछ वक्त तक, पुलिस अधिकारी के तौर पर काम किया। यह वर्दी उसे रास नहीं आई। वह वर्दी छोड़कर, मिलिनियो कार्टेल गिरोह से जुड़ा। जल्द की उसका कद, गिरोह में बढ़ने लगा। उसने कई हत्याएं कीं। अपनी क्रूरता और रणनीतिक दिमाग के बल पर उसने पुराने गुटों को खत्म कर अपना खुद का संगठन CJNG खड़ा किया।

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कैसे पड़ी CJNG की नींव?

साल 2009 तक, उसका कद इस हद तक बढ़ गया था कि उसने सारे पुराने ड्रग संगठनों को खत्म करके नई ड्रग कार्टल बनाया। यह वही साल था, जब उसने CJNG की नींव रखी। एल मेंचो के नेतृत्व में CJNG मेक्सिको का सबसे तकतवर और अमीर कार्टेल बना, जिसकी संपत्ति लगभग 50 बिलियन डॉलर आंकी गई। 

एल मेंचो हत्याओं के लिए बदनाम रहा है। वह सीधे हमला करने में भरोसा रखता था। दुश्मनों को खत्म करना हो या मेक्सिन सुरक्षा बलों को, वह सीधा हमला करता था। उसके जखीरे में ऑटोमैटिक गन के साथ-साथ बजूका और रॉकेट लॉन्चर जैसे हथियार थे। वह मेक्सिकन सेना के कई हेलीकॉप्टर ढेर कर चुका था। अमेरिका ने उस पर 15 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था, वह वैश्विक आतंकियों की सूची में शामिल था। 

कितना बड़ा था एल मेंचों का कारोबार?

एल मेंचो का ड्रग साम्राज्य केवल मेक्सिको तक सीमित नहीं था। उसका कारोबार उत्तरी अमेरिका के कई देशों में फैला था। उसकी जद में अमेरिका और कनाडा भी थे। यूरोप और एशिया के कई देश, उसकी तस्करी के लिए बाजार थे। चीन और जापान तक में वह ड्रग की खेप पहुंचा था। ऑस्ट्रेलिया के साथ वह काफी हद तक, सीधा कारोबार करता था। एल मेंचो, फेंटानिल और मेथामफेटामाइन जैसे खतरनाक सिंथेटिक ड्रग्स की तस्करी करता था। अमेरिकी एजेंसी DEA ने उस पर 10 मिलियन डॉलर का इनाम रखा था। अब वह अतीत का हिस्सा बन चुका है। 

 

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अमेरिका और कनाडा क्यों एल मेंचो से डरते थे?

मेक्सिको में, अमेरिका और कनाडा के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं। मेक्सिको की तस्करी की वजह से दोनों देश परेशान थे। इस ड्रग डीलर का आतंक ऐसा था कि पानी से लेकर रोड ट्रांसपोर्ट तक, सीधी तस्करी कराता था। जन समर्थन ऐसा कि जैसे किसी प्रधानमंत्री स्तर के नेता का हो। डोनाल्ड ट्रंप को, दूसरे कार्यकाल से ही यह शख्स खटक रहा था। उन्होंने धमकी भी थी कि अगर मेक्सिको, ड्रग तस्करी नहीं रोकेगा तो उस पर टैरिफों की मार बेहद बुरी होगी। 

एल मेंचो की मौत के बाद US-कनाडा का हाल क्या?

अमेरिका और कनाडा ने अपने नागरिकों को 5 मेक्सिकन राज्यों में छिपे रहने की सलाह दी है। प्रशासन का कहना है कि स्थितियां तनावपूर्ण हैं, लोग घरों में रहें, बाहर न निकलें। दोनों देशों के लोगों के खिलाफ हमले भी हो सकते हैं, क्योंकि इन्हीं दो देशों के दबाव की वजह से मेक्सिको ने ऐसी कार्रवाई की है। 

 

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कैसे मारा गया ड्रग लॉर्ड?

मेक्सिको की सेना ने तपालपा में कई एजेंसियों के साथ मिलकर एक सैन्य ऑपरेशन चलाया। शुरुआती लड़ाई में एल मेंचो भारी पड़ रहा था। सेना को एक लीड मिली कि वह कहीं फंस गया है। जवाबी कार्रवाई में उसे गोली लगी और सही लोकेशन मिल गई। सेना ने उसे पकड़ा, एयरलिफ्ट किया और मेक्सिको सिटी इलाज के लिए ले गई। इलाज के लिए ले जाते वक्त, गंभीर रूप से जख्मी होने की वजह से उसकी मौत हो गई। एल मेंचो के साथ-साथ 6 अन्य ड्रग माफिया मारे गए हैं। 3 सैनिक मारे गए हैं। उसके पास से रॉकेट लॉन्चर समेत कई खतरनाक हथियार बरामद हुए हैं। 

अब सुलग रहा है मेक्सिको

एल मेंचो छोटी हस्ती नहीं था। मेक्सिको की एक बड़ी आबादी, ड्रग, तस्करी और अपराध का हिस्सा है। एल मेंचो, वहां समानांतर सरकार चलाने की स्थति में था। तभी पुलिस ने नहीं, सेना ने उसके खिलाफ कार्रवाई की है उसके गुंडों ने 20 से ज्यादा सड़कों को जाम किया है, गाड़ियों को जला दिया, रोड ब्लॉकिंग कर दी। गुंडों का आतंक ऐसा है कि गुडालाजरा और प्यूर्टो वाल्लार्टा समेत कई शहरों हिंसा की आंच में सुलग रहे हैं। 

गुआनाजुआतो में दुकानों और फार्मेसी में अपराधियों ने आग लगा दी है। लोग डर के मारे घरों में छिप गए हैं। गवर्नर ने लोगों से घरों में रहने और हाईवे पर न निकलने की अपील की है। मेक्सिको में नेशनल इमरजेंसी के हालात हैं। 

 

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अमेरिका-कनाडा में दहशत क्यों? 

एल मेंचो के ड्रग रैकेट की मार, सबसे ज्यादा अमेरिका में पड़ी है। अमेरिका और मेक्सिको सीमा पर कड़ी निगरानी, 24 घंटे विजिलेंस और भारी सुरक्षा व्यवस्था के बाद भी इस गैंग के ड्रग, सीमा पार पहुंचते थे। एल मेंचो की मौत से, अमेरिका को सबसे बड़ी राहत मिली है। अमेरिका ने जलिस्को, तमौलिपास, मिचोआकन, ग्वेरेरो और न्यूवो लियोन में अमेरिकियों को घरों में रहने की सलाह दी है। 

 कनाडा ने भी जलिस्को और गुडालाजरा जैसे इलाके इलाकों में न जाने की सलाह दी है। कनाडा का कहन है कि प्यूर्टो वाल्लार्टा में गलती से भी लोग नजर न आएं। दोनों देशों ने कहा है कि गैर जरूरी यात्रा से बचें, केवल स्थानीय खबरों के हिसाब से ही काम करें।

मेक्सिको में एल मेंचो की मौत के बाद हालात कैसे हैं?

हिंसा की वजह से मेक्सिको के सारे बड़े आयोजन रद्द कर दिए गए हैं। साल 2026 वर्ल्ड कप के जलिस्को में होने वाले मैचों से जुड़ी तैयारियां पूरी तरह रोक दी गई हैं। क्लॉसुरा लीग मैच, वुमेन लीग और मेक्सिको-आइसलैंड के बीच होने वाले सारे मैच टाल दिए गए हैं। कई एयरलाइंस ने मेक्सिको की उड़ानें रद्द कीं हैं। एयर कनाडा ने प्यूर्टो वाल्लार्टा की उड़ानें रोक दी हैं।

अमेरिका खुश क्यों है?

अमेरिका के डिप्टी सेक्रेटरी ऑफ स्टेट ने इसे बड़ी कामयाबी बताया है। एल मेंचो को अमेरिका ने खूंखार ड्रग लॉर्ड कहा है। ट्रंप प्रशासन ने पहले ही CJNG को आतंकी संगठन घोषित किया था। मेक्सिको की राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाउम ने शांति की अपील की और कहा कि सरकार स्थिति को नियंत्रित करने में जुटी है।