अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने वैश्विक टैरिफ को 10 फीसदी से बढ़ाकर 15 फीसदी करने का एलान किया है। सुप्रीम कोर्ट ने उनके टैरिफ को गैरकानूनी बताया था, जिसके बाद डोनाल्ड ट्रंप ने यह फैसला किया है। उन्होंने सुप्रीम कोर्ट के फैसले को ही अमेरिका विरोधी बता दिया है।
बीते साल, भारत पर अमेरिका ने 25 प्रतिशत टैरिफ लगाया था। बाद में रूस से तेल खरीदने की वजह से इसे बढ़ाकर 50 प्रतिशत कर दिया गया था। अमेरिका का कहना था कि इससे यूक्रेन युद्ध में मदद मिल रही है।
फरवरी 2026 में दोनों देशों के बीच एक अंतरिम ट्रेड डील होने पर भारत पर टैरिफ घटाकर 18 प्रतिशत कर दिया गया था। डोनाल्ड ट्रंप ने कनाडा, ब्राजील और चीन जैसे देशों पर भी मनमाने तरीके से टैरिफ बढ़ाया था, जिसका अमेरिका में ही विरोध हुआ था।
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ग्लोबल टैरिफ, 10 नहीं, अब 15 फीसदी
डोनाल्ड ट्रंप, राष्ट्रपति, अमेरिका:-
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने टैरिफ पर जो निर्णय दिया है, वह अमेरिका विरोधी है। मैं अमेरिका का राष्ट्रपति होने के नाते, 10 फीसदी वैश्विक टैरिफ को बढ़ाकर 15 फीसदी कर रहा हूं।
क्यों ट्रंप ने ऐसा किया है?
डोनाल्ड ट्रंप ने ट्रुथ सोशल पर लिखा, 'कई देश कई वर्षों से अमेरिका को क्षति पहुंचा रहे थे, उन्हें जवाब नहीं दिया जा रहा था। अब कानूनी तौर पर हम इस पर आगे बढ़ रहे हैं। आने वाले कुछ महीनों में ट्रंप प्रशासन, नए और कानूनी तौर पर सही टैरिफ लागू करेगा। 'मेक अमेरिका ग्रेट अगेन' वाला काम आसान होगा।'
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डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर अमेरिका का फैसला क्या था?
अमेरिका के सुप्रीम कोर्ट ने शुक्रवार को डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ को रद्द किया था। अमेरिकी जजों ने 6-3 के बहुमत से टैरिफ के खिलाफ फैसला दिया था। डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा था कि वह अपने क्षेत्राधिकार से बाहर जाकर फैसला कर रहे हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने टैरिफ लागू करने के लिए नेशनल इमरजेंसी के लिए बने कानून, इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का गलत इस्तेमाल किया था।
