डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ प्लान पर पानी फेरने वाली कंपनी की कहानी क्या है?
एक खिलौना बनाने वाली कंपनी ने डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ अमेरिकी अदालत में केस दायर किया था। एक बार फिर से यह कंपनी चर्चा में है।

President Donald Trump, Photo Credit: PTI
अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ नीति को बड़ा झटका दिया है। सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने बिना संसद की मंजूरी के इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) का दुरुपयोग किया है। कोर्ट ने कहा कि यह ट्रंप के क्षेत्राधिकार के बाहर है।
सुप्रीम कोर्ट ने IEEPA के तहत लगाए गए टैरिफ को गैरकानूनी घोषित कर दिया गया। कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से फैसला दिया कि IEEPA कानून राष्ट्रपति को टैरिफ लगाने की शक्ति नहीं देता है। यह फैसला ट्रंप प्रशासन की व्यापार नीति को बड़ा झटका है। अमेरिकी आयातकों को अरबों डॉलर के रिफंड मिलने का रास्ता खोल सकता है।
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किस कंपनी की वजह से आया है फैसला?
डोनाल्ड ट्रंप के मनमाने फैसले की वजह से एक कंपनी ने सुप्रीम कोर्ट का रुख किया। कानूनी लड़ाई की शुरुआत इलिनोइस स्थित छोटी टॉय कंपनी 'लर्निंग रिसोर्सेज' ने की थी। कंपनी के CEO रिक वोल्डेनबर्ग ने अप्रैल 2025 में ही ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ मुकदमा दायर किया था।
जिस कंपनी ने बढ़ाई ट्रंप की मुश्किलें, वह क्या है?
'लर्निंग रिसोर्सेज' के मुख्य कार्यकारी अधिकारी (CEO) रिक वोल्डेनबर्ग हैं। 'लर्निंग रिसोर्सेज' की कंपनी ज्यादातर खिलौने चीन से आयात करती है। डोनाल्ड ट्रंप के टैरिफ से छोटे आयात पर निर्भर व्यवसायों को भारी नुकसान पहुंचा था। लर्निंग रिसोर्सेज और उसकी सिस्टर कंपनी 'हैंड टू माइंड' (Hand 2 Mine) ने इस फैसले का स्वागत किया है।
रिक वोल्डेनबर्ग ने रॉयटर्स से कहा, 'यह फैसला सभी के लिए राहत की सांस है। उम्मीद है कि यह फैसला सबको रुककर सोचने का मौका देगा कि क्या जरूरी है और क्या किया जाना चाहिए। यह टैक्स है। वे हमारा पैसा ले रहे हैं। हर अमेरिकी मानता है कि हम ज्यादा टैक्स देते हैं और कोई भी ऐसा टैक्स नहीं देना चाहता जो जरूरी न हो। अगर देश को ज्यादा राजस्व चाहिए तो कांग्रेस में खुली बहस होनी चाहिए।'
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रिक वोल्डेनबर्ग, CEO, लर्निंग रिसोर्सेज:-
उनके पास हमसे लिया गया रिकॉर्ड है। आपने हमसे पैसा लिया है, अब हमारा पैसा वापस कर दीजिए। सरकार लाखों रिफंड हर साल भेजती है, यह कोई मुश्किल काम नहीं है। यह हमारा पैसा है, वापस दो।
कंपनी के लिए क्या बदलेगा?
कंपनी पर टैरिफ का सीधा असर पड़ा। रिक वोल्डेनबर्ग ने बताया कि पिछले साल उनकी कंपनी डूब गई थी। कंपनी चीन में 30 से ज्यादा हैवी इंजेक्शन मोल्डिंग मशीनों का इस्तेमाल करती है, जो कई टन वजनी हैं। इन्हें अमेरिका में शिफ्ट करना बेहद महंगा और जटिल होगा, जिसमें दर्जनों फ्लैटबेड ट्रक और क्रेन की जरूरत पड़ेगी। चीन के पार्टनर फैक्ट्री में कुशल मजदूर हैं जो खिलौनों के सख्त सेफ्टी स्टैंडर्ड जानते हैं। अमेरिका में ऐसी क्षमता बनने में महीनों या साल लग सकते हैं।
खिलौनों पर क्या चाहते थे डोनाल्ड ट्रंप?
ट्रंप प्रशासन का दावा था कि कंपनियां मैन्युफैक्चरिंग अमेरिका में शिफ्ट कर सकती हैं, लेकिन वोल्डेनबर्ग ने कहा कि यह आपात स्थिति में बम गिरने जैसा नहीं है। सप्लाई चेन इतनी जल्दी नहीं बदल सकती।
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ट्रंप, भारत नहीं, अपना भी बिजनेस डुबो रहे
यूएस चैंबर ऑफ कॉमर्स की 2025 रिपोर्ट के बताती है। छोटे व्यवसायों में अमेरिकी आयातकों का करीब 97 फीसदी हिस्सा शामिल है। हर साल लगभग 868 अरब डॉलर के सामान आयात करते हैं। रिपोर्ट में टैरिफ को इनकी अस्तित्व के लिए खतरा बताया गया था।
ट्रंप के टैरिफ के खिलाफ 1800 से ज्यादा केस
अप्रैल 2025 से अब तक यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में टैरिफ से जुड़े 1,800 से ज्यादा मुकदमे दायर हो चुके हैं, जबकि 2024 में पूरे साल में सिर्फ 24 से कम मुकदमे थे।
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क्या उम्मीद जता रहे हैं कंपनी के मालिक?
रिक वोल्डेनबर्ग को उम्मीद है कि अब छोटी कंपनियों को राहत मिलेगी। पहले जो महंगे टैरिफ चुकाए गए हैं, उनका पैसा वापस मिलेगा। रिक का कहना है कि जब पैसे वापस मिलेंगे, तब कंपनी फिर से चलाई जाएगी।फैसले के बाद वोल्डेनबर्ग आशान्वित हैं कि पहले भुगतान किए गए टैरिफ का पैसा वापस मिलेगा। अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने बताया है कि रिफंड कैसे और कब होगा, इसके संबंध में कोई जानकारी सामने नहीं आई है। यह मामला अब यूएस कोर्ट ऑफ इंटरनेशनल ट्रेड में जाएगा जहां रिफंड की प्रक्रिया तय हो सकती है।
क्या है लर्निंग रिसोर्सेज?
यह कंपनी एजुकेशनल खिलौने बतानी है। साल 1984 से यह कंपनी, अमेरिका और पूरी दुनिया में खिलौने बेच रही है। कई चर्चित खिलौने इस कंपनी ने बनाए हैं। ये कंपनी A से Z, 1 से 100, बिना स्क्रीन वाला कोडिंग, और साइंस टेक्नोलॉजी वाले खिलौने बनाती है।
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