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टैरिफ पर ट्रंप और अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट में ठन गई जंग, दुनिया पर असर क्या?

अमेरिकी कोर्ट के फैसले से नाराज डोनाल्ड ट्रंप ने सभी देशों पर 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ लगा दिया है। वह बार-बार कह रहे हैं कि भारत हमें टैरिफ देता है, हम भारत को नहीं।

Donald Trump

अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप। Photo Credit: PTI

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अमेरिकी सुप्रीम कोर्ट ने राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की टैरिफ कूटनीति को बड़ा झटका दिया है। कोर्ट ने 6-3 के बहुमत से कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप पुराने बड़े ग्लोबल टैरिफ नहीं लगा सकते थे। ये टैरिफ इंटरनेशनल इमरजेंसी इकोनॉमिक पावर्स एक्ट (IEEPA) के तहत लगाए गए थे। कोर्ट ने कहा कि राष्ट्रपति को ऐसे बड़े टैक्स लगाने के लिए कांग्रेस की साफ मंजूरी चाहिए, जो ट्रंप के पास नहीं थी। सुप्रीम कोर्ट के इस फैसले से ट्रंप की ट्रेड पॉलिसी को बड़ा झटका लगा। कई कंपनियां और राज्य सरकारों ने ये केस दायर किया था। अब सरकार को अरबों डॉलर के टैरिफ रिफंड करने पड़ सकते हैं।

 

डोनाल्ड ट्रंप ने फैसले के बाद नाराजगी जाहिर की है। उन्होंने प्रेस कॉन्फ्रेंस में जजों के इस फैसले को 'शर्मनाक' और विदेश से प्रभावित बताया है। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि कुछ जजों ने देश के साथ गद्दारी की। उन्होंने अपने द्वारा नियुक्त दो जजों, एमी कोनी बैरेट और नील गोर्सच पर भी निशाना साधा और कहा कि फैसला उनके परिवारों के लिए शर्म की बात है। डोनाल्ड ट्रंप ने तीन डिसेंटिंग जजों क्लेरेंस थॉमस, सैमुअल अलिटो और ब्रेट की तारीफ की।

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ट्रंप का नया पैंतरा 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ

सुप्रीम कोर्ट के फैसले के तुरंत बाद ट्रंप ने नया कदम उठाया। उन्होंने ट्रुथ सोशल पर लिखा कि ओवल ऑफिस से सभी देशों पर 10 फीसदी ग्लोबल टैरिफ साइन कर दिया है। ये टैरिफ बहुत जल्दी लागू होंगे। ट्रंप ने ट्रेड एक्ट 1974 की सेक्शन 122 का इस्तेमाल किया। यह कानून पहले कभी इस्तेमाल नहीं हुआ था। इससे राष्ट्रपति 150 दिनों तक 15 फीसदी तक टैरिफ लगा सकते हैं, जिससे बैलेंस ऑफ पेमेंट्स की समस्या सुलझाई जा सके। 150 दिन बाद बढ़ाने के लिए कांग्रेस की मंजूरी चाहिए।


टैरिफ से क्या होगा?

ट्रेजरी सेक्रेटरी स्कॉट बेसेंट ने कहा कि यह नया 10% टैरिफ पुराने टैरिफ के राजस्व को बनाए रखेगा। कुछ पुराने टैरिफ अब भी लागू हैं। डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि सेक्शन 301 और सेक्शन 232 जैसे दूसरे कानूनों से और जांच शुरू की जाएगी, जिससे नए टैरिफ लग सकते हैं। 

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नए टैरिफ पर क्या बोल रहे लोग?

एक्सपर्ट्स का कहना है कि कोर्ट में नए टैरिफ चुनौती मिल सकती है, लेकिन 150 दिन की सीमा से फैसला आने से पहले ये खत्म हो सकता है। 

भारत के साथ डील पर ट्रंप ने क्या कहा?

ट्रंप ने भारत के साथ ट्रेड डील पर कहा कि कुछ नहीं बदलेगा। उन्होंने कहा, 'भारत टैरिफ देगा, हम नहीं देंगे।' ट्रंप ने पीएम मोदी की तारीफ की और कहा कि पहले भारत अमेरिका से ज्यादा टैरिफ वसूल रहा था, अब फेयर डील हुई है। डोनाल्ड ट्रंप ने दावा किया कि रूस से तेल खरीद कम करने और भारत-पाकिस्तान युद्ध रोकने में टैरिफ का इस्तेमाल किया। 

भारत पर क्या असर हो सकता है?

भारत के लिए राहत की खबर है। ग्लोबल ट्रेड रिसर्च इनिशिएटिव (GTRI) के अनुसार, भारत के अमेरिका जाने वाले निर्यात का 55 फीसदी हिस्सा अब 18 फीसदी रिसिप्रोकल टैरिफ से मुक्त हो जाएगा। ये सामान केवल स्टैंडर्ड मोस्ट फेवर्ड नेशन टैरिफ पर ही लगेंगे। यह करीब 2 से 3 प्रतिशत होगा।

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किस सेक्टर पर कोई असर नहीं होगा?

स्टील-अल्यूमिनियम पर 50 फीसदी और कुछ ऑटो कंपोनेंट्स पर 25 फीसदी टैरिफ जारी रहेंगे। स्मार्टफोन, पेट्रोलियम प्रोडक्ट्स और दवाओं जैसे 40 फीसदी निर्यात पहले से ही टैरिफ-मुक्त हैं। GTRI के फाउंडर अजय श्रीवास्तव ने कहा कि ये फैसला भारत-अमेरिका के हालिया इंटरिम ट्रेड डील को एकतरफा और बेकार बना सकता है।

भारत को डील की समीक्षा करनी चाहिए। भारत के आयातकों को राहत मिलेगी, प्रतिस्पर्धा बढ़ेगी और पुराने टैरिफ पर रिफंड की मांग हो सकती है। डोनाल्ड ट्रंप ने फैसले पर कोर्ट की आलोचना की है।

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अब आगे क्या?

डोनाल्ड ट्रंप ने कहा कि उनके पास कई महान विकल्प हैं, अमेरिका ज्यादा मजबूत बनेगा। उनका यह कदम, ग्लोबल ट्रेड में अनिश्चितता बढ़ा सकता है। कई देशों और कंपनियों पर असर पड़ेगा।


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