बांग्लादेश की पूर्व प्रधानमंत्री शेख हसीना ने कहा है कि वह जोखिम के बावजूद अपने देश लौटने के लिए तैयार हैं। अमेरिका के वॉशिंगटन में हुई एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में उन्होंने कहा कि अब मैंने फैसला कर लिया है। मुझे पता है कि लौटते ही वे मुझे मार सकते हैं, या गिरफ्तार करके यातना दे सकते हैं। शेख हसीना इस कार्यक्रम में वर्चुअल शामिल हुई थीं। 

शेख हसीना अगस्त 2024 से भारत में रह रही हैं। कट्टरपंथी छात्रों के नेतृत्व वाले आंदोलन के बाद उनकी अवामी लीग सरकार सत्ता से हट गई थी। वह बांग्लादेश कब लौटने वाली हैं, इसकी तारीख नहीं बताई है। कुछ हफ्ते पहले उन्होंने कहा था कि वे दिसंबर तक खुद लौटने का इरादा रखती हैं।

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क्या बांग्लादेश में लौटने लायक हालात हैं?

शेख हसीना ने सितंबर में कहा था कि बांग्लादेश के राजनीतिक संकट को हमेशा के लिए चलने नहीं दिया जा सकता। उन्होंने कहा था कि लौटने की तारीख, समय और जगह वह समय आने पर बताएंगी। इस साल अगस्त में हसीना ने दिल्ली में फॉरेन कॉरेस्पोंडेंट्स क्लब ऑफ साउथ एशिया के कार्यक्रम में अपनी पहली प्रेस कॉन्फ्रेंस की थी। 

 

शेख हसीना ने कहा था कि 2024 में उन्हें देश छोड़ना पड़ा, लेकिन वह अपने लोगों से कभी अलग नहीं हुईं। वापसी की संभावित तारीख पूछे जाने पर उन्होंने कहा था कि समय आने पर बताएंगी। बांग्लादेश के प्रधानमंत्री तारिक रहमान हैं, जो शेख हसीना के धुर विरोधी हैं।

भारत से क्या कह रहीं हैं शेख हसीना?

सोमवार को हसीना ने भारत सरकार और भारत के लोगों का आभार जताया। उन्होंने कहा, 'मैं अपना देश छोड़ने के लिए तैयार नहीं थी, लेकिन किसी तरह यहां पहुंच गई।'

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बांग्लादेश में आसान है शेख हसीना की राह?

शेख हसीना ने आरोप लगाया कि उनके खिलाफ 600 से ज्यादा मामले दर्ज किए गए। उनका कहना है कि जो लोग असल में अपराधों के पीछे थे, उन्हें बांग्लादेश की अंतरिम सरकार ने छूट दे दी।प्रेस कॉन्फ्रेंस में शेख हसीना के बेटे सजीब वाजेद जॉय भी मौजूद थे। उन्होंने तारिक रहमान के नेतृत्व वाली बांग्लादेश सरकार की आलोचना की। उन्होंने शेख हसीना के सत्ता से हटने के बाद से न्यायेतर हत्याओं और अवामी लीग के नेताओं को जेल में डालने के आरोप लगाए। शेख हसीना को वहां की एक अदालत ने मौत की सजा तक सुना दी है। अब अगर वह अपन देश लौटती हैं तो जेल और कानूनी कार्रवाई का डर हमेशा बना रहेगा।