हमारे शरीर के लिए विटामिन्स और मिनरल्स बहुत जरूरी होते हैं। भारत में 60% से ज्यादा लोग मैग्नीशियम की कमी से जूझ रहे हैं। National Library Of Medicine की रिपोर्ट में यह स्टडी पब्लिश हुई है। मैग्नीशियम एक जरूरी सप्लीमेंट्स है जो शरीर में 300 से ज्यादा एंजाइम्स को बांधने का काम करता है। ये आपके मसल्स, नर्वस सिस्टम और हार्ट के लिए जरूरी है। साथ ही आपके ब्लड शुगर को कंट्रोल करता है। इसके अलावा हड्डियों को मजबूत बनाए रखने में मदद करता है।

 

आज कल लोग विटामिन्स और मिनरल्स की टैबलेट्स बिना डॉक्टर की सलाह के खाने लगते हैं। इसकी वजह से आपके हृदय, किडनी समेत अन्य अंगों पर प्रभाव पड़ता है। मैग्नीशियम को अगर अधिक मात्रा में लेते हैं तो सेहत के लिए कितना खतरनाक है? किन चीजों में मैग्नीशियम पाया जाता है और कितनी मात्रा में लेना चाहिए। हमने इस बारे में न्यूट्रीप्लस की डायरेक्टर और सीनियर क्लीनिकल न्यूट्रिशनिस्ट डॉक्टर अंजलि फाटक  से बात की।

 

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ज्यादा मात्रा में मैग्नीशियम लेने से क्या नुकसान होता है?

अगर आप मैग्नीशियम को ज्यादा मात्रा में लेते हैं तो सेहत के लिए खतरनाक साबित हो सकता है। एक व्यक्ति को हर दिन 350 माइक्रोग्राम लेना चाहिए। इसमें भी जो महिलाएं हैं उन्हें 310 से 320 माइक्रोग्राम लेना चाहिए। पुरुष को प्रति दिन 400 माइक्रोग्राम से ज्यादा मैग्नीशियम नहीं लेना चाहिए। अगर आप जरूरत से ज्यादा मैग्नीशियम की टैबलेट्स लेते हैं तो पेट में दर्द, पेट में ऐंठन, उल्टी, मितली की समस्या हो सकती है। 

 

 

हृदय पर पड़ता है प्रभाव

 

मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होने से ब्लड प्रेशर कम होने लगाता है। इसकी वजह से चक्कर आने लगता है। इसके अलावा हृदय पर भी प्रभाव पड़ता है। अनियमित हार्ट बीट का खतरा बढ़ जाता है।

 

किडनी पर दबाव बढ़ता है

 

मैग्नीशियम की मात्रा ज्यादा होने की वजह से किडनी पर प्रभाव पड़ता है। कई लोग बिना डॉक्टर को दिखाए मैग्निशियम खाते रहते हैं जिसकी वजह से मसल्स कमजोर हो जाती है, सांस लेने में दिक्कत होती है। इस सब कारणों से हार्ट अटैक का खतरा बढ़ जाता है।

 

 

मैग्नीशियम की कमी से दिखते हैं ये लक्षण

  • लगातार थकान
  • तनाव या घबराहट
  • बेचैनी
  • नींद ठीक से न आना
  • मांसपेशियों में खिंचाव (क्रैम्प्स)
  • चिंता 

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किन लोगों के लिए खतरनाक है ज्यादा मैग्नीशियम?

  • लो बीपी की समस्या
  • किडनी या हार्ट संबंधी बीमारियां
  • हाइपरेटेंशन
  • जो लोग ड्यूरेटिक की दवा लेते हैं।
  • प्रेग्नेंट महिलाओं के लिए खतरनाक है।

कौन सा टेस्ट करवाएं?

अगर मैग्नीशियम की कमी है तो कितनी कमी है? इसके लिए आपको सीरम मैग्नीशियम टेस्ट करवाना पड़ेगा। ये टेस्ट बताता है कि ब्लड में मैग्नीशियम का कितना लेवल है। इस टेस्ट के हिसाब से डॉक्टर आपको सलाह देता है कि आपका खानपान बदलने से ठीक हो जाएगा। क्या सप्लीमेंट्स लेने पड़ेंगे या फिर इंजेक्शन की जरूरत है। कितने दिनों तक दवा चलेगी? इन सभी चीजों के बारे में डॉक्टर से पूछें। खुद से डॉक्टर न बनें।

 

 

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किन चीजों में मैग्नीशियम होता है?

पालक, दालें, बादाम, सीताफल के बीज, सूरजमूखी के बीज, अलसी के बीज, हरी पत्तेदार सब्जियां, बीन्स,राजमा, काला चना, अंजीर, सोयाबीन और डार्क चॉकलेट ले रहे हैं क्योंकि उसमें 70 कोको होता है। ये सभी चीजें मैग्नीशियम का अच्छा सोर्स है।

 

चाय-कॉफी का सेवन कम करें। इन दोनों की वजह से शरीर में मैगनीशियम कम एब्जॉर्ब होता है। इसके अलावा तली-भूनी चीजों का सेवन कम करना चाहिए। अगर शरीर में विटामिन डी की कमी है तो मैग्नीशियम अच्छे से एब्जॉर्ब नहीं होगा।