आज के समय में कोलेस्ट्रॉल को अक्सर एक 'विलेन' की तरह देखा जाता है। इसे कम करने के लिए हम डाइट के साथ दवाओं तक का सहारा लेते हैं लेकिन क्या आप जानते हैं कि जिसे आप दुश्मन समझ रहे हैं, वहीं आपके शरीर में विटामिन D बनाने का मुख्य आधार है? आसान शब्दों में कहें तो कोलेस्ट्रॉल वह 'कच्चा माल' है जिसके बिना शरीर सूरज की मुफ्त रोशनी मिलने के बावजूद विटामिन D नाम का 'अमृत' तैयार नहीं कर सकता।

 

अंधाधुंध तरीके से कोलेस्ट्रॉल घटाने की कोशिशें आपके शरीर के इस प्राकृतिक कारखाने को ठप कर सकती हैं।  जब शरीर में कोलेस्ट्रॉल का स्तर जरूरत से ज्यादा कम कर दिया जाता है, तो विटामिन D के अवशोषण के लिए पर्याप्त जरूरी चीजें नहीं बचते। बेहतर हेल्थ के लिए कोलेस्ट्रॉल को पूरी तरह खत्म करने के बजाय इसे संतुलित करना ज्यादा जरूरी है।


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कोलेस्ट्रॉल कैसे हैं विटामिन D की नींव?

कोलेस्ट्रॉल और विटामिन D के बीच का संबंध बहुत गहरा और दिलचस्प है। इसे समझने के लिए आप कोलेस्ट्रॉल को एक 'कच्चा माल' और विटामिन D को उससे बनने वाला 'तैयार उत्पाद' मान सकते हैं। ज्यादातर लोग कोलेस्ट्रॉल को बुरा मानते हैं लेकिन आपके शरीर के लिए यह बहुत जरूरी है। आपके शरीर में एक खास तरह का कोलेस्ट्रॉल होता है जिसे 7-Dehydrocholesterol कहते हैं। यह आपके स्किन की सतह के ठीक नीचे जमा रहता है।


जब आप धूप में निकलते हैं तो सूरज की UVB किरणें आपके स्किन पर पड़ती हैं। ये किरणें त्वचा के नीचे मौजूद खास कोलेस्ट्रॉल से टकराती हैं। जैसे ही धूप इस कोलेस्ट्रॉल पर पड़ती है, एक केमिकल रिएक्शन शुरू होता है। धूप की एनर्जी इस कोलेस्ट्रॉल के मॉल्युकल/अणुओं की बनावट को बदल देती है। इस केमिकल प्रोसेस के बाद यह विटामिन D3 में बदल जाती है।

यह कैसे काम करती है?

आपके लीवर में बनने वाला कोलेस्ट्रॉल कच्चा माल है जो स्किन तक पहुंचता है। इसके बाद सूरज की किरणें (धूप) स्किन पर पड़ती हैं जो कि  एक्टिवेटर का काम करती है। इसके बाद धूप कोलेस्ट्रॉल को 'प्री-विटामिन D' में बदल देती है जिसके बाद आपका लीवर और किडनी मिलकर इसे शरीर के इस्तेमाल लायक असली विटामिन D में बदल देते हैं।


अगर आसानी से समझना है तो किचन में मौजूद चीजों से समझा जा सकता है। ऐसे समझ सकते हैं कि कोलेस्ट्रॉल 'आटा' है जो आपके डिब्बे यानी स्किन में रखा है। सूरज की रौशनी 'आंच या गैस' है। इससे बनी हुई रोटी विटामिन D है। अगर डिब्बे में आटा (कोलेस्ट्रॉल) नहीं होगा तो आंच (धूप) होने के बावजूद रोटी (विटामिन D) नहीं बन पाएगी।


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आपको यह समझना चाहिए कि चूंकि विटामिन D कोलेस्ट्रॉल से बनता है, इसलिए जो लोग कोलेस्ट्रॉल कम करने वाली दवाइयां बहुत लंबे समय तक लेते हैं उनमें अक्सर विटामिन D की कमी देखी जाती है। ऐसा इसलिए क्योंकि शरीर के पास विटामिन D बनाने के लिए पर्याप्त 'कच्चा माल' नहीं बचता।

 

कोलेस्ट्रॉल खराब नहीं है, यह वह जरिया है जिससे आपका शरीर आपकी हड्डियों को मजबूत रखने वाला विटामिन D तैयार करता है। याद रखें, बेहतर हेल्थ के लिए कोलेस्ट्रॉल को 'जीरो' करना समाधान नहीं है संतुलन बनाए रखना ही असली समझदारी है ताकि आपकी हड्डियां भी सुरक्षित रहें और दिल भी।