आज के दौर में खराब जीवनशैली की वजह से कैंसर बीमारी का खतरा बढ़ता जा रहा है। विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) के अनुसार हर साल कैंसर मरीजों की संख्या बढ़ती जा रही है। गरीब और विकासशील देशों में कैंसर का ज्यादा खतरा है। भारत इस समय बड़ी संख्या में कैंसर जैसी बीमारी से जूझ रहा है। इंटरनेशनल एजेंसी फॉर रिसर्च ऑन कैंसर की रिपोर्ट के मुताबिक, हर साल भारत में कैंसर के मरीज बढ़ रहे हैं। आंकड़ों के मुताबिक, 2024 में 15 लाख लोग कैंसर का शिकार बने। इससे पहले 2023 में 14 लाख 96 हजार लोगों को कैंसर हुआ था और 2022 में 14 लाख 61 हजार लोग कैंसर से पीड़ित थे। इसका मतलब साफ है कि कैंसर के आंकड़े लगातार बढ़ रहे हैं।
आईएआरसी के आंकड़े बताते हैं कि भारत में मुंह के कैंसर (ओरल कैंसर) से 16.3 प्रतिशत लोगों की मौत हुई है। पिछले कुछ सालों में मुंह के कैंसर के मामले बढ़े हैं। आमतौर पर मुंह का कैंसर उन लोगों को होता है जो अत्यधिक तंबाकू और सिगरेट का सेवन करते हैं लेकिन यह बीमारी उन लोगों को भी हो सकती है जो तंबाकू नहीं खाते। अब सवाल उठता है कि मुंह का कैंसर क्या है, किन कारणों से होता है और इसके लक्षण क्या हैं।
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मुंह का कैंसर क्या है?
मुंह का कैंसर वह बीमारी है जो व्यक्ति के मुंह और उसके आसपास के हिस्सों में होती है। यह कैंसर तब होता है जब मुंह की कोशिकाएं असामान्य रूप से बढ़ने लगती हैं। ये कोशिकाएं शरीर के अन्य अंगों को नुकसान पहुंचा सकती हैं। कई कोशिकाएं मिलकर गांठ बना देती हैं, जिसे ट्यूमर कहते हैं। बढ़ती हुई असामान्य कोशिकाएं होंठ, जीभ, गालों की अंदरूनी सतह, मसूड़ों और गले को प्रभावित करती हैं।
बिना तंबाकू खाए कैसे होता है मुंह का कैंसर?
मुंह का कैंसर अक्सर खराब जीवनशैली और कुछ अन्य कारणों से होता है।
तेज धूप में रहना - जो लोग रोज लंबे समय तक तेज धूप में रहते हैं, उनके होंठों पर बुरा असर पड़ता है। सूरज की किरणों के कारण होंठों के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है।
परिवार में कैंसर का इतिहास जिन लोगों के परिवार में पहले किसी को मुंह का कैंसर हुआ है, उन्हें सावधान रहना चाहिए क्योंकि कुछ मामलों में यह बीमारी पीढ़ी दर पीढ़ी भी हो सकती है।
मुंह की नियमित सफाई न करना - रोजाना ब्रश करना जरूरी है। जो लोग लंबे समय तक मुंह की सफाई नहीं करते, उनके मुंह में संक्रमण और अन्य गंभीर बीमारियों का खतरा बढ़ सकता है।
एचपीवी वायरस (HPV) - ह्यूमन पैपिलोमा वायरस संक्रमण से भी मुंह के कैंसर का खतरा बढ़ सकता है। यह वायरस शारीरिक संपर्क से फैल सकता है। पुरुषों में इससे संबंधित मुंह के कैंसर का खतरा महिलाओं की तुलना में अधिक पाया गया है।
एपस्टीन-बार वायरस (Epstein Barr Virus) -यह एक सामान्य वायरस है और दुनिया की बड़ी आबादी कभी न कभी इससे संक्रमित हो चुकी है। आमतौर पर यह गंभीर नुकसान नहीं पहुंचाता, लेकिन कुछ मामलों में यह शरीर को प्रभावित कर सकता है। यह लार के संपर्क से फैल सकता है।
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मुंह के कैंसर के लक्षण
मुंह में छाला या घाव - यदि मुंह में छाला या घाव दो हफ्ते से अधिक समय तक ठीक नहीं होता, तो इसे नजरअंदाज नहीं करना चाहिए।
वजन घटना - बिना डाइटिंग के अचानक वजन कम होना किसी गंभीर बीमारी का संकेत हो सकता है।
कान में दर्द - यदि कान में दर्द हो लेकिन सुनने में दिक्कत न हो, तो यह गले या मुंह की किसी अंदरूनी समस्या का संकेत हो सकता है।
मुंह से खून आना - बिना किसी चोट के मुंह से खून आना गंभीर संकेत हो सकता है।
खाने निगलने में दिक्कत -यदि खाना चबाने, निगलने या मुंह खोलने में परेशानी हो, तो यह मुंह में गांठ बनने का संकेत हो सकता है।
मुंह में लाल या सफेद धब्बे -जीभ या गाल की अंदरूनी सतह पर लाल या सफेद धब्बे दिखें तो इसे सामान्य न समझें। यह कैंसर की शुरुआती चेतावनी हो सकती है।
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मुंह के कैंसर का इलाज
सर्जरी- यदि कैंसर शुरुआती स्टेज में है, तो ऑपरेशन के जरिए कैंसर वाले हिस्से को निकाल दिया जाता है।
रेडिएशन थेरेपी - इसमें किरणों की मदद से कैंसर कोशिकाओं को नष्ट किया जाता है।
कीमोथेरेपी - इसमें दवाइयों के जरिए कैंसर कोशिकाओं को खत्म किया जाता है। यह इलाज तब किया जाता है जब बीमारी ज्यादा फैल चुकी हो।
