नवरात्रि शुरू हो गई है। इन नौ दिनों तक मां दुर्गा को 9 अलग-अलग रूपों में पूजा जाता है। मां दुर्गा को प्रसन्न करने के लिए कई भक्त नौ दिनों तक व्रत रखते हैं। कुछ लोग आखिर के दिनों में व्रत रखते हैं। इस दौरान मार्केट में कुट्टू के आटे की डिमांड बढ़ जाती है। लोग कुट्टू के आटे की पूरी, पकौड़े और चीला खाना पसंद करते हैं। यह सेहत के लिए भी फायदेमंद होता है लेकिन थोड़ी सी लापरवाही करने पर आपको अस्पताल तक जाना पड़ सकता है।
कई बार कुट्टू का आटा खाने से फूड पॉइजनिंग की समस्या हो सकता है। ऐसे में अगर आप भी नवरात्रि के व्रत में कुट्टू का आटा खाते हैं तो इन जरूरी बातों का ध्यान रखें। इस बार में डाइटिशियन सुरभि वर्मा से बात की।
यह भी पढ़ें: आरजे मिट्टे सेरेब्रल पाल्सी से थे पीड़ित, जानिए लाइलाज बीमारी के लक्षण और कारण
कुट्टू का आटा खरीदते समय इन बातों का रखें ध्यान
- कुट्टू का आटा खरीदते समय उसके रंग को जरूर देखें- अगर आटे का रंग ग्रे या ब्राउन है तो उसे खरीद सकते हैं लेकिन रंग काला या पीला है तो उसे खरीदने से बचना चाहिए। इसके अलावा उसमें से दुर्गंध आ रही है तो कभी नहीं खरीदना चाहिए। खराब आटा खाने से एलर्जी, सांस फूलने और गैस बनने की समस्या हो सकती हैं। अगर आप पैकेट वाला कुट्टू का आटा खरीद रहे हैं तो उसकी पैकिंग डेट पर जरूर ध्यान दें।
- साफ डिब्बे में आटे को रखें- आटे को साफ, सूखे और हवा बंद डिब्बे में रखें। इससे आटे में नमी नहीं बनेगी। आटे को इस्तेमाल करने से पहले उसे छान लें। अगर उसमें कीड़े, गंदगी दिखाई दें तो उसका इस्तेमाल न करें। अगर आटे से बदबू आ रही है तो उसे फेंक दें।
- जितनी जरूरत हो उतना ही खरीदें- कुट्टू का आटा जरूरत से ज्यादा मात्रा में खरीदने की गलती न करें क्योंकि जल्दी खराब हो जाता है
लोग क्यों होते हैं बीमार?
बाजार में मिलने वाला कुट्टू के आटे में मिलावट की जाती है। खराब और पुराने कुट्टू के आटे में नए आटे को मिलाया जाता है जिसे खाने के बाद लोग बीमार पड़ जाते हैं। दरअसल कुट्टू के आटे में नमी जल्दी बनती है जिसकी वजह से बैक्टीरिया पनपने लगते हैं। इस आटे को खाने के बाद लोग को पेट दर्द, दस्त और उल्टी की समस्या होती है।
कुट्टू का आटा जल्दी क्यों खराब होता है?
कुट्टू के आटे में फैट होती है। हवा के संपर्क में आने से ये ऑक्सिडाइज हो सकते हैं। इसेमें लाइपेज और लाइपोक्सीजेनेज जैसे एंजाइम होते हैं जो फैट के टूटने और उसके ऑक्सिडेशन में मुख्य भूमिका निभाते हैं। अगर आटे में नमी आ जाए तो उसमें बैक्टीरिया के पनपने का खतरा बढ़ जाता है। इसलिए गर्मी, बरसात और नमी वाली जगहों पर रखने से बचना चाहिए।
यह भी पढ़ें: दिवाली से पहले इन 6 तरीकों से बचाएं पैसे, जेब पर नहीं पड़ेगा बोझ
कुट्टू के आटे की जगह पर क्या खाएं?
- कुट्टू के आटे की जगह पर सिंघाडे़ का आटा, राजगीरा का आटा, समा के चावल, आलू दही, मखाना और साबूदाना खा सकते हैं। ये सभी चीजें पोषण से भरपूर है। इन चीजों को खाने से शरीर में एनर्जी बनी रहती है।
- आप कुट्टू के आटे को इस्तेमाल करने से पहले उसकी क्वॉलिटी चेक कर लें।
- फल और नट्स खा सकते हैं।
- पर्याप्त मात्रा में पानी पीते रहे। ताकि डिहाइड्रेशन की समस्या न हों।
