हरियाणा के झज्जर जिले के बादली गांव का रहने वाला मैनपाल ढिल्ला बादली 6 हफ्ते की पैरोल पर जेल से बाहर निकला था लेकिन इसके बाद वह फरार हो गया था। पुलिस रिकॉर्ड में एक हाई-प्रोफाइल अपराधी के तौर पर दर्ज है। पुलिस के मुताबिक, उसके खिलाफ हत्या, हत्या की कोशिश, लूट, डकैती, आपराधिक धमकी और पुलिसकर्मियों पर हमला करने जैसे गंभीर आरोपों से जुड़े मामले दर्ज हैं। फरार होने के 6 साल बाद अब पुलिस ने उसे गिरफ्तार कर लिया है लेकिन इस बीच वह कंबोडिया में अपना बिजनेस और परिवार शुरू कर चुका था। 

 

एक पुलिस रिकॉर्ड में मैनपाल के खिलाफ 24 अलग-अलग आपराधिक मामलों का जिक्र है। वहीं, एक अन्य रिकॉर्ड में 22 मामलों और तीन मामलों में दोषसिद्धि हुई है। हत्या के मामले में दोषी ठहराए जाने के बाद मैनपाल हिसार सेंट्रल जेल में उम्रकैद की सजा काट रहा था। लेकिन 17 जुलाई 2018 को उसे छह सप्ताह की पैरोल मिली और इसके बाद उसकी कहानी ने अलग मोड़ ले लिया। 

 

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फर्जी पासपोर्ट बनवाकर भारत से भागा

पुलिस और खुफिया एजेंसियों की रिपोर्ट के मुताबिक, मैनपाल  ने सोनू कुमार के नाम से पासपोर्ट बनवाया था और इसमें उसने खुद को गुरुग्राम का निवासी बताया था। बाद में जांच में पासपोर्ट पर दिया गया गुरुग्राम का पता फर्जी निकला। इस मामले में एफआईआर दर्ज की गई और पासपोर्ट एक्ट के तहत भी उस पर मामला दर्ज किया गया है। मैनपाल  7 जुलाई 2019 को कोलकाता एयरपोर्ट से बैंकॉक के लिए रवाना हुआ। पूछताछ के दौरान उसने बताया कि वह करीब 20 से 22 दिन तक थाईलैंड में रहा। इसके बाद वह कंबोडिया चला गया। 

कंबोडिया में खरीदा घर

मैनपाल  के बयान के मुताबिक, कंबोडिया पहुंचने के बाद उसकी मुलाकात चेन मेटा से हुई। दोनों साथ रहने लगे और शुरुआत में मैनपाल  वहां एक शहर के एक किराये के होटल में रहता था। करीब एक महीने बाद मैनपाल  और चेन मेटा ने मिलकर 10 हजार डॉलर में एक घर खरीदा और उसमें रहने लगे। इसके बाद उसने वहां कारोबार शुरू किया। मैनपाल  ने कोंटियाई नाम से एक डिस्को और अंगकोर नाम से एक रेस्टोरेंट खोला।

भारत में पुलिस खोज रही

मैनपाल  की गिरफ्तारी के लिए भारत में पुलिस लगातार कोशिश कर रही है और उसकी गिरफ्तारी पर पांच लाख रुपये का इनाम घोषित किया था। इसी बीच वह कंबोडिया में उसने अपना घर, कारोबार और परिवार बसा लिया था। वह वहां एक आम नागरिक की तरह जिंदगी जी रहा था। मैनपाल  के मुताबिक, कंबोडिया में उसके तीन बच्चे हुए। इनमें पांच साल का बाहुबली, चार साल का भगत कुमार और एक साल की आस्था शामिल हैं।

 

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कैसे हुआ खुलासा?

भारत से निकलने के बाद मैनपाल करीब छह साल तक फरार रहा। उसकी जिंदगी में बड़ा मोड़ तब आया जब वह जुलाई 2025 में अपना वीजा रिन्यू कराने गया। मीडिया रिपोर्ट्स के मुताबिक, इसी दौरान उसकी असली पहचान सामने आ गई और इसके बाद मैनपाल  को कंबोडिया में गिरफ्तार किया गया। अधिकारियों के मुताबिक, इस महीने उसे कंबोडिया से भारत लाया गया। उसे भारत वापस लाने की कार्रवाई केंद्रीय जांच ब्यूरो ( CBI ) ने राज्य पुलिस तथा केंद्रीय गृह और विदेश मंत्रालयों के साथ मिलकर की।