प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने रिलायंस ग्रुप के चेयरमैन अनिल अंबानी और उनकी पत्नी टीना अंबानी के खिलाफ बड़ी कारवाई शुरू की है। ईडी ने दोनों को मनी लॉन्ड्रिंग और बैंक धोखाधड़ी से जुड़े एक गंभीर मामले में पूछताछ के लिए समन भेजा है। समन के मुताबिक, टीना अंबानी को 17 फरवरी और अनिल अंबानी को 18 फरवरी 2026 को एजेंसी के सामने पेश होना होगा।
यह पूरा मामला अनिल अंबानी के नेतृत्व वाली कंपनियों द्वारा बैंकों से लिए गए लगभग 40,000 करोड़ रुपये के कर्ज और उसकी कथित हेराफेरी से जुड़ा है। आपको बता दें कि यह कारवाई सुप्रीम कोर्ट के उन सख्त निर्देशों के बाद की जा रही है, जिसमें जिसमें अदालत ने एक विशेष जांच टीम (SIT) बनाने का आदेश दिया था, ताकी इस पुराने मामले को जल्द से जल्द सुलझाया जा सके।
इससे पहले भी टीना अंबानी को 9 फरवरी को बुलाया गया था, लेकिन वह ईडी के सामने नहीं पेश हुई थीं। ऐसे में एजेंसी ने उन्हें नया समन जारी किया है। अधिकारियों का मानना है कि इस पूछताछ से उन गुप्त रास्तों का पता चलेगा जिनके जरिए जनता और बैंको का पैसा विदेशों में भेजा गया था।
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SIT का गठन कैसे हुआ?
इस मामले में सबसे बड़ा मोड़ तब आया जब सुप्रीम कोर्ट ने जांच की धीमी रफ्तार पर नाराजगी जताई। अदालत के आदेश पर ईडी ने अब एक स्पेशल इन्वेस्टिगेशन टीम (SIT) तैयार की है। यह टीम केवल अनिल अंबानी की ग्रुप कंपनियों, जैसे रिलायंस कम्युनिकेशंस और रिलायंस कैपिटल के खिलाफ लगे आरोपों की जांच पर ध्यान देगी।
बैंक कर्ज की हेराफेरी का आरोप
जांच एजेंसी का मुख्य ध्यान रिलायंस होम फाइनेंस और रिलायंस कमर्शियल फाइनेंस जैसी कंपनियों पर है। आरोप है कि इन कंपनियों ने बैंकों से हजारों करोड़ रुपये का लोन लिया और फिर उस पैसे का इस्तेमाल उन कामों के लिए नहीं किया जिनके लिए लोन लिया गया था। ईडी के अनुसार इस पैसे को गुप्त तरीके से किसी और शेल कंपनियों या निजी संपत्तियों में निवेश कर दिया गया जिससे बैंकों को भारी नुकसान हुआ है।
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पुनीत गर्ग की गिरफ्तारी
हाल ही में ईडी ने रिलायंस कम्युनिकेशंस के पूर्व प्रेसिडेंट पुनीत गर्ग को गिरफ्तार किया था। गर्ग की गिरफ्तारी के बाद हुई पूछताछ में कुछ ऐसे दस्तावेज और सबूत सामने आए हैं, जो सीधे तौर पर अंबानी परिवार की ओर इशारा करते हैं। न्यूयॉर्क में खरीदी गई एक महंगी प्रॉपर्टी के मामले में पुनीत गर्ग के बयान को अब अनिल अंबानी के बयान से मिलाया जाएगा।
विदेश यात्रा पर पाबंदी
अब तक की कार्रवाई में ईडी ने रिलायंस ग्रुप से जुड़ी करीब 12,000 करोड़ रुपये की संपत्तियों को अस्थायी रूप से जब्त कर लिया है। इसके साथ ही, अनिल अंबानी के विदेश जाने पर भी रोक लगा दी गई है, ताकि वह जांच पूरी होने तक देश के बाहर न जा सकें। कोर्ट ने स्पष्ट किया है कि जांच में किसी भी तरह की ढिलाई बर्दाश्त नहीं की जाएगी
