सांख्यिकी और कार्यक्रम कार्यान्वयन मंत्रालय (MoSPI) ने 16 अक्टूबर 2026 को PAIMANA परफॉर्मेंस डैशबोर्ड का तिमाही अपडेट जारी किया है। पैमाना (PAIMANA) यानी 'प्रोजेक्ट असेसमेंट, इंफ्रास्ट्रक्चर मॉनिटरिंग एंड एनालिटिक्स फॉर नेशन-बिल्डिंग' देश में चल रहे बड़े प्रोजेक्ट्स और निर्माण कार्यों पर नजर रखने के लिए एक नया डिजिटल सिस्टम है। इसके मुताबिक वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-सितंबर अवधि में 2,236.3 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाएं मंजूर हुईं, जो पिछले साल से करीब 62.9 प्रतिशत ज्यादा है। 

 

देश में सड़कों का जाल तो बढ़ा है, लेकिन क्या बिजली और इंटरनेट जैसा इंफ्रास्ट्रक्चर भी उतनी ही तेजी से आगे बढ़ रहा है? नई रिपोर्ट में बिजली, रेलवे, हवाई यातायात, बंदरगाह और इंटरनेट नेटवर्क की प्रगति के आंकड़े भी दिए गए हैं। पढ़ें देश में सड़कें कितनी बन रही हैं, बिजली बनाने की क्षमता कितनी बढ़ी है, इंटरनेट का नेटवर्क कितना फैला है और बंदरगाहों व हवाई अड्डों पर माल की आवाजाही कितनी बढ़ी है।

 

यह भी पढ़ें: Asian Para Games: मानसी और थुलासिमथि की सेमीफाइनल में एंट्री, मेडल पक्का

सड़क की बात

रिपोर्ट के मुताबिक, वित्त वर्ष 2026-27 की अप्रैल-सितंबर अवधि में 2,236.3 किलोमीटर राष्ट्रीय राजमार्ग परियोजनाओं के लिए ठेका दिया गया, जो पिछले साल से 62.9 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं टोल अब ज्यादातर इलेक्ट्रॉनिक तरीके से कट रहा है। इस दौरान ETC लेनदेन 24.1 प्रतिशत बढ़कर 225.2 करोड़ हो गए।
इनसे 36,994.5 करोड़ रुपये का टोल संग्रह हुआ, जो 11.7 प्रतिशत ज्यादा है।

बिजली को लेकर क्या कहती है रिपोर्ट? 

मार्च 2026 तक देश में बिजली बनाने की कुल क्षमता 12.1 प्रतिशत बढ़कर करीब 5.33 लाख मेगावाट हो गई है। बात करें सौर और पवन ऊर्जा जैसे स्रोतों से बिजली बनाने की क्षमता की तो यह 29.5 प्रतिशत बढ़कर करीब 2.23 लाख मेगावाट पहुंच गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, अब देश में बिजली बनाने की कुल क्षमता का लगभग 42 प्रतिशत हिस्सा इन स्रोतों से आता है।

इंटरनेट का क्या है हाल?

रिपोर्ट के मुताबिक, अगस्त 2026 तक देश में 7,52,113 किलोमीटर ऑप्टिकल फाइबर केबल बिछ चुकी है। अप्रैल-अगस्त 2026-27 में 29,256 किलोमीटर नई केबल जुड़ी। इसके अलावा वित्त वर्ष 2025-26 में तार वाले ब्रॉडबैंड ग्राहक 12.4 प्रतिशत और बिना तार वाले (वायरलेस) ब्रॉडबैंड ग्राहक 12.9 प्रतिशत बढ़े हैं। वहीं इंटरनेट से जुड़ी ग्राम पंचायतें 2,23,814 हो गईं। अप्रैल-अगस्त में 5,352 नई पंचायतें जुड़ी हैं। 

 

यह भी पढ़ें: 30 साल बाद सेना जैसे रैंक बहाल करने क्यों जा रहा CRPF?

देश में बंदरगाह की क्या है स्थिति?

अप्रैल-अगस्त में प्रमुख बंदरगाहों पर माल की आवाजाही 7.2 प्रतिशत बढ़कर 390.4 मिलियन टन हो गई है। वहीं गैर-प्रमुख बंदरगाहों पर यह 1.8 प्रतिशत बढ़कर 313.4 मिलियन टन रही। पेट्रोलियम और कच्चे तेल से जुड़े उत्पाद सबसे बड़ी श्रेणी रहे। कुल माल में इनका हिस्सा करीब 29.2 प्रतिशत है और इसमें 3.1 प्रतिशत की बढ़त हुई।

हवाई कार्गो और रेलवे की बात

अप्रैल-अगस्त में हवाई कार्गो 12 प्रतिशत बढ़कर 18.6 लाख टन हो गया। दिल्ली हवाई अड्डे ने सबसे ज्यादा 5.3 लाख टन माल संभाला। इसके अलावा, वित्त वर्ष 2026-27 में अगस्त तक भारत आने वाले विदेशी नागरिकों की संख्या 30.49 लाख रही, जो पिछले साल की इसी अवधि से 2 प्रतिशत ज्यादा है। वहीं बात करें रेलवे की तो डिब्बों की संख्या 4.5 प्रतिशत और इंजनों की संख्या 6.4 प्रतिशत बढ़ी है।  बिजली वाले ट्रैक की लंबाई 4.8 प्रतिशत और मालगाड़ी के वैगन 5.4 प्रतिशत बढ़े।